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अनियमित पीरियड्स

क्या आप को पता है कि जब भी महिलाओं को मासिक धर्म होता है तो उन के व्यवहार में चिड़चिड़ापन व कुछ अन्य बदलाव देखने को मिलते हैं। इसका कारण उस समय होने वाला दर्द, थकावट व मूड में होने वाला बदलाव हो सकता है। परंतु क्या आप ने कभी नोटिस किया कि मासिक धर्म के दौरान महिलाएं बहुत ज्यादा चिड़चिड़ी हों जाती हैं। इसके पीछे क्या कारण हो सकता है? 

”मैं पीरियड्स से पहले बहुत उदासी महसूस करती हूं. पिछली बार पीरियड्स आने से पहले ही मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ था कि मैं दुखी हो जाऊं लेकिन फिर भी मैं बहुत उदास हो गई थी. मन कर रहा था कि कहीं भाग जाऊं लेकिन किससे भाग रही हूं ये पता नहीं था. आत्मविश्वास नहीं था और असुरक्षित महसूस कर रही थी. मेरा पूरा दिन रोते हुए बीता.”

डॉक्टरों के मुताबिक ऐसा साइकिल के दौरान होने वाले एस्ट्रोजेन व प्रोजेस्ट्रॉन जैसे हार्मोन्स में आने वाला बदलाव इस का कारण हो सकता है। यह सभी हार्मोन्स हमारे सेक्सुअल इच्छाओं को जगाने वाले हार्मोन्स होते हैं। 

2013 में एक अध्ययन किया गया जिसमें कुछ महिलाओं पर एक परीक्षण किया गया। उनकी नॉर्मल दिनों की सेक्सुअल इच्छा व उनके पीरियड वाले दिनों की सेक्सुअल इच्छा दोनों को अलग अलग रिकॉर्ड किया गया। इस रिसर्च में पाया गया कि एस्ट्रोजेन व प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन्स के बदलाव ने इनी महिलाओं की सेक्सुअल इच्छाओं को बहुत प्रभावित किया। यह हार्मोन्स आप के पहले दिन इतने ज्यादा नहीं बढ़ते हैं परन्तु दूसरे व तीसरे दिन बहुत अधिक बढ़ना शुरू कर देते हैं। इस से हो आप की इच्छाएं जागृत होती हैं। यह भी संभव है कि आप इन हार्मोन्स की गैर मौजूदगी में इनकी मौजूदगी से भी अधिक होरनी फील कर सकें। 

यदि आप यह सोच रही हैं कि इन हार्मोन्स के घटने या बढ़ने के कारण आप के मासिक धर्म में कुछ गडबड होगी तो बता दें कि ऐसा कुछ भी नहीं होगा। आप के हार्मोन्स बदलते रहते हैं और इससे आप के पीरियड्स में कोई फर्क नहीं पड़ता। इससे केवल आप की सेक्स के प्रति इच्छाओं में बदलाव हो सकता है। परंतु कुछ महिलाएं कहती हैं कि यदि वे पीरियड्स के दौरान भी सेक्स करती हैं तो उन्हें उस समय होने वाले पेट दर्द से थोड़ी बहुत राहत मिलती है।

आप की सेक्सुअल फीलिंग्स पीरियड के दौरान आप के मूड को प्रभावित करती हैं। अतः यह जरूरी होता है कि आप उस समय अपने शरीर को वह दें जिस की उसे आवश्यकता है। तो क्या हम कह सकते हैं कि पीरियड्स के दौरान होने वाली हॉर्निंस केवल हार्मोन्स में बदलाव के कारण होती है। इसका उत्तर है नहीं। यह महिलाओं के शारीरिक कंफर्ट पर निर्भर करता है। कुछ महिलाओं को उस समय ज्यादा सेक्स अच्छा लगता है तो कुछ महिलाओं को नहीं अच्छा लगता है। 

कुछ महिलाओं को अपने दर्द से निजात पाने के लिए सेक्स एक लास्ट ऑप्शन दिखाई देता है तो कुछ महिलाओं को यह करने से मन की शांति मिलती है। इस दौरान आप को सेक्स करना है या नहीं यह आप की चॉइस है। यदि आप इस समय हार्नी महसूस नहीं भी करती हैं तो ऐसा नहीं है कि आप के साथ कुछ ग़लत है। आप पूरी तरह से ठीक एवं स्वस्थ हैं।

परंतु यदि आप को लगता है कि पीरियड्स के समय आप बहुत दुखी व स्ट्रेस से युक्त रहती हैं तो आप सेक्स कर सकती हैं क्योंकि सेक्स व ओर्गास्म चिंता व स्ट्रेस को कम करने में सहायक होते हैं। इसलिए कुछ महिलाएं अपने मासिक धर्म के दौरान सेक्स के लिए बहुत उतावली हो जाती हैं। परंतु फिर भी सेक्स करना या न करना यह पूरी तरह आप की पर्सनल चॉइस है। किसी तरह के दबाव में आ कर ऐसा न करे।

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