मेरे पिता की उम्र 51 साल है। वह मधुमेह से पीडि़त हैं। यह आनुवांशिक है और हमारे परिवार में किडनी फेल्योर के कारण मौत हो चुकी है। क्रिएटिनिन का स्तर 2.5 मिलीग्राम/डीएल है। उन्होंने कुछ गोलियों के साथ इंसुलिन का इंजेक्शन लेना शुरू कर दिया गया है। उपाय बताएं ताकि किडनी फेल्योर न हो।
—स्तुति महाजन, दिल्ली
मधुमेह के आनुवांशिक रूप से संवेदनशील 30 प्रतिशत मरीज को गुर्दे, हृदय, नाड़ी, आंख और तंत्रिका परिवर्तन जैसी माइक्रो वैस्कुलर समस्याएं हो सकती हैं। आप शुगर एवं रक्त चाप को उचित स्तर पर बनाए रखें। वजन में कमी करें, नियमित व्यायाम करें, तंबाकू से परहेज करें, दर्द निवारकों के प्रयोग से बचें तथा चिकित्सक के परामर्श के बगैर दवाइयों का सेवन न करें। आहार में प्रोटीन और फास्फोरस से परहेज करें। चिकित्सक से नियमित समय पर जांच कराएं और शुगर, रक्त चाप, एचबीए1सी, लिपिड प्रोफाइल, कैल्शियम, फास्फोरस, इंटैक्ट पीटीएच, सीरम बाइकार्बोनेट, एचबी और 24 घंटे मूत्र प्रोटीन पर नियंत्रण रखें।
