अंडाश्य की गतिविधि घटने और महिलाओं में स्वभाविक प्रक्रियाओं के कम होने के कारण menopause के दौरान कई लक्षण दिखने लगते हैं। जैसे रक्त वाहिकाओं के विस्तार के कारण रात में बार-बार पसीना आता है, जिससे नींद आने में कठिनाई महसूस होने लगती है। इसके साथ ही महिलाओं को जोड़ों में दर्द, सोचने या चीजों को याद रखने में परेशानी होना, पेशाब में दिक्कत और मूड बदलने की शिकायत भी हो सकती है। मासिक चक्र में बदलाव, बाल झड़ना या चेहरे पर अधिक बाल उगना मेनोपॉज़ के दौरान महिलाओं में पाये जाने वाले कुछ सामान्य लक्षण होते हैं। इस दौरान इतने बदलाव हो रहे होते हैं तो जाहिर सी बात महिलाओं को अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए उचित पोषण की आवश्यकता भी होती है। ताकि वो इस समय को आसानी से पार कर सके। यहां हम आपको बता रहें कि महिलाओं को रजोनिवृत्ति के दौरान कौन-कौन से पोषक तत्वों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। 
 
Menopause के दौरान आदर्श आहार में शामिल हैं: 
 
1. कैल्शियम – रजोनिवृत्ति के दौरान बोन मास तेजी से घटता है। इसलिये रजोनिवृत्ति के दौरान यह जरूरी है कि महिलायें प्रतिदिन भरपूर मात्रा में कैल्शियम और विटामिन से युक्त आहार का सेवन करें। इस अवस्था में प्रतिदिन 1200एमजी से अधिककैल्शियम का सेवन करने की सलाह दी जाती है। 
 
2. आयरन –महिलाओं को इस दौरान प्रतिदिन आयरन से भरपूर खाद्य-पदार्थो का सेवन करना चाहिए। मछली, हरी पत्तेदार सब्जियां, रागी, मेवों और अंडों में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। इन चीजों को अपने खाने में शामिल करें ताकि दैनिक आहार में पर्याप्त आयरन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।  
 
4. फाइबर – फाइबर युक्त भोज्य-पदार्थ रजनोनिवृत्ति के दौरान खाएं ताकि इस दौरान होने वाले बदलावों को आपका शरीर आसानी से स्वीकार सके। उच्च रेशे (फाइबर) युक्त आहार में साबुत अनाज, ताजे फल और सब्जियां शामिल हैं। 
 
5. पानी –Menopause के दौरान डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है, इसलिये इस दौरान प्रतिदिन 2-3 लीटर पानी पीने की सलाह दी जाती है। साथ ही घर पर निकाले गए जूस भी पीना अच्छा रहता है। 
 
इन बातों का रखें ध्यान 
 
  • उच्च वसायुक्त भोजन की मात्रा घटायें – हार्मोनल परिवर्तन के कारण महिलाओं का वजन इस अवधि के दौरान बढ़ सकता है, इसलिये वसा युक्त भोजन की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
  • मोटापे से बचने के लिये प्रतिदिन नियमित तौर पर व्यायाम किये जाने की सलाह दी जाती है। 
  • नमक और शक्कर के इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाना चाहिये क्योंकि अधिक सोडियम के सेवन से उच्च रक्तचाप की शिकायत हो सकती है। 
  • इस चरण में व्यायाम करना महत्वपूर्ण है। यह न सिर्फ हार्मोनल संतुलन में मदद करता है, बल्कि पाचन तंत्र को सुधारता है और तनाव, अवसाद और चिंता को कम करता है। 

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