Women Health
Irritation In Women Credit: Istock

Women Irritability with Age: आपने अक्‍सर देखा होगा कि कुछ लोग बेवजह गुस्‍सा करते हैं, हर बात पर चिड़चिड़ाते हैं या चीजों को लेकर असंतुष्‍ट रहते हैं… आपको बता दें कि ऐसा व्‍यवहार व्‍यक्ति जानबूझ कर नहीं करता बल्कि इसके पीछे कई कारण जिम्‍मेदार हो सकते हैं। खासकर महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ ऐसे लक्षण अधिक देखे जा सकते हैं। आखिर अधिकतर महिलाएं ही क्‍यों चिड़चिड़ाहट का शिकार होती हैं। आपने कभी सोचा है कि ऐसी स्थिति में महिलाओं के मन में क्‍या विचार आते हैं या वह क्‍या सोचती हैं, शायद नहीं। तो चलिए जानते हैं महिलाओं के चिड़चिड़े व्‍यवहार की असल वजह और इसके निदान के बारे में।

क्‍या है चिड़चिड़ापन

what is irritability
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ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्‍यक्ति बिना किसी वजह गुस्‍सा करने लगता है। उसे अपने या दूसरे के काम पसंद नहीं आते। चिड़चिड़ाहट कोई बीमारी नहीं है लेकिन इसकी वजह से व्‍यक्ति को तनाव और डिप्रेशन जरूर हो सकता है। जब व्‍यक्ति अपनी बात को खुलकर नहीं रख पाता या किसी मानसिक समस्‍या का सामना कर रहा होता है तो चिड़चिड़ापन उसके व्‍यवहार में देखा जा सकता है।

महिलाओं में चिड़चिड़ापन बढ़ने के कारण

जैसे-जैसे महिलाएं जीवन के विभिन्‍न चरणों से गुजरती हैं वैसे-वैसे उनके मूड और भावनाओं में बदलाव होने लगता है। उम्र बढ़ने से ज्ञान और अनुभव मिलता है लेकिन कई मामलों में महिलाओं का चिड़चिड़ापन भी बढ़ सकता है। चिड़चिड़ापन के लिए ये कारण जिम्‍मेदार हो सकते हैं।

हार्मोनल चेंजेज: प्रीमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान होने वाले उतार-चढ़ाव महिलाओं के मूड को नियंत्रित कर प्रभावित कर सकते हैं। जैसे-जैसे एस्‍ट्रोजन और प्रोजेस्‍टेरोन के स्‍तर में गिरावट आती है महिलाओं का चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।

नींद में बाधा: हार्मोनल चेंजेज अक्‍सर नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकते हैं। अनिद्रा, रात में पसीना आना और बार-बार जागना महिलाओं को आरामदायक नींद से वंचित कर सकता है। जिस वजह से वह दिन के समय अधिक चिड़चिड़ी हो जाती हैं।

हेल्‍थ इशू: उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं को विभिन्‍न शारीरिक असुविधाएं हो सकती हैं जैसे माइग्रेन, सिर में दर्द, तनाव, पीसीओडी या अर्थराइटिस। लगातार दर्द और हेल्‍थ इशू महिलाओं में निराशा को बढ़ा देते हैं जिससे वह चिड़चिड़ी हो जाती हैं।

अधिक जिम्‍मेदारियां: महिलाओं पर परिवार, घर , बच्‍चे और ऑफिस की कई जिम्‍मेदारियां होती हैं। उम्र के साथ सभी चीजों को मैनेज करना कई बार चुनौतिपूर्ण हो जाता है। ऐसी स्थिति में तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।

चिड़चिड़ाहट में क्‍या सोचती हैं महिलाएं

What do women think when they are irritated
What do women think when they are irritated

अक्‍सर महिलाएं तब चि‍ड़चिड़ाती हैं जब उनके मन में किसी बात को लेकर निराशा या गुस्‍सा होता है। ऐसी स्थिति में महिलाएं हर विषम परिस्थिति के लिए खुद को कसूरवार ठहराती हैं। वह अपनी मन की बात किसी से कह नहीं पाती जिसकी वजह से वह केवल सोच में डूबी रहती हैं। हालांकि कई महिलाएं गुस्‍सा करने के बाद गिल्‍टी फील करती हैं।

चिड़चिड़ेपन को कम करने के लिए क्‍या करें

– इस समस्‍या से निपटने के लिए जरूरी है कि महिलाएं किसी से अपने मन की बात कहें।

– परिवार के सदस्‍य उनकी भावनाओं को समझें और उन्‍हें खुलकर बात करने दें।

– महिलाएं अपना ध्‍यान भटकाने के लिए योग और मेडिटेशन करें।

– कुछ समय अपने पार्टनर के साथ बिताएं।

– दूसरों से अपेक्षाएं कम करें।

– समय मिलने पर घूमने जाएं या दोस्‍तों के साथ समय बिताएं।