Summary: धैर्य ही वज़न घटाने की कुंजी है
वज़न घटाना सिर्फ़ डाइट और जिम से नहीं होता, बल्कि रोज़मर्रा की छोटी आदतें इसमें सबसे बड़ी रुकावट बनती हैं। नाश्ता छोड़ना, नींद की कमी और एक्टिव न रहना जैसे कारण आपकी पूरी मेहनत को बेअसर कर सकते हैं।
Weight Loss Bad Habits: वजन घटाने के बारे में बात हो तो लोग अक्सर लोग सिर्फ़ डाइट चार्ट या जिम की मेंबरशिप तक ही अपनी सोच को सीमित रखते हैं, जबकि असलियत कुछ अलग ही है। वजन घटाने के लिए बहुत से लोग ईमानदारी से कोशिश करते हैं। कम खाते हैं, वर्कआउट करते हैं, पूरी तरह से अनुशासन में रहते हैं। इन सब कोशिशों के बाद भी उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिलता। इसकी वजह ज़्यादातर कोई बड़ी गलती नहीं, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की कुछ ऐसी आदतें होती हैं जो दिखती तो साधारण हैं, लेकिन धीरे-धीरे हमारी पूरी मेहनत को बेअसर कर देती हैं। ये आदतें धीरे-धीरे हमारी लाइफ़स्टाइल का हिस्सा बन जाती हैं और हमें इसका एहसास भी नहीं होता। दरअसल वज़न घटाने की राह में सबसे बड़ी अड़चन यही आदतें बनती हैं। जब तक हम
इन आदतों को पहचानते और सुधारते नहीं हैं, तब तक कोई भी डाइट या एक्सरसाइज़ लंबे समय तक असर नहीं दिखा पाती है।
नाश्ता ना करना

बहुत से लोग सोचते हैं कि नाश्ता छोड़ देने से कैलोरी कम होंगी और वज़न जल्दी घटेगा। बल्कि नाश्ता न करने से मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है और बार-बार भूख लगती है। इसका नतीजा यह होता है कि आप ज़्यादा खाते हैं, वो भी अनहेल्दी चीज़ें।
खाने की आदत
टीवी देखते हुए स्नैक्स खाना, मोबाइल स्क्रॉल करते समय कुछ चबाते रहना या तनाव होने पर ओवरईटिं। जब हम भूख के बजाय आदत या भावनाओं के कारण खाते हैं, तो शरीर को ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरी मिलती है। इसी आदत के चलते माइंडफुल ईटिंग अपनाना बेहद ज़रूरी है।
नींद की कमी
कम नींद और बढ़ता वज़न आपस में जुड़े हैं। जब नींद पूरी नहीं होती, तो भूख बढ़ाने वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं और पेट भरने का संकेत देर से मिलता है। इसके अलावा थकान के कारण एक्सरसाइज़ करने की इच्छा भी कम हो जाती है। रोज़ 7–8 घंटे की नींद वज़न घटाने की प्रक्रिया को आसान बनाती है।
दिनभर बैठे रहना
वर्क फ्रॉम होम और स्क्रीन लाइफ़स्टाइल ने शारीरिक गतिविधि को बेहद कम कर दिया है। सिर्फ़ आधा घंटा वर्कआउट करना काफी नहीं होता। हर घंटे थोड़ी देर चलना, स्ट्रेच करना और एक्टिव रहना ज़रूरी है। बैठे रहने से शरीर में आलस बढ़ने लगता है।
पानी कम पीना

प्यास को अक्सर हम भूख समझ लेते हैं। कम पानी पीने से मेटाबॉलिज़्म भी सुस्त पड़ जाता है और फैट बर्निंग की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना न सिर्फ़ भूख को कंट्रोल करता है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है।
हेल्दी दिखने वाले अनहेल्दी फूड
लो-फैट, शुगर-फ्री या डाइट फ़ूड जैसे प्रोडक्ट्स अक्सर वजन बढ़ने का कारण बनते हैं। इनमें छुपी हुई शुगर, सोडियम और प्रिज़र्वेटिव्स शामिल हो सकते हैं, जो वज़न घटाने में बड़ी परेशानी कड़ी करते हैं। पैक्ड फ़ूड खाने से बचें।
जल्दी ना करें
वज़न घटाने में सबसे बड़ी मानसिक रुकावट है,जल्दी रिज़ल्ट की उम्मीद। जब कुछ हफ्तों में बदलाव नहीं दिखता, तो लोग हार मान लेते हैं या गलत शॉर्टकट अपनाने लगते हैं। हमेशा याद रखें, अच्छी तरह वज़न घटाना एक लम्बी प्रक्रिया है, जिसमें धैर्य बेहद ज़रूरी है।
