Hundred Dates
Hundred Dates

Hindi Love Story: पुराने ज़माने की ट्रकों और उनके नम्बर्स, हॉर्न और ‘बुरी नज़र वाले तेरा मुँह काला’ जैसे कोट्स से सजा कोई रेस्टोरेंट इतना ख़ूबसूरत लग सकता है, उस दिन ही मैंने जाना। टायरों की शक्ल सी कुर्सियाँ और टेबल थीम में जान डाल रही थीं। एक कोने की दो कुर्सियों वाले टेबल पर मैं अपना पहला पैग ख़त्म कर चुका था और दूसरा मँगाया ही था कि वह आई जिसके इंतेज़ार में मुझ पर यह इच्छा छाने लगी थी कि ट्रकों वाले कोट्स और ज़िन्दगी पर पी-एच.डी. की जाए तो कैसा रहे।

“विश यू अ वैरी हैप्पी बर्थडे…मुआआहह…”

उसने मुझे चूमते हुए बर्थडे विश किया और गिफ्ट का एक ख़ूबसूरत लाल पैकेट, लाल ट्यूलिप के साथ मेरी ओर बढ़ाते हुए मेरे सामने आ बैठी।

“थैंक यू वैरी मच” मुस्कान बिखेरते और ख़ुशबू से नथुने तर होने को महसूसते हुए मैंने पैकेट लिया, और खोल कर देखा।

“अरे! ये है कितने का?” मैंने अंदाज़ा लगा लिया, बहुत महंगा परफ्यूम और गॉगल्स।

“हद करते हो, गिफ्ट की कोई क़ीमत देखता है?” उसके चेहरे पर उदासीनता सी हावी हुई।

“हाँ। मैं देखता हूँ, तुमने नहीं देखा लेते समय?” मैंने उसकी आँखों में देखा।

“अरे! हो गया न। जाने दो।” उसने चिढ़ते हुए कहा।

“मैं नहीं लूँगा यह।” मैंने दृढ़ता से कहा।

“मेरे गिफ्ट को मना कर रहे हो? पर क्यों?” निराशा अब रुआंसी शक्ल में बदलने लगी थी।

“हाँ! जिस दिन कमाओ उस दिन देना, तुम्हारे पापा के पैसे मैं क्यों लूँ?” मेरी फ़सादी ज़बान से बहुत ज़्यादा की उम्मीद उसे भी शायद नहीं रही हो।

मैंने बात बदली और उसकी पसंद की ड्रिंक ऑर्डर कर दी। सर्द शाम, जो मैंने उसके गिफ्ट को मना करके और भी जमा दी थी; उसे घर छोड़ने जाते तक सांसे लेती रही।