ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय: World Osteoporosis Day 2023
World Osteoporosis Day 2023

World Osteoporosis Day: ऑस्टियोपोरोसिस या पोरस बोन्स हड्डियों की डिजनरेटिव बीमारी है। वैसे तो हड्डियां एक मजबूत पिलर के समान शरीर को कायम रखती हैं जिसे कैल्शियम रूपी सीमेंट मजबूती प्रदान करता है। लेकिन कई कारणों से हड्डियों में मौजूद कैल्शियम धीरे-धीरे कम होने लगता है। हड्डियां खोखली और कमजोर हो जाती हैं। दवाब पड़ने, हल्की-सी चोट लगने या दुर्घटना से हड्डियां आसानी से पिचक सकती हैं या टूट सकती हैं। इसमें व्यक्ति की कूल्हे, रीढ़ या घुटने की हड्डियों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है।

किस पर होता है सबसे ज्यादा असर

पहले जहां इसे अक्सर उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बीमारी माना जाता था। वर्तमान में अनियमित जीवनशैली और व्यायाम के प्रति लापरवाही के कारण कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। 50 वर्ष की उम्र के बाद तकरीबन 80 प्रतिशत महिलाओं में और 60 वर्ष की उम्र के बाद लगभग 60 प्रतिशत पुरुषों में पाई जाती है। मेनोपाॅज के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के कम होने लगता है। जिससे हड्डियों के क्षरण होने लगता है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़जाता है। वहीं पुरुषों में 60 साल की उम्र के बाद टेटास्टैराॅन हार्मोन की कमी की होने से बोन मास डेंसिटी कम होनी शुरू हो जाती है। धीरे-धीरे हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं और सेनाइल ऑस्टियोपोरोसिस की संभावना रहती है।

ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से हड्डियों में कमजोरी को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपचार भी सहायक हैं-

  • सेब का सिरका- एक कप पानी में 2 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर रोजाना एक बार पिएं। सेब के सिरके में कैल्शियम, पोटेशियम और मैगनीशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हड्डियों के मजबूती प्रदान करते हैं।
  • नारियल का तेल-आहार में रोजाना 3-4 चम्मच वर्जिन नारियल तेल का इस्तेमाल करें। बाहरी तौर पर नहाने से पहले नारियल तेल की मसाज करना भी फायदेमंद होता है। महिलाओं में मेनोपाॅज के बाद एस्ट्रोजन की कमी के प्रभाव को कम करने में सहायक है। नारियल के तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को संक्रमण से बचाता है। साथ ही शरीर में कैल्शियम और मैगनीशियम के अवशोषण में मदद करता है।
  • दूध-रोजाना कम से कम 1-2 गिलास फैट रहित दूध जरूर लें। दूध कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर होता है जो हड्डियों में बोन डेंसिटी को कम होने से बचाता है।
  • बादाम और बादाम का दूध- बादाम का दूध का सेवन हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। रात को भीगे हुए और छिलका उतारकर तकरीबन 10-12 बादाम रोजाना खाना फायदेमंद है। बादाम में फ्लेवोनाॅयड्स एंटीऑक्सीडेंट काफी मात्रा में मिलते हैं जो हड्डियों को क्षति पहुंचने से रोकने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद मैगनीशियम, मैंगनीज़ और पोटेशियम हड्डियों को स्वस्थ रखने में सहायक है।
  • तिल- तिल के बीजों में कैल्शियम और फास्फोरस काफी मात्रा में मिलता है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में प्रभावी है। सब्जी पकाने में या सलाद में भुने तिल मिलाकर सेवन करें। या फिर एक चम्मच भुने तिल गर्म दूध के साथ लेना फायदेमंद है।
  • अंकुरित सोया- सोया स्प्राउट्स में मौजूद काॅमेस्ट्राॅल फाइटोएस्ट्रोजन कंपाउंड ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम में काफी कारगर होता है। खासकर मेनोपाॅज से गुजर रही महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी के प्रभाव को कम करने में सहायक है। रोजाना एक छोटी कटोरी स्प्राउट्स खाना फायदेमंद है।
  • आंवला- आंवला कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाने में सहायक होता है, जिसकी वजह से बोन डेंसिटी अच्छी बनी रहती है। रोजाना एक आंवला खाना लाभकारी है।
  • त्रिफला- एक गिलास पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाकर रोजाना एक बार सेवन करें। आयुर्वेदिक औषधि त्रिफला मेरोबालन, बहेड़ा और आंवला का मिश्रण है, जो हड्डियों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है।
  • सूखा आलूबुखारा- इसमें पॉलीफेनोल्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है जो हड्डियों को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। रोजाना 2-3 आलूबुखारे का सेवन करना फायदेमंद है।
  • धनिया- एक कप गर्म पानी में 2 चम्मच धनिया के बीज मिलाएं। 5-10 मिनट ढककर रखें। छान कर और थोड़ा सा शहद मिलाकर दिन में 2 बार पिएं। आहार में हरे धनिए का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। धनिए में मैगनीशियम, आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज़ जैसे मिनरल्स काफी मात्रा में मिलते हैं। यह हड्डियों को होने वाले नुकसान को कम करने और रोकथाम करने में मदद करता है।
  • अदरक- इसमें मौजूद जिंजराॅल कंपाउंड हड्डियों को मजबूत करता है, साथ ही उनमें होने वाले दर्द, सूजन में भी आराम पहुंचाता है। एक चम्मच कसा अदरक एक गिलास पानी में डालकर उबालें। थोड़ा ठंडा होने पर पिएं।
  • अनानास- भोजन से पहले एक कटोरी ताजा अनानास का सेवन करें। अनानास में मौजूद मैंगनीज कैल्शियम जैसे मिनरल बोन डेंसिटी को रोकने में मदद करते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे में बचाने में सहायक हैं।
  • ऐलोवेरा- हड्डियों की समस्याओं को दूर कर मजबूत और लचीला बनाता है। ऐलोवेरा जेल को पानी में मिलाकर दिन में दो बार जूस लें। जेल से जोड़ों की मालिश करना फायदेमंद रहता है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां- सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों खासकर बथुए का रोजाना सेवन करना फायदेमंद है। ये सब्जियां कैल्शियम और दूसरे मिनरल्स से भरपूर होती हैं जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं।
  • धूप का आनंद लें- विटामिन डी का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत धूप है। विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। रोजाना कम से कम 15-20 मिनट धूप जरूर सेंकें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें- बोन डेंसिटी को कम होने से बचाने के लिए नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करना जरूरी है। कार्डियो, वाकिंग, जाॅगिंग, योगा जैसे अपनी पसंद के व्यायाम रोजाना कम से कम 40 मिनट करें।
  • रहें एक्टिव-हड्डियों को हैल्दी रखने के लिए एक्टिव रहना बहुत जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 से 40 मिनट वाॅकिंग और वेट-बियरिंग एक्सरसाइज करें। ज्यादा देर तक बैठे न रहें ए 20 मिनट बाद खड़े हों और 5.10 मिनट टहलें या मसल्स को स्ट्रेच करके बैठे। लेटे या बैठे हुए भी अपने पैर बराबर हिलाते रहें और मसल्स को जोर से दबाएं और रिलेक्स करें।

(डाॅ संजीव कुमार, नेचुरोपैथ, दिल्ली)