Menaka Guruswamy is the focal point, dressed in a professional navy blue blazer and a white patterned shirt. She is set against a background of white bookshelves filled with "Supreme Court Cases" (SCC) law volumes, signaling her legal expertise.
Menaka Guruswamy is the focal point, dressed in a professional navy blue blazer and a white patterned shirt. She is set against a background of white bookshelves filled with "Supreme Court Cases" (SCC) law volumes, signaling her legal expertise.

Summary: टीएमसी की राज्यसभा कैंडिडेट मेनका गुरुस्वामी क्यों हैं खास? बन सकती हैं पहली LGBTQ सांसद

पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस की लिस्ट सामने आते ही एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—मेनका गुरुस्वामी। सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील रही मेनका की उम्मीदवारी को ऐतिहासिक माना जा रहा है।

Menaka Guruswamy: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। तृणमूल कांग्रेस से लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी तक सभी दल चुनावी मैदान में सक्रिय हो गए हैं। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, और इस लिस्ट में एक ऐसा नाम सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है मेनका गुरुस्वामी। जैसे ही उनका नाम सामने आया, लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे। आखिर कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? क्यों उनकी उम्मीदवारी को इतना खास माना जा रहा है? क्या है उनकी पहचान, उनकी कहानी और उनकी अब तक की यात्रा? तो चलिए जानते हैं इन सवालों का जवाब क्या है।

मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की जानी-मानी सीनियर वकील हैं और संवैधानिक मामलों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। उन्होंने कई बड़े केस लड़े हैं, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा पहचान धारा 377 खत्म कराने वाली ऐतिहासिक लड़ाई से मिली, जिससे LGBTQ+ समुदाय को अपने अधिकार मिले। उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल, बेंगलुरु से पढ़ाई की और आगे की पढ़ाई हार्वर्ड लॉ स्कूल से की। अपनी मजबूत दलीलों और अलग पहचान की वजह से वह भारत ही नहीं, विदेशों में भी एक बड़ी लीगल पर्सनैलिटी के रूप में जानी जाती हैं।

मेनका गुरुस्वामी और उनकी पार्टनर अरुंधति काटजू सुप्रीम कोर्ट की जानी-मानी वकील होने के साथ-साथ एक लेस्बियन कपल के तौर पर भी पहचानी जाती हैं। दोनों ने साल 2018 में धारा 377 को खत्म कराने वाले ऐतिहासिक केस में साथ मिलकर जीत हासिल की, जिसके बाद भारत में समलैंगिकता अपराध नहीं रही। बाद में 2019 में सीएनएन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने पहली बार खुलकर अपने रिश्ते के बारे में बताया और कहा कि यह जीत उनके लिए सिर्फ पेशेवर नहीं, बल्कि निजी तौर पर भी बेहद खास थी।

हाल ही में मेनका गुरुस्वामी उस वक्त चर्चा में रहीं जब उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति से जुड़ी संस्था I-PAC से जुड़े मामले में अदालत में पार्टी का पक्ष रखा। प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद पार्टी ने अपनी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान माहौल तब गर्म हो गया जब एस.वी. राजू ने ममता बनर्जी को उनके नाम से संबोधित किया, जिस पर मेनका गुरुस्वामी ने तुरंत आपत्ति जताते हुए अदालत में शालीन भाषा इस्तेमाल करने की बात कही। इस पूरे घटनाक्रम ने कोर्ट से लेकर सियासी गलियारों तक खूब सुर्खियां बटोरीं।

मेनका गुरुस्वामी की मजबूत कानूनी पकड़, संवैधानिक मामलों में अनुभव और LGBTQ+ व मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी लंबी लड़ाई उन्हें तृणमूल कांग्रेस के लिए एक अहम चेहरा बनाती है। पार्टी ने उन्हें ऐसे समय उम्मीदवार बनाया है जब दुनिया भर में जेंडर पहचान को लेकर बहस तेज है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान की भी चर्चा है जिसमें उन्होंने केवल मेल और फीमेल जेंडर को मान्यता देने की बात कही थी। ऐसे माहौल में एक ओपनली लेस्बियन वकील को राज्यसभा के लिए नामित करना टीएमसी के एक साफ राजनीतिक और सामाजिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

मेनका गुरुस्वामी देश की उन वकीलों में गिनी जाती हैं जिन्होंने कई बड़े और संवेदनशील मामलों में काम किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बनी विवादित फोर्स सलवा जुदुम के खिलाफ केस लड़ा। मणिपुर में कथित फर्जी मुठभेड़ों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की मदद के लिए एमिकस क्यूरी के तौर पर अपनी भूमिका निभाई। इसके अलावा वह अगस्ता वेस्टलैंड VVIP चॉपर केस में आरोपी पूर्व एयर चीफ एस.पी. त्यागी की वकील भी रह चुकी हैं। LGBTQ+ अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई को देखते हुए टाइम मैगजीन ने 2019 में उन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया था।

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स्वाति कुमारी एक अनुभवी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जो वर्तमान में गृहलक्ष्मी में फ्रीलांसर के रूप में काम कर रही हैं। चार वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली स्वाति को खासतौर पर लाइफस्टाइल विषयों पर लेखन में दक्षता हासिल है। खाली समय...