एक था कौओं का राजा । उसका नाम था मेघवर्ण । उसने एक विशाल वटवृक्ष पर अपना डेरा डाला हुआ था । वहाँ उसने अपने लिए एक मजबूत किला बना रखा था, जिससे कोई शत्रु उसका या किसी भी कौए का अहित न कर पाए । फिर हजारों कौए हर वक्त उसकी सेवा में लगे […]
Category: पंचतंत्र की कहानियां
बच्चों से लेकर बड़े तक सभी को पंचतंत्र की कहानियां पढ़ने में बेहद दिलचस्पी होती है। विष्णु शर्मा द्वारा लिखित पंचतंत्र की कहानियां बेहद जीवंत है, ये लोगों को जीवन जीने का ढंग सिखाने के साथ ही नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी मदद करते हैं। बच्चों का मन बेहद कोमल होता है, इस उम्र में अगर उन्हें अच्छी किताबें पढ़ने को दी जाएं तो वह जीवनभर इससे मिलने वाली शिक्षाप्रद कहानियों को याद रखते हैं। सोने के पंख वाला हंसों का किस्सा, जब उल्लू का राजतिलक हुआ, एक अनमोल श्लोक ने बदल दिया जीवन, नकलची ने किया जो गड़बड़झाला जैसी कई ऐसे रोचक और शिक्षाप्रद कहानियां है, जिसे पढ़कर बच्चों को मजा आएगा और वह इन कहानियों से मिलने वाली शिक्षा को अपने जीवन में भी अवश्य उतारेंगे। हम आपके लिए और आपके बच्चों के लिए बेहद मनोरंजक पंचतंत्र की कहानियां यहां पेश कर रहे हैंं। इन्हें पढ़ने के लिए बच्चों को प्रेरित करें।
बच्चों के लिए सर्वश्रेष्ठ पंचतंत्र की रोचक और प्रेरणादायक कहानियां
अभागे सियार की कहानी -पंचतंत्र की कहानी
एक बार की बात है, एक बहेलिया जंगल में शिकार के लिए गया । कुछ दूरी पर उसे एक सूअर दिखाई दिया । बहेलिए ने न आगा सोचा, न पीछा, झट सूअर पर तीर छोड़ दिया । तीर सूअर के मर्म स्थल पर लगा और वह बुरी तरह घायल हो गया । पर उसने सोचा […]
सोमलिक, तुम्हें कैसा धन चाहिए? -पंचतंत्र की कहानी
एक था सोमलिक । वह बड़ा ही निपुण जुलाहा था । कपड़े इतने सुंदर तैयार करता कि उनकी बारीकी और बुनावट देखकर लोग अचरज में पड़ जाते थे । पर फिर भी उसे अधिक धन नहीं मिल पाता था । कभी पैसा आता, तो वह उसके पास टिकता ही नहीं था । उसके आसपास जो […]
एक अनमोल श्लोक ने बदल दिया जीवन -पंचतंत्र की कहानी
सागरदत्त थे नगर के एक बड़े धनी और प्रसिद्ध व्यापारी । उनका बेटा समझदार और बुद्धिमान युवक था जो हर वक्त कुछ न कुछ सोचता रहता था । उसने कई ग्रंथों का अध्ययन किया था और उनकी अच्छी बातों को भी अपने जीवन में उतार लिया था । इसीलिए वह चाहता था कि अपना जीवन […]
किस्सा झूठे तिलों का -पंचतंत्र की कहानी
एक गाँव में एक ब्राह्मण रहता था । वह बहुत गरीब था । बड़ी मुश्किल से उसके भोजन का प्रबंध हो पाता था । कुछ समय बाद मकर संक्रांति आई तो ब्राह्मण दान लेने के लिए घर से निकला । तभी उसके मन में आया, ‘आज का दिन बड़ा शुभ दिन है । आज किसी […]
हिरण्यक चूहे और दोस्तों की अनोखी कथा -पंचतंत्र की कहानी
एक वन में विशाल बरगद का एक पेड़ था । उस पर अनेक पक्षी रहते थे । उन्हीं में लघुपतनक नाम का कौआ भी था । वह बड़ा समझदार था तथा उसके दिल में दूसरों के लिए बड़ा प्यार और हमदर्दी थी । एक बार लघुपतनक कौए ने देखा कि एक भयानक बहेलिया कहीं से […]
मूर्ख बंदर का किस्सा -पंचतंत्र की कहानी
एक राजा की एक बंदर से खूब अच्छी दोस्ती थी । राजा उसे इतना प्यार करता था कि उसने उस बंदर को अपना अंगरक्षक बना लिया था । जहाँ कहीं राजा जाता, उसकी मदद के लिए बंदर भी जरूर साथ जाता था । प्रजा को पहले तो यह देखकर बड़ी हँसी आती थी, पर धीरे-धीरे […]
आखिर चोर ने किया उपकार -पंचतंत्र की कहानी
किसी नगर में एक विद्वान ब्राह्मण रहता था । उसमें बहुत से गुण थे, पर किसी कारण उसमें चोरी करने की बुरी आदत पैदा हो गई । यह आदत बढ़ते-बढ़ते इतनी बढ़ी कि उस विद्वान ब्राह्मण के बाकी सारे गुण पीछे छिप गए । अब वह हमेशा इसी जुगाड़ में रहता था कि किसी तरह […]
बगले के आंसू -पंचतंत्र की कहानी
किसी वन में बरगद का एक पेड़ था । उस पर बगुलों का एक समूह रहता था । उसी पेड़ की खोखल में एक भयानक सर्प भी रहता था । वह मौका पड़ते ही उन बगुलों के अंडे खा जाता था । इससे बगुले बहुत दुखी थे । उन्हें समझ में नहीं आ रहा था […]
किस्सा धर्मबुद्धि और पापबुद्धि का-पंचतंत्र की कहानी
किसी नगर में दो मित्र रहते थे । एक का नाम था धर्मबुद्धि और दूसरे का पापबुद्धि । दोनों का स्वभाव और रंग-ढंग अलग-अलग था, फिर भी मित्रता पक्की थी । लिहाजा विदेश में दोनों साथ-साथ रहे और खूब धन कमाकर लौटे । जब वे अपने शहर में प्रवेश करने लगे, तो पापबुद्धि ने कहा, […]
