Mukesh Chhabra Revelation
Mukesh Chhabra Revelation

Overview: मुकेश छाबड़ा ने याद किया वह पल, जब ‘रहमान डकैत’ का ऑफर सुनते ही अक्षय खन्ना ने सवालों की बौछार कर दी

मुकेश छाबड़ा और अक्षय खन्ना का यह किस्सा सिर्फ एक डांट की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच को दर्शाता है जो एक कलाकार को खास बनाती है। ‘रहमान डकैत’ के रोल को लेकर अक्षय की साफगोई और ईमानदारी यह साबित करती है कि सच्चा अभिनेता वही होता है, जो हर किरदार को पूरी समझ और जिम्मेदारी के साथ चुनता है।

Mukesh Chhabra Revelation: बॉलीवुड में कास्टिंग के दौरान कई ऐसे किस्से जन्म लेते हैं जो बाद में दिलचस्प कहानियों की तरह सामने आते हैं। ऐसा ही एक किस्सा कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने हाल ही में साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि फिल्म धुरंधर में ‘रहमान डकैत’ का रोल ऑफर करने पर अक्षय खन्ना ने उन्हें कैसे डांट दिया था। यह वाकया न सिर्फ अक्षय की ईमानदारी दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि वह अपने किरदारों को लेकर कितने सजग और गंभीर रहते हैं।

जब मुकेश छाबड़ा लेकर पहुंचे ‘रहमान डकैत’ का ऑफर

मुकेश छाबड़ा के मुताबिक, जब उन्होंने धुरंधर के लिए कास्टिंग शुरू की, तो ‘रहमान डकैत’ का किरदार बेहद मजबूत और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। उन्हें लगा कि इस रोल के लिए अक्षय खन्ना से बेहतर विकल्प शायद ही कोई हो। पूरे आत्मविश्वास के साथ वह यह ऑफर लेकर अक्षय के पास पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि सामने से ऐसा रिएक्शन आएगा।

‘पागल हो गया है क्या?’ – अक्षय खन्ना की पहली प्रतिक्रिया

जैसे ही मुकेश छाबड़ा ने रोल का जिक्र किया, अक्षय खन्ना ने बिना किसी भूमिका के सीधे सवाल दाग दिया—“पागल हो गया है क्या?”। यह सुनकर मुकेश कुछ पल के लिए चौंक गए। अक्षय का मानना था कि हर किरदार सिर्फ नाम या स्क्रीन प्रेजेंस के लिए नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि वह अभिनेता की उम्र, इमेज और सोच से मेल खाता है या नहीं।

किरदार को लेकर अक्षय की साफ सोच

अक्षय खन्ना ने मुकेश को समझाया कि ‘रहमान डकैत’ जैसा रोल सिर्फ दमदार होने से काफी नहीं है। उनके अनुसार, किरदार की मनोस्थिति, उसकी यात्रा और कहानी में उसका महत्व भी उतना ही जरूरी है। अक्षय ने यह भी कहा कि वह किसी भी भूमिका को तभी हां कहते हैं, जब उन्हें लगे कि वह उसे पूरी सच्चाई और ईमानदारी से निभा पाएंगे।

मुकेश छाबड़ा को मिली एक नई सीख

इस पूरे अनुभव को याद करते हुए मुकेश छाबड़ा ने माना कि अक्षय खन्ना की प्रतिक्रिया ने उन्हें कास्टिंग के प्रति एक नया नजरिया दिया। उन्होंने समझा कि एक अच्छे अभिनेता के लिए रोल सिर्फ एक मौका नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी होता है। यह किस्सा उनके लिए एक प्रोफेशनल सबक बन गया, जिसे वह आज भी याद रखते हैं।

इंडस्ट्री में अक्षय खन्ना की अलग पहचान

अक्षय खन्ना हमेशा से ही बॉलीवुड में अपनी चयन प्रक्रिया और सशक्त अभिनय के लिए जाने जाते हैं। वह कम फिल्में करते हैं, लेकिन जब भी स्क्रीन पर आते हैं, अपनी छाप छोड़ जाते हैं। ‘धुरंधर’ के इस किस्से ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भीड़ से अलग चलने में यकीन रखते हैं और समझौते से दूर रहते हैं।

मेरा नाम वंदना है, पिछले छह वर्षों से हिंदी कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हूं। डिजिटल मीडिया में महिला स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, बच्चों की परवरिश और सामाजिक मुद्दों पर लेखन का अनुभव है। वर्तमान में गृहलक्ष्मी टीम का हिस्सा हूं और नियमित...