Overview:हर थोड़ी देर में भूख लगना केवल आदत नहीं, बल्कि आपके शरीर की एक चेतावनी भी हो सकती है
बार-बार भूख लगना सिर्फ एक आम आदत नहीं, बल्कि शरीर का इशारा भी हो सकता है कि कुछ सही नहीं है। अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है और सामान्य उपायों से भी ठीक नहीं हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।
Feeling Hungry Again And Again: भूख लगना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन जब हर थोड़ी देर में पेट में कुछ खाने की इच्छा हो, तो यह सामान्य नहीं माना जाता। कुछ लोग इसे पेट का लालच समझ लेते हैं, तो कुछ इसे एक्टिव मेटाबॉलिज्म का असर। लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा गहरी हो सकती है। बार-बार भूख लगना आपकी दिनचर्या, खानपान, या फिर शारीरिक व मानसिक सेहत से जुड़ा संकेत भी हो सकता है। आइए जानते हैं इसके पीछे छुपे कारणों को विस्तार से।
गलत खानपान की आदतें
अगर आपका खाना पोषण से भरपूर नहीं है और सिर्फ पेट भरने तक ही सीमित है, तो शरीर बार-बार ऊर्जा मांगता है। प्रोसेस्ड फूड, मीठा या तला-भुना खाने से तुरंत भूख तो मिटती है, लेकिन ये लंबे समय तक पेट नहीं भरते।
नींद की कमी
कम नींद का सीधा असर आपकी भूख से जुड़े हार्मोन ‘घ्रेलिन’ और ‘लेप्टिन’ पर पड़ता है। जब आप पूरी नींद नहीं लेते, तो शरीर भूख बढ़ाने वाले हार्मोन को ज्यादा रिलीज करता है, जिससे बार-बार खाने का मन करता है।
तनाव और चिंता
मानसिक तनाव में अक्सर लोग ‘इमोशनल ईटिंग’ की ओर झुकते हैं। इससे न सिर्फ भूख बार-बार लगती है, बल्कि बिना ज़रूरत के ज़्यादा खा भी लिया जाता है।
डायबिटीज़ या ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव
बार-बार भूख लगने का एक बड़ा कारण टाइप-2 डायबिटीज़ या फिर ब्लड शुगर लेवल का असंतुलन भी हो सकता है। जब शरीर ग्लूकोज़ को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो लगातार ऊर्जा की ज़रूरत महसूस होती है।
पानी की कमी को भूख समझना
अक्सर प्यास को भी हम भूख समझ बैठते हैं। जब शरीर डिहाइड्रेट होता है, तो दिमाग उसे भूख का संकेत मान लेता है। इसलिए बार-बार कुछ खाने का मन हो रहा है तो एक ग्लास पानी पीकर देखना चाहिए।
तेज़ मेटाबॉलिज्म
कुछ लोगों का मेटाबॉलिज्म बहुत तेज़ होता है, जिससे शरीर ज्यादा जल्दी कैलोरी बर्न करता है और बार-बार खाने की डिमांड करता है। ये आमतौर पर एक्टिव लोगों या युवाओं में ज्यादा देखा जाता है।
हार्मोनल असंतुलन
थायरॉइड जैसी समस्याओं में भी भूख लगातार बनी रहती है। हॉर्मोनल गड़बड़ियों से शरीर का ऊर्जा स्तर, वजन और भूख का संतुलन बिगड़ सकता है।
