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गृहलक्ष्मी की कहानियां - कहां से मुंह काला कराया
Stories of Grihalakshmi

गृहलक्ष्मी की कहानियां – हमने रुककर रेनकोट पहना पर बारिश इतनी तेज थी कि हम बुरी तरह भीग गए। दोस्त के घर पहुंच कर मेरे पति घर के अंदर चले गए और मैं अपने कपड़े ठीक करके और अच्छी तरह साड़ी निचोड़ कर अपना मुंह पोंछ कर अंदर पहुंची और जोर से बोली, ताकि सभी सुन सकें। ‘लो पार्टी क्वीन आ गई।’

सबने मुझे देखा और ठहाके लगा कर हंसने लगे। हमारे मेजबान ने कहा, ‘भाभी आप कहां से मुंह काला करा आईं।’ इतना सुनना था कि मुझे गुस्सा आ गया, पर कुछ कहने से पहले ही मुझे समझ आ गया कि यह काली साड़ी से मुंह साफ करने का नतीजा है। मैं शर्मा गई और सबके साथ हंसने की कोशिश करने लगी।

गृहलक्ष्मी की कहानियां - कहां से मुंह काला कराया
Stories of Grihalakshmi

1- ब्लड शुगर

मेरी जिठानी बहुत ज्यादा और बहुत कड़वा बोलती हैं। जेठ जी बेचारे जब उनको समझा-समझा कर हार गए तो अंत में उन्होंने उन्हें कुछ भी कहना छोड़ दिया। भाभी ने अपने मेडिकल टेस्ट कराए तो उनको डायबिटीज का पता चला। उनका ब्लड शुगर बहुत बढ़ा हुआ था। शाम को भाभी ने रुआंसी आवाज में जेठ जी को बताया कि उनका ब्लड शुगर बहुत बढ़ा हुआ आया है। तब जेठ जी बोले, ‘सारी मिठास लगता है, अंदर ही अंदर घुटती रहती है, इसीलिए डायबिटीज हो गई है। मुंह पर मिठास लाओ और अंदर की कड़वाहट अंदर ही रहने दो, फिर देखो डायबिटीज कैसे भागती है।’ यह सुन भाभी शर्म से लाल हो गईं।

गृहलक्ष्मी की कहानियां - कहां से मुंह काला कराया
Stories of Grihalakshmi

2- स्पेशल गिफ्ट पापा को क्यों

बात तब की है, जब मेरी बिटिया 3 साल की थी। एक दिन मैंने उसकी किसी बात पर खुश होकर उसे शाबासी दी। ‘तुम दुनिया की सबसे प्यारी बेटी हो, इसलिए तुम्हें मेरी तरफ से यह स्पेशल गिफ्ट।’ यह कहते हुए मैंने उसे गले से लगाया और हल्का सा चुंबन उसके गाल पर ले लिया। मेरे ऐसा करते ही वह तपाक से बोल पड़ी, ‘मम्मा, पापा ने ऐसा क्या काम किया जिसके लिए आज सुबह-सुबह ऐसा ही स्पेशल गिफ्ट आपने उन्हें दिया था?’ उसके ऐसा पूछते ही पास खड़े पतिदेव और सासू मां मंद-मंद मुस्कुराने लगे। उन्हें ऐसा करते देख मैं शर्म से लाल हो गई और भागकर किचन में चली गई।

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