‘‘मुझे अपने पूरे जीवन में कभी भी सोने में दिक्कत नहीं आई। अब मैं रातों को सो नहीं पाती।”
आधी रात को बार-बार बाथरूम जाना,टांगों में जकड़न, छाती में जलन, शरीर में गर्मी महसूस होना और पेट पर इतना उभार लेकर अच्छी नींद आ भी कैसे सकती है। वैसे तो चलो ठीक ही है, आप आने वाले समय का प्रशिक्षण ले रही हैं। नन्हे शिशु ने धरती पर आने के बाद भी आपको इसी तरह जागना है लेकिन अभी से इतना अभ्यास न करें। अच्छी नींद लाने के कुछ खास उपाय आजमाएं‒
  • दिन में शरीर से थोड़ा काम लें। दिन में काम करने वाला शरीर, रात को गहरी नींद सोता है। यदि काम नहीं है तो वर्कआउट करें लेकिन रात को सोने से पहले कसरत न करें वरना आपकी बची-खुची नींद भी उड़ जाएगी।
  • अपना दिमाग शांत रखें। घर या ऑफिस में काम का बोझ ज्यादा हो तो उसे दूसरों के साथ बांट लें। यदि कोई बात सुनने वाला न हो तो सारी चिंताएं एक कागज पर लिखें और फिर चैन की नींद सोएं। इस तरह समस्या का कोई न कोई हल भी निकल आएगा। रात को सोते समय प्रश्नानुसार विचार मन में लाएं।
  • जरूरत से ज्यादा भोजन भी नींद में रुकावट बनता है। अपने-पास हल्के-फुल्के स्नैक्स रखें ताकि रात को भूख महसूस होने पर खा सकें। दादी मां का नुस्खा आजमाएं,सोने से पहले एक गिलास गुनगुना दूध पीएं। प्रोटीन और कॉप्लैक्स कार्ब के मेल से भी यही प्रभाव मिलता है।
  • कोई फल खाएं, चीज़ या किशमिश वाला दही लें। अपने दूध में एक मफिन या ओटमील कुकीज़ डुबोकर खाएं।
  • यदि रात को बार-बार बाथरूम जाने से नींद टूटती है। तो शाम 6 बजे के बाद तरल पदार्थों की मात्रा थोड़ी घटा दें। प्यास लगने पर पानी जरूर पीएं लेकिन सोने से ठीक पहले 16 औंस को पूरी बोतल न पीएं।
  • दोपहर के बाद किसी भी रूप में कैफीन से बचें। यह आपको छः घंटे तक चुस्त बनाए रखता है। चीनी भी काम करती है। यह भी आपकी ऊर्जा के स्तर को ऊँचा कर देती है।
  • अपना सोने का रूटीन तय करें। यह सिर्फ बच्चों के लिए नहीं होता यदि आप भी पुराना रूटीन अपनाएंगी तो गहरी नींद ले पाएंगी। खाने के बाद अपनी गतिविधियां घटा दें। कुछ हल्का-फुल्का पढ़ें या कुछ मिनट तक टी वी देखें। हल्का संगीत सुनें,योगा या शिथिलता तकनीकों का अभ्यास करें। गुनगुने पानी से नहाएं या फिर थोड़ा रोमांस कर लें।
  • गर्भावस्था में बिस्तर पर कई सारे तकिए आपके शरीर को काफी आराम पहुंचा सकते हैं। उनसे अपने शरीर को सही तरह से सहारा दें व आरामदायक मुद्रा में लेटें।आपका गद्दा ठीक होना चाहिए। बेडरूम भी ज्यादा ठंडा या फिर ज्यादा गर्म न हो।

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  • घुटन भरे माहौल में भी नींद नहीं आती।सोने का कमरा थोड़ा हवादार होना चाहिए।अपना सिर ढक कर न सोएं। इससे ऑक्सीजन की कमी होगी और कार्बनडाई ऑक्साइड बढ़ जाएगी। आपके सिर में दर्द होने लगेगा।
  • नींद लाने की कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर से पूछ लें। अगर डॉक्टर ने मैग्नीशियम की दवा लिख रखी है तो उसे बिस्तर पर जाने से पहले लें क्योंकि मैग्नीशियम शरीर को शिथिल कर देता है।
  • बिस्तर पर नींद व सेक्स के सिवा दूसरी गतिविधियां न करें। ऐसे काम घर के दूसरे हिस्सों में करें ताकि बिस्तर पर जाते ही नींद आए।
  • अपना रात का खाना ठूंसने की बजाए बड़े आराम से धीरे-धीरे खाएं ताकि रात को छाती में जलन की वजह से करवटें न बदलनी पड़ें। खाना खाते ही बिस्तर में न पड़ें। पेट भरने से हम ऊर्जा से भरपूर हो जाते हैं और इस तरह सोना भी मुश्किल हो जाता है।

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  • थकान होने पर ही सोने जाएं। अगर घड़ी देख कर लेटेंगी तो नींद नहीं आएगी। इसके साथ ही जरूरत से ज्यादा थकान भी न होने दें उससे भी नींद आने में मुश्किल होती है।
  • अपनी नींद को घंटों से न बांधें। कुछ लोग जो कहते हैं कि उन्हें नींद से जुड़ी तकलीफें हैं, वे दरअसल जरूरत से ज्यादा नींद लेते हैं यदि आप लगातार थकान महसूस नहीं करतीं तो इसका मतलब है कि आप पूरी नींद ले रही हैं।
  • यदि नींद न आए तो यूं बिस्तर पर पड़े रहने की बजाय कुछ और काम करें। उस समय नींद न आने की चिंता तो बिल्कुल ही न करें।
  • अपनी अधूरी नींद की चिंता में आगे की नींद खराब न करें।

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