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टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज को लेकर लोगों में अब जागरूकता आने लगी है। लेकिन अब टाइप 5 डायबिटीज लोगों को शिकार बना रही है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की ओर से टाइप 5 डायबिटीज को एक नई बीमारी माना गया है।
type 5 diabetes symptoms : डायबिटीज एक साइलेंट किलर बीमारी है। यह आपके शरीर को धीरे-धीरे अंदर से कमजोर कर सकती है। साथ ही आपको कई अन्य बीमारियों का शिकार बना सकती है। टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज को लेकर लोगों में अब जागरूकता आने लगी है। लेकिन अब टाइप 5 डायबिटीज लोगों को शिकार बना रही है। टाइप 5 डायबिटीज के विषय में आज भी लोग बहुत कम जानते हैं। आइए आज जानते हैं क्या है टाइप 5 डायबिटीज।
दुनियाभर के 25 मिलियन लोग प्रभावित

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की ओर से टाइप 5 डायबिटीज को एक नई बीमारी माना गया है। यह कुपोषण के कारण होती है। यह डायबिटीज का एक नया रूप है, जिससे दुनियाभर में करीब 25 मिलियन लोग पीड़ित हैं। डायबिटीज का यह प्रकार टाइप 1 और टाइप 2 दोनों से काफी अलग है। यह कुपोषित, दुबले किशोरों और युवाओं को ज्यादा प्रभावित करती है।
कब होती है टाइप 5 डायबिटीज
जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई 18.5 kg/m2 से भी कम होता है। वे इस डायबिटीज से ज्यादा पीड़ित हो सकते हैं। बॉडी स्कैन से पता चलता है कि स्वस्थ वयस्कों में वसा का प्रतिशत 20 से 25% होता है। वहीं टाइप 5 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में यह मात्र 10 से 12% ही होती है।
ऐसे समझें दोनों में अंतर
टाइप 2 डायबिटीज का मुख्य कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस है। वहीं टाइप 5 डायबिटीज में पैंक्रियाज इंसुलिन बनाता तो हैं, लेकिन बॉडी हार्मोन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया नहीं कर पाती है। शोध बताते हैं कि शरीर में वसा की मात्रा कम होने के कारण यह समस्या ट्रिगर होती है। अगर कोई शख्स आहार में भरपूर फाइबर, प्रोटीन और पोषक तत्वों का सेवन नहीं कर रहा है तो भी टाइप 5 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ सकता है।
पहचानें टाइप 5 डायबिटीज के लक्षण
टाइप 5 डायबिटीज के लक्षण भी टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के जैसे ही हैं। इससे पीड़ित लोग बहुत ज्यादा थकान महसूस करते हैं। उनका वजन तेजी से कम होता है। वे बार-बार किसी न किसी संक्रमण का शिकार होते रहते हैं।
मां की सेहत पर दें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार टाइप 5 डायबिटीज को रोकने के लिए गर्भावस्था में हर मां की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। क्योंकि कुपोषण की शुरुआत गर्भ से ही होने लगती है। अगर गर्भस्थ शिशु को पूरा पोषण नहीं मिलता है तो उसे टाइप 5 डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। हालांकि जरूरत से ज्यादा पोषण भी बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि इससे उनको टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि गर्भवती मां को सही और संतुलित पोषण दिया जाए।
ऐसे हो सकता है उपचार
टाइप 5 डायबिटीज से बचाव ही इसका उपचार है। हालांकि दवाओं से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। अपने आहार में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाकर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करने से फायदा हो सकता है। साथ ही अन्य पोषक तत्वों के सेवन पर ध्यान देना जरूरी है।
