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laghu kahani

कोरोना की वजह से पिछले साल जब लॉकडाउन लगा था यह उस समय की बात है। बहुत से लोगों की तरह मेरे पतिदेव भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे। उनका स्वभाव बहुत अच्छा है इसलिए मैं उन्हें घर का कोई काम बताती तो वे सहर्ष उसे पूरा कर देते थे। एक दिन वे अपना लैपटॉप लेकर ऑफिस की कोई मीटिंग अटेंड कर रहे थे।

मैं उनकी मनपसंद सब्जी बनाने के लिए किचन में थी, जिसमें ह्रश्वयाज के छोटे-छोटे टुकड़े करके डालने थे। मैंने उनसे कहा कि वे बैठे-बैठे ह्रश्वयाज काट दें। चूंकि लैपटॉप में केवल उनका चेहरा ही नजर आ रहा था इसलिए ह्रश्वयाज काटने वाली बात गुप्त रहने वाली थी।

उधर जैसे ही उन्होंने ह्रश्वयाज काटना शुरू किया उनकी आंखों से पानी आने लगा। किचन से निकल कर मैं ह्रश्वयाज लेने आई ही थी कि उधर से उनके बॉस का कमेंट आया, ‘भाभी जी का बताया काम खुशी-खुशी किया करो सर, रोते-रोते नहीं। उनके ऐसा कहते ही पतिदेव ने मेरी तरफ देखा तो मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया, क्योंकि मेरी वजह से उन्हें अपने बॉस के सामने शॄमदा होना पड़ा।

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