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Aerobics

Stay Fit : रोज-रोज वॉकिंग, हर दिन एक ही तरह के वर्कआउट, जिम में भारी भरकम मशीनों के साथ पसीने-पसीने हो जाने से बेहतर है कि कुछ ऐसे वर्कआउट हों जिसमें मस्ती-मस्ती में कैलोरीज बर्न हो जाएं और पता भी ना चले। ऐसे वर्कआउट के लिए भी डांस से अच्छा ऑप्शन और भला क्या हो सकता है। कभी तेज तो कभी हल्की धुन पर थिरकते पांव आपकी फिटनेस में नई जान लाते हैं। कुछ ऐसे डांस फॉर्म जिन्हें नियमित रूप से करने से आप फिट के साथ-साथ हो जाएंगे कूल भी।

कंटेम्परेरी का नशा
जैज या कंटेंपरेरी डांस फॉर्म बैले से ईजाद हुआ है। ये डांस भी एक कंप्लीट वर्कआउट है। हल्के म्यूजिक पर मूव करती आपकी बॉडी, उसके साथ आपके कमाल के एक्सप्रेशंस जैज या कंटेंप्ररी डांस को और भी खूबसूरत बनाते हैं। हाथ पैर के साथ आपका पूरा शरीर एक अलग ही एनर्जी महसूस करता है। इस डांस से आपकी कोर मसल स्ट्रॉन्ग होती हैं। कंधे, बांह, पैर के साथ-साथ ये पूरे शरीर को फिट रखता है। पूरी बॉडी में फुर्ती आती है और बॉडी लीन लगती है। इस डांस के लिए सही टेक्नीक की जानकारी होनी जरूरी है। इसलिए इस डांस को आप किसी डांस ट्रेनर या फिटनेस ट्रेनर के साथ ही करें।
इंडियन क्लासिकल का जादू
अगर आप कैलोरी बर्न करना चाहते हैं, साथ ही इंडियन क्लासिकल डांस के शौकीन भी हैं तो ये आपके लिए एक बेहतरीन वर्कआउट साबित होगा। ये डांस फॉर्म योगा से काफी हद तक प्रभावित है। इसमें योग की मुद्राएं अपनाई जाती हैं। कत्थक में पैरों के मूवमेंट पर जोर दिया जाता है तो वहीं भरतनाट्यम में हाथों की मुद्राओं पर विशेष बल दिया जाता है। कुचिपुड़ी ओडिसी नृत्य योगा की कई शैलियों से प्रेरित है। क्लासिकल डांस से शरीर का पोस्चर सही रहता है और शरीर में लचीलापन आता है जिसकी वजह से वजन नियंत्रित रहता है।।

बैले से कीजिए बैलेंस

बैले ऐसा परफॉमेंस डांस है जिसकी शुरुआत 15वीं शताब्दी में इतालवी नवजागरण न्यायालयों में हुई और आगे चलकर फ्रांस, इंग्लैंड और रूस में इसे एक समारोह नृत्य शैली के तौर पर जाना और पहचाना गया। आपने बैलेरिना (बैले डांसर) को काफी फिट देखा होगा। बैले से कमर के आसपास की चर्बी समाप्त होती है और शरीर पूरी तरह से टोन होता है। फिटनेस के लिए यह एक बेहतरीन वर्कआउट है। हालांकि ये बहुत ही कठिन डांसफॉर्म है, जिसमें कई व्यायाम शामिल हैं लेकिन अगर इसे किसी ट्रेनर के संरक्षण में करें तो आसानी से सीखा जा सकता है। इसे खासतौर पर बार (डंडा) के साथ किया जाता है। इस डांस में टोज (अंगूठे) पर खड़े होकर शरीर को बैलेंस करके सर्कल में घूमते हैं। बैले के लिए आरामदायक जूते पहने और ड्रेस फ्लेक्सिबल होनी चाहिए।
डांडिया खेलिए वजन घटाइए-
डांडिया डांस फॉर्म गुजरात की सांस्कृतिक पहचान हैं और अब ये नृत्य विधाएं तेजी से गुजरात के बाहर भी जगह बना रही हैं। नवरात्र उत्सव में ये एक अच्छा ग्रुप डांस माना जाता है, जिससे काफी कैलोरी बर्न होती हैं। हाथ और पैर दोनों के मूवमेंट्स पर काफी ध्यान दिया जाता है। डांडिया खेलना खेलकूद में हिस्सा लेने जैसा ही है।
इसे कहते हैं हिप हॉप
जबरदस्त एनर्जी और बेहतरीन परिणाम देने वाला ये ऐसा डांस है जो आपको पूरी तरह से फिट रखने में मददगार है। इसे करने के लिए काफी सावधानी की जरूरत होती है इसलिए इसे किसी ट्रेनर की निगरानी में ही करें। शरीर में झटके लगते हैं, जिससे आपकी कैलोरी बर्न होती है। इस डांस के लिए बहुत ज्यादा प्रैक्टिस की जरूरत होती है। चूंकि इस डांस में ज्यादा एनर्जी लगती है इसलिए डाइट का विशेष ध्यान रखें। अच्छे म्यूजिक के साथ अलग-अलग मूवमेंट हिप हॉप को मस्त बनाता है साथ ही आपकी बॉडी को रखता है फिट एंड फाइन। फ्री स्टाइल होने से शरीर भी लचीला रहता है।

भांगड़ा पाले

थोड़ी सी मस्ती और ढ़ेर सारी कैलोरी बर्न करने के लिए भंगड़ा है डांस का ऐसा फंडा जो हमेशा से हिट और फिट रहा है। उछल कूद के साथ पंजाबी बीट पर थिरकते कदम, बल्ले-बल्ले मूवमेंट जहां एक तरफ मस्ती का माहौल बना देते
हैं वहीं दूसरी तरफ आप ढोल की धुन पर कितनी कैलोरी बर्न कर देते हैं, पता भी नहीं चलता। भांगड़ा में शोल्डर के साथ पूरे शरीर का वर्कआउट होता है। ये बहुत ही एनर्जी वाला डांस फॉर्म है,जिसका प्रभाव आप आसानी से देख सकते हैं।

Bhangra
Bhangra

हिप्स टोन विद सालसा

तेज झटके के साथ किया जाने वाला यह डांस तेजी से कैलोरी घटाता है। युवाओं के बीच काफी पसंद किया जाने वाला डांस है। इसमें शाइन जैसी एक प्रक्रिया होती है, जिसमें दो लोग चक्कर के साथ घूमते हैं। इसके लिए डांस पार्टनर का होना जरूरी होता है। ढिंनचैक मस्ती वाला डांस है सालसा। इसमें टिप्स हिलाने का मूवमेंट होता है जिससे बॉडी शेप में रहती है। डांस का बाप जुंबा जुंबा डांस कई डांस फॉर्म का मिश्रण है जैसे सालसा,मिरैंगे। इसमें काफी कैलोरी बर्न होती है।आजकल कैलोरी बर्न करने के लिए लोग जुंबा क्लासेस की ओर रुख कर रहे हैं। आज के दौर में ये एक बेहद प्रचलित फॉर्म है जिसे ग्रुप में किया जाता है। फास्ट म्यूजिक के साथ पूरे शरीर का मूव आपको एक अलग ही एनर्जी देता है।जुंबा डांस करते वक्‍त उछल-कूद करनी होती है। इस डांस से आपके फेफड़े मजबूत होते हैं। जुंबा डांस एक बेहतरीन फिटनेस प्रोग्राम है जिसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने से आप स्‍लिम और ट्रिम हो जाएंगे।

salsa
salsa

डांस जैसा अहसास एरोबिक्स

एरोबिक्स कार्डियो वैस्क्यूलर मूवमेंट है जिसमें कैलोरी फैट बर्न होता है, जिसके जरिए आप स्लिम होते हैं। एरोबिक्स के दौरान खूब पसीना आता है। रिदमिक मूवमेंट होते हैं, जिससे हार्ट रेट सही रहता है। जल्द से जल्द वजन कम करना हो और वो भी बिना बोर हुए तो बस म्यूजिक की धुन पर छोटे-छोटे मूव के साथ कीजिए एरोबिक्स। ये डांस नहीं है लेकिन इसमें हम डांस का अहसास कर सकते हैं। ये एक ऐसी एक्सरसाइज है, जिसे सॉन्ग पर स्टैप बाई स्टैप कर सकते हैं। मनोरंजन के साथ आपके शरीर कीचर्बी बहुत ही तेजी से घटती है। एरोबिक्स के स्टेप्स में सबसे ध्यान देने वाली बात होती है पैरो और हाथों के मूवमेंट में आपसी तालमेल का होना। किस वक्त करें डांस डांस के लिए निर्धारित समय की आवश्यकता नहीं होती। यानी किसी भी वक्त डांस किया जा
सकता है, बस ध्यान रहे कि खाना खाने के तुरंत बाद डांस ना करें। कम से कम एक घंटे बाद ही डांस करें। शाम के वक्त डांस करना सबसे अच्छा है। रात का वक्त टैंगो, सालसा, डांडिया के लिए बेहतर होता है। हफ्ते में तीन दिन डांस आपको फिट रखने के लिए काफी है। बाकी दिन नॉर्मल डांस या फिर हल्के फुल्के वर्कआउट से खुद को फिट रखें।

फन विद टैंगो
टैंगो ऐसा डांस है जो स्पैनिश और अफ्रीकी संस्कृति से प्रभावित है। ये बहुत ही आसानी से किया जाने वाला डांस है। टैंगो फिटनेस इंस्ट्रक्टर किरन का कहना है कि इस डांस से आपके शरीर का पोस्चर सही रहता है। इसमें योगा और मेडिटेशन के भी गुण होते हैं। ये बहुत ही स्मूद डांस फॉर्म है, जिसमें कई सारे मूव लेने होते हैं। इससे मसल्स स्ट्रांग होती है। इसके लिए आपके साथ डांस पार्टनर भी होना चाहिए। इस डांस के जरिए आप उतनी कैलोरी बर्न कर सकते हैं जितनी वॉकिंग में आप करते हैं। रोज कुछ मिनट का टैंगो डांस आपको फिट रखता है। ध्यान रखें इन चीजों का
* धीरे-धीरे वॉर्मअप करें।
* ज्यादा उछल-कूद न करें।
* कूलडाउन और स्ट्रैंचिंग करें।
* टेक्नीक पर जरूर ध्यान दें।
* हल्का भोजन लें।
* कम से कम 30 मिनट से एक घंटे टाइम दें।
* शुरुआत में धीरे-धीरे डांस करें।
* किसी भी तरह के दर्द में डांस ना करें।
* भारी शरीर वाले किसी ट्रेनर की निगरानी में डांस करें।
वार्मअप क्यों जरूरी
 खिंचाव न हो।
 मसल्स में दर्द न हों।
 शरीर एक्टिव हो जाए।
 व्यायाम का ज्यादा फायदा हो।
 शरीर का तापमान बढ़ जाए।
 हार्ट रेट बढ़ जाए।
 मानसिक और शारीरिक तौर पर आप वर्कआउट के लिए तैयार रहें।

डांस से फायदे
 बोरिंग वर्कआउट से निजात।
 मूड को सही रखता है डांस।
 शरीर को लचीला और फुर्तीला बनाता है।
 सीखकर घर पर भी किया जा सकता है।
 ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है।
 ऊर्जा बढ़ती है, शरीर हमेशा फिट रहता है।
 ज्यादा कैलोरी बर्न होती है।
 तनाव दूर होता है। 
(फिटनेस सॉल्यूशन, ग्रेटर कैलाश की
फिटनेस एक्सपर्ट किरण साहनी से की गई
बातचीत पर आधारित)