Overview: घरेलू और प्राकृतिक तरीकों से पथरी के दर्द से राहत पाने और उसे धीरे-धीरे बाहर निकालने के उपाय
पेट या किडनी में पथरी होना तकलीफदेह जरूर है, लेकिन शुरुआती अवस्था में दादी मां के ये घरेलू नुस्खे काफी राहत दे सकते हैं। भरपूर पानी पीना, नींबू पानी, कुल्थी की दाल, मूली, तुलसी और नारियल पानी जैसे उपाय शरीर को प्राकृतिक तरीके से ठीक करने में मदद करते हैं।
Home Remedies for Kidney Stone: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और कम पानी पीने की आदत के कारण पेट और किडनी में पथरी की समस्या आम होती जा रही है। पथरी होने पर तेज दर्द, जलन, पेशाब में रुकावट और बेचैनी जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। कई बार लोग तुरंत दवाइयों या सर्जरी की ओर रुख करते हैं, जबकि शुरुआती अवस्था में कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय काफी राहत दे सकते हैं। दादी मां के ये नुस्खे सालों से आजमाए जा रहे हैं और सही तरीके से अपनाने पर शरीर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने में मदद करते हैं।
भरपूर पानी पीना

दादी मां हमेशा कहती थीं कि “पानी से बड़ा कोई इलाज नहीं।” दरअसल, किडनी स्टोन बनने की सबसे बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी मानी जाती है। जब हम पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो यूरिन गाढ़ा हो जाता है और मिनरल्स जमकर पथरी का रूप ले लेते हैं। दिनभर में 8 से 10 गिलास पानी पीने से यूरिन पतला रहता है, जिससे छोटी पथरी अपने आप बाहर निकल सकती है। गर्मियों में या ज्यादा पसीना आने पर पानी की मात्रा और बढ़ा देनी चाहिए। यह उपाय न सिर्फ पथरी में मदद करता है, बल्कि दोबारा पथरी बनने से भी बचाव करता है।
नींबू का रस

नींबू को दादी मां किडनी के लिए बेहद फायदेमंद मानती थीं। नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड पथरी बनने से रोकने और मौजूद पथरी को घुलने में मदद कर सकता है। रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीने से किडनी की सफाई होती है। यह उपाय यूरिन में कैल्शियम के जमाव को कम करता है और जलन की समस्या से भी राहत दिलाता है। नियमित रूप से नींबू पानी पीने से पथरी का दर्द धीरे-धीरे कम हो सकता है।
मूली और उसका रस
मूली को दादी मां पथरी के मरीजों के लिए फायदेमंद मानती थीं। मूली में ऐसे गुण होते हैं जो किडनी को साफ करने और यूरिन फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। आप रोज सुबह खाली पेट मूली का ताजा रस पी सकते हैं या कच्ची मूली को सलाद के रूप में खा सकते हैं। इससे पेशाब की जलन कम होती है और पथरी के कारण होने वाला दर्द भी धीरे-धीरे घटने लगता है।
तुलसी के पत्ते और शहद
तुलसी को आयुर्वेद में औषधीय पौधा माना गया है। दादी मां तुलसी के पत्तों को शहद के साथ लेने की सलाह देती थीं। तुलसी में मौजूद तत्व किडनी को मजबूत बनाने और पथरी को घुलने में मदद कर सकते हैं। सुबह खाली पेट 4–5 तुलसी के पत्तों का रस निकालकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें। यह नुस्खा लंबे समय तक अपनाने से पथरी की समस्या में सुधार देखा जा सकता है।
नारियल पानी
नारियल पानी को दादी मां किडनी के लिए अमृत के समान मानती थीं। यह शरीर को ठंडक देता है और यूरिन को साफ रखता है। रोजाना एक गिलास ताजा नारियल पानी पीने से पेशाब से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं और पथरी के निकलने में सहायता मिलती है। यह उपाय खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें बार-बार पथरी की शिकायत रहती है।
सेब का सिरका
दादी मां के नुस्खों में सेब का सिरका भी खास जगह रखता है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर पीने से पथरी को तोड़ने में मदद मिलती है। यह शरीर के पीएच लेवल को संतुलित करता है और पेट की गैस व अपच से भी राहत देता है।
सही खानपान और परहेज़
सिर्फ नुस्खे अपनाना ही काफी नहीं, खानपान में बदलाव भी ज़रूरी है। दादी माँ तली-भुनी चीज़ों, ज़्यादा नमक और जंक फूड से दूर रहने की सलाह देती थीं। हरी सब्ज़ियां, फल, और हल्का भोजन पथरी की समस्या को बढ़ने से रोकता है और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।
