Yellow Color Food: यूं तो प्रकृति ने हमें कई कलरफुल फूड प्रदान किए हैं जो हमारे आहार में विविधता ही नहीं लाते, सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं। हालांकि इनमें आहार में विभिन्न पौष्टिक तत्वों से भरपूर हरे रंग की फल-सब्जियों को वरीयता दी जाती है। ऐसे में पीले, लाल, बैंगनी जैसे दूसरे रंगो के खाद्य पदार्थो की अनदेखी नहीं की जा सकती। आहार विशेषज्ञ तो रोजाना डाइट में कम से कम 5 रंग के खाद्य पदार्थ शामिल करने पर बल देते हैं। विभिन्न पौष्टिक तत्वों से भरपूर ये खाद्य पदार्थ न केवल हमारी थाली या डाइट को इंद्रधनुषी रंग प्रदान करते हैं, बल्कि बेहद स्वास्थ्यप्रद होते हैं।
पीले रंग के खाद्य पदार्थो में नींबू, पीली शिमला मिर्च, सीताफल, आलू, संतरा, कीनू, केला, आम, अन्नानास, मक्का, पीले अंगूर जैसी चीजें शामिल हैं। चूंकि धूप और खुशी का प्रतीक है, जिसके चलते पीले खाद्य पदार्थ हमारे शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। ये कई फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, मिनरल्स जैसे पोषक तत्व से भरपूर हैं। इनमें बायोफ्लेवोनाॅयड (विटामिन पी), कैरोटीनाॅयड जैसे फाइटोकैमिकल्स काफी मात्रा में पाए जाते हैं। जो शरीर से फ्री रेडिकल्स या विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालने में मदद करते हैं और शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाते है। इसके साथ ही कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं और त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक हैं।
हृदय को रखे स्वस्थ

पीले खाद्य पदार्थो में मौजूद मैगनीशियम, पोटेशियम जैसे मिनरल ब्लड में कार्टिसोल हार्मोन के लेवल को नियंत्रित रखता है। जो शरीर में बैड कोलेस्ट्राॅल को बढ़ने से रोकते हैं। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं। मैगनीशियम दिल के दौरे और स्ट्रोक रोकने में भी मदद करता है। विटामिन सी और कैरोटीनाॅयड कोलेस्ट्राॅल के ऑक्सीकरण को रोकते है और धमनियों में होने वाली ब्लड क्लाॅटिंग को रोकने में मदद करते हैं। विटामिन बी, सी और ई मस्तिष्क के भीतर गाबा हार्मोन का उत्पादन करने में सहायक होते हैं जो मांसपेशियों को टोन रखते हैं। इससे सीएडी (कोरोनरी धमनी रोग) और स्ट्रोक से हृदय की रक्षा होती है।
इम्यूनिटी करे बूस्ट
पीले रंग के खाद्य पदार्थो में मौजूद विटामिन सी, साइट्रिक एसिड, एंटी ऑक्सीडेंट हमारे ब्लड में वाइट ब्लड सेल्स को विकसित करने में मददगार हैं। वाइट ब्लड सेल्स हमारी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और विभिन्न तरह के वायरस, बैक्टीरिया या फंगस के इंफेक्शन से हमारा बचाव करने में मदद करते हैं। ये शरीर खासकर लिवर को डिटाॅक्स करने और पाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में सहायक होते है।
कैंसर के खतरे को करे कम

पीले खाद्य पदार्थो में क्यूरेसीटिन, आइसो क्यूरेटीन, एस्ट्रागालिन, पाॅली फिनोलिक फ्लेवोनाॅयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मिलते हैं। इनके नियमित सेवन सेे पेट, स्तन, ल्यूकेमिया और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम कम होता हैं।
ब्लड शूगर करे नियंत्रित
पीले खाद्य पदार्थों में स्टार्च काफी मात्रा में मिलता है लेकिन उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। इससे यह भोजन के बाद ब्लड शूगर के लेवल को बढ़ने से रोकता है। इनमें मौजूद पानी में घुलनशील पैक्टिन फाइबर और स्टार्च भी इसमें मदद करता है।
फेफड़ों की करे सुरक्षा

इनमें मौजूद कैरोटीनाॅयड एंटीऑक्सीडेंट फेफड़ों को विभिन्न तरह के इंफेक्शन से बचाव के लिए सुरक्षा कवच प्रदान करता है और उन्हे स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।
नर्वस सिस्टम को रखें हेल्दी
ब्लड बनाने में सहायक फोलेट होता है। फास्फोरस और पोटेशियम जैसे मिनरल पाए जाते हैं जो नर्व रेगुलेशन में मदद करते हैं और नर्वस सिस्टम को हेल्दी रखते हैं।
आंखों को रखे सेहतमंद

पीले खाद्य पदार्थो रेटिनाॅल यानी विटामिन ए में समृद्ध होते हैं। इनका नियमित सेवन आंखों की समस्याओं को कम करने में सहायक है। इनमें मौजूद कैरोटीनाॅयड एंटीऑक्सीडेंट शरीर में जाकर विटामिन ए में बदल जाता है जो स्वस्थ आंखों के स्वास्थ्य में सहायक है। इनमें बीटा कैरोटीन, ल्यूटिन, जैक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में मिलते हैं जो उम्र बढ़ने के साथ मोतियाबिंद, धब्बेदार अधः पतन जैसी आंखों संबंधी बीमारियों की रोकथाम में मदद करते हैं।
एनर्जी बूस्टर
फोलेट एसिड और विटामिन बी 6 से भरपूर पीले खाद्य पदार्थो का सेवन उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें थकान ज्यादा रहती है या जिनका एनर्जी लेवल कम होता है। इनमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स गुण एनर्जी प्रदान करते हैं।
पाचन प्रक्रिया चलाए सुचारू


पीले खाद्य पदार्थो में फाइबर और ब्रोमेलैन एंजाइम काफी मात्रा में पाया जाता है जो पाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में सहायक है। अपच, कब्ज, एसीडिटी जैसी अम्लता से होने वाली समस्याओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एनीमिया होने से बचाए
विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद करता है। इसलिए पीले खाद्य पदार्थो के नियमित सेवन से व्यक्ति एनीमिया या खून की कमी का शिकार होने से बच जाता है।
त्वचा को बनाए स्वस्थ

पीले खाद्य पदार्थो में बायोफ्लेनाॅयड काफी मात्रा में पाया जाता है। यह स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी विटामिन सी की आपूर्ति करने में मदद करता है और त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है। जिससे त्वचा मुलायम और चमकदार होती है और उस पर बढ़ती उम्र के असर धीमा हो जाता है। इनमें मिलने वाला विटामिन ए त्वचा को सूरज की अल्ट्रावाॅयलेट किरणों से बचाने में मदद करता है।
हड्डियों और जोड़ों के लिए फायदेमंद
इनमें मौजूद विटामिन सी, मैंगनीज, कैल्शियम, मैगनीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस जैसे मिनरल्स काफी मात्रा में होते हैं। येे तत्व हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
मूड बूस्टर
पीले खाद्य पदार्थों में मौजूद ट्राइप्टोफाॅन नामक एमिनो एसिड डिप्रेशन, व्याकुलता और तनाव कम करके मूड रिलेक्स करने में मदद करते है। ट्राइप्टोफाॅन हमारे शरीर में सुखद सिरोटीन हार्मोन को कंवर्ट करता है जिससे हम तनावरहित हो जाते हैं।
रोजाना डाइट में करें शामिल
मौसम के अनुसार पीले खाद्य पदार्थ हमें रोजाना डाइट में शामिल करने चाहिए। नींबू पानी या सलाद में डाल कर ले सकते हैं। कद्दू सप्ताह में दो-तीन बार जरूर लेना चाहिए। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है। पीली शिमला मिर्च भी ले सकते है। केला रोज 2-3 ले सकते हैं। अन्नानास सप्ताह में एक-दो बार ले सकते हैं।
(डाॅ मुक्ता वशिष्ठ, प्रिंसिपल डाइटीशियन, सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली )
