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हालांकि मेनोपॉज एक कुदरती प्रक्रिया है, कोई रोग नहीं, लेकिन कई महिलाओं के शरीर में हो रहे बदलाव उनके रोज़-मर्रा की जिंदगी में समस्याएं खड़ी कर सकते हैं। इस लेख से जानें मेनोपॉज से जुड़ी कुछ जरूरी बातें।

कुदरती रूप से जब महिलाओं में मासिक धर्म चक्र पूरी तरह बंद हो जाता है तो उस स्थिति को रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) कहते हैं। रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) में महिलाएं मां बनने की क्षमता खो देती हैं। महिलाओं के लिए शरीर की ये अवस्था उनके लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर बहुत सारे बदलाव लाती है। लेकिन ये कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर की सामान्य गतिविधि है, जो उम्र के साथ आती है। भारत में महिलाओं में रजोनिवृत्ति की उम्र आम तौर पर 45-50 के बीच होती है।

रजोनिवृत्ति क्या है

रजोनिवृत्ति में मासिक धर्म (पीरियड्स) का चक्र बाधित होता है। साथ ही महिला प्राकृतिक रूप से गर्भवती (प्रेग्नेंट) नहीं हो पाती है, क्योंकि फिमेल सेक्स हार्मोन का फंक्शन उम्र के साथ कमजोर होने लगता है। अंडाशय, अंडा निष्कासित करना बंद कर देता है, इससे पीरियड्स भी नहीं होता है। महिलाओं में इन सब कारणों से गर्भधारण की क्षमता भी नगण्य हो जाती है।

रजोनिवृत्ति क्यों होती है

अधिकतर महिलाओं में मासिक धर्म के आखिरी तारीख के लगभग चार साल पहले से रजोनिवृत्ति के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। रजोनिवृत्ति होने के कई साल पहले से शरीर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का निष्कासन करना धीरे-धीरे कम करने लगता है। ये हार्मोन मासिक धर्म होने और गर्भधारण करने में मदद करते हैं। इसकी कमी से पीरियड्स होना बंद हो जाता है और मां बनने की क्षमता भी खत्म होने लगती है।

रजोनिवृत्ति के संकेत और लक्षण

पेरिमेनोपॉज यानी मेनोपॉज के पहले पीरियड्स का अनियमित होना शुरू होता है और मेनोपॉज में पीरियड होना बिल्कुल बंद हो जाता है।

  • अनियमित मासिक धर्म का जो चक्र होता है, उसमें परिवर्तन आने लगता है।
  • हॉट फ्लैश महसूस होना यानी अचानक हद से ज्यादा गर्मी महसूस होने लगती है।
  • मूड का बदलना

मेनोपॉज के बाद सेक्स हार्मोन के कम होने के कुछ लक्षण-

  • वजाइना का ड्राई होना
  • सेक्स की इच्छा में कमी
  • उसके कारण सेक्स करने के दौरान दर्द होना
  • ऑर्गेज्म तक पहुंचने में मुश्किल होना
  • यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने की ज्यादा संभावना

डॉक्टर कैसे निर्धारित करते हैं मेनोपॉज के कारण

वैसे तो पीरियड्स बंद हो जाने पर मेनोपॉज का पता चल जाता है। लेकिन समय से पहले हुआ तो डॉक्टर पीरियड्स बंद होने के दूसरे कारणों का पता लगाने के बाद ही इस बात की पुष्टि करते हैं। इसके अलावा आपके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखकर डॉक्टर ब्लड टेस्ट करने की सलाह भी दे सकते हैं-

  • थायराइड फंक्शन टेस्ट
  • ब्लड लिपिड प्रोफाइल
  • लीवर फंक्शन टेस्ट्स

क्या मेनोपॉज होने पर प्रेगनेंसी हो सकती है

पेरिमेनोपॉज के दौरान ये कहना मुश्किल होता है कि कब पीरियड्स होगा, फ्लो कम होगा या ज्यादा होगा। लेकिन जब तक पीरियड्स हो रहा है गर्भधारण (प्रेग्नेंट) होने की संभावना को पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता है।

व्यायाम करें और वजन पर नियंत्रण रखें

वजन पर नियंत्रण रखने के लिए अपने रोज के कैलोरी इनटेक को कम करने की कोशिश करें। रोज 20-30 मिनट तक व्यायाम जरूर करें। इससे आपको एनर्जी मिलेग और नींद अच्छी आएगी। आप सेहतमंद रहेंगी।

धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन न करें

अगर आपने सिगरेट और शराब पीना नहीं छोड़ा तो ये रजोनिवृत्ति के दौरान के लक्षणों को और भी बदतर अवस्था में ले जा सकती है। इसलिए इन दोनों के सेवन से बचें।

मेनोपॉज के लक्षणों को कैसे करेंगे कंट्रोल

अगर मेनोपॉज के लक्षण समय के साथ कम नहीं हो रहे हैं और ये आपके रोजमर्रा के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है तो इलाज की जरूरत होती है। हार्मोन थेरेपी से इस स्थिति को संभाला जा सकता है। जैसे-

  • हॉट फ्लैश
  • रात में पसीना आना
  • वैजाइनल एंट्रॉपी (वजाइना का शुष्क हो जाना)
  • ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी कमजोर हो जाना)
  • अनिद्रा (इनसोमनिया) के लिए स्लीप मेडिकेशन 

यह भी पढ़ें –मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए 11 प्राकृतिक तरीके

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