Hindi Funny Story: बात तब की है जब मेरी नई-नई शादी हुई थी। मेरे जेठ जी को हंसी-मजाक करने की आदत थी, और उनकी हर बात में एक हल्का-सा मजाक छुपा रहता था। एक दिन सुबह-सुबह भाभी (यानी जेठानी) नहीं दिखीं, तो मैंने सोचा पूछने उनके कमरे में चली जाऊं।
जैसे ही मैंने दरवाजा खटखटाया और अंदर गई, जेठ जी मुस्कुराते हुए बोले, ‘लो, अब तुम्हारे सेवा के दिन आ गए। मैं उनकी बात समझ नहीं पाई और हैरानी से उनकी तरफ देखने लगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘अरे भई, तुम्हारी भाभी के पैर भारी हो गए हैं। यह सुनकर मैं एकदम आश्चर्यचकित रह गई क्योंकि उनके तो पहले से ही दो किशोर अवस्था के बच्चे थे।
फिर भी मैंने चुप रहना ही सही समझा। वह जोर से हंसने लगे और बोले, ‘नहीं भई, वैसे वाले भारी नहीं, वैसे वाले भारी। तभी जेठ जी ने ठहाका मारते हुए कहा, ‘अरे, यह रात को बाथरूम में गिर गईं और इनके पैर में चोट आ गई है। इसलिए भारी कह रहा हूं! यह सुनकर मैं शर्म से लाल हो गई।
