Posted inपंचतंत्र की कहानियां, हिंदी कहानियाँ

मूर्खों को दी सीख चिड़िया ने -पंचतंत्र की कहानी

एक बार की बात, एक पहाड़ पर बंदरों की टोली रहती थी । सर्दी का मौसम था । अचानक बारिश होने लगी । इससे सर्दी और अधिक बढ़ गई । बंदर सर्दी से बुरी तरह अकुला रहे थे । एक पेड़ के नीचे उन्हें गुंजाफल दिखाई दिए । उन्हें उन बंदरों ने अंगारे समझ लिया […]

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शंकुकर्ण की कहानी -पंचतंत्र की कहानी

किसी जंगल में एक शेर रहता था । उसका नाम था वज्रदंष्ट्र । वजदंष्ट्र बड़ा शक्तिशाली था । पूरे जंगल में उसका आतंक था और पशु-पक्षी उसका नाम सुनकर ही डर जाते थे । वज्रदंष्ट्र के दो सलाहकार थे, चतुरक सियार और क्रव्यमुख भेड़िया । ये दोनों वज्रदंष्ट्र के पास ही रहते थे और अपनी […]

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घूम रहा है लोभ का विचित्र चक्र -पंचतंत्र की कहानी

किसी नगर में चार ब्राह्मण युवक रहते थे । वे ज्ञानी और योग्य थे । उन्होंने शास्त्रों का भी विधिवत अध्ययन किया था । पर गरीबी के कारण उन्हें बड़ा कष्ट झेलना पड़ रहा था । आसपास कहीं उनकी पूछ नहीं थी । हर जगह उन्हें दुत्कारा जाता । आखिर उन चारों मित्रों में से […]

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टिटिहरी के आगे हारा समंदर -पंचतंत्र की कहानी

समुद्र के किनारे टिटिहरी का जोड़ा रहता था । वे दोनों हँसी-खुशी अपना समय गुजारते थे । एक बार की बात, टिटिहरी को अंडे देने थे । उसने टिटिहरे से पूछा, “मैं अंडे कहाँ दूँ?” टिटिहरे ने कहा, “देखो, समुद्र का किनारा कितना सुंदर और स्वच्छ है । यह कितनी दूर-दूर तक फैला है । […]

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वह तो बेचारा ऊँट है! -पंचतंत्र की कहानी

किसी वन में एक शेर रहता था । उसका नाम था मदोत्कट । वह बड़ा शक्तिशाली था । बाघ, सियार, कौआ, भेड़िया उसके सेवक थे । सभी उसका आदर करते थे और मदोत्कट शेर भी अपने सेवकों का खासा खयाल रखता था । एक दिन की बात मदोत्कट शेर ने एक ऊँट को आते हुए […]

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कहानी नीलदेव की -पंचतंत्र की कहानी

किसी वन में एक सियार रहता था, जिसका नाम था चंडरव । एक दिन की बात, चंडरव सियार भटकते हुए एक गाँव में चला गया । गाँव के कुत्तों ने उसे देखा, तो उसके पीछे पड़कर बुरी तरह भौंकने लगे । चंडरव सियार कुत्तों से बचने के लिए तेजी से भागा । भागते-भागते वह एक […]

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एक थी जूँ, एक था खटमल -पंचतंत्र की कहानी

एक राजा के महल में एक जूँ रहती थी । उसका नाम था मंदविसर्पिणी । वह राजा के कपड़ों में छिपकर रहती थी और धीरे-धीरे जब मौका मिलता, राजा का रक्त पी लेती । पर वह ऐसे समय अपना काम करती थी, जब राजा असावधान होता था । इसलिए राजा को उसके होने का पता […]

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शेर और खरगोश की अमर कहानी -पंचतंत्र की कहानी

किसी वन में एक शेर रहता था । उसका नाम था भासुरक । वह बहुत बलशाली तो था ही, बड़ा अत्याचारी भी था । जंगल में चाहे जिस जानवर पर हमला करता और मारकर खा जाता । उसकी वजह से पूरे जंगल में त्राहि-त्राहि मची थी । सभी जीव परेशान थे । सोच रहे थे, […]

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मामा, तुम रो क्यों रहे हो? -पंचतंत्र की कहानी

किसी वन में एक विशाल सरोवर था । उसमें अनेक पानी के जीव रहते थे । पर ज्यादातर थीं मछलियाँ । पास ही पेड़ पर एक बगुला भी रहता था । बगुला मछलियों का शिकार किया करता था । पर अब वह बूढ़ा हो गया था, इसलिए पहले की तरह मछलियों का शिकार नहीं कर […]

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कौआ लाया सोने का हार -पंचतंत्र की कहानी

किसी वन में एक विशाल वृक्ष था । उसकी एक डाल पर कीवी का घोंसला था । कौआ और कीवी बड़े सुख से रह रहे थे । पर उनके उस सुखभरे संसार पर दुखी की काली छाया भी थी । इसलिए कि उसी पेड़ की खोखल में एक भयानक काला सांप भी रहता था । […]

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