Pregnancy Beauty Treatments
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Summary: प्रेगनेंसी में ब्यूटी की सुरक्षा

प्रेगनेंसी में सभी ब्यूटी ट्रीटमेंट सुरक्षित नहीं होते। जानिए कौन से कॉस्मेटिक और स्किन प्रोडक्ट्स आपके लिए सेफ हैं और किनसे बचें।

Pregnancy Beauty Treatments: गर्भावस्था के समय महिला के शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलावों का असर उनकी त्वचा, बाल तथा चेहरे पर मुंहासे आदि की तरह नजर आते हैं। ऐसे में महिला खुद को सुंदर और आत्माविश्वास से भरा हुआ दिखाने के लिए ब्यूटी ट्रीटमेंट और कॉस्मेटिक का इस्तेमाल करती है। पर यहां सवाल यह है कि क्या गर्भावस्था में ब्यूटी ट्रीटमेंट या कॉस्मेटिक पदार्थ का इस्तेमाल करना सुरक्षित है। आईए जानते हैं इस लेख में।

अगर आप गर्भावस्था के दौरान स्किन केयर के लिए किसी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं तो ध्यान दें,

Pregnancy beauty treatments safe or not
Pregnancy beauty treatments safe or not

यह प्रोडक्ट्स केमिकल फ्री और बिना फ्रेगरेंस के हो। गर्भावस्था के दौरान स्किन केयर का बेहतर विकल्प है, आप प्राकृतिक चीजों का प्रयोग करें जैसे,

आप अपनी त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए मॉइश्चराइजर के तौर पर एलोवेरा, कोकोआ बटर या नारियल तेल का प्रयोग कर सकते हैं। यह केमिकल फ्री प्राकृतिक मॉइश्चराइजर है।

जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डाइऑक्साइड वाले मिनरल बेस्ड सनस्क्रीन का उपयोग गर्भावस्था में सुरक्षित माना जाता है। पर ध्यान दें, इनके उपयोग से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

गर्भावस्था के दौरान विटामिन ए डेरिवेटिव्स स्किन केयर प्रोडक्ट सुरक्षित नहीं माने जाते। विटामिन ए डेरिवेटिव्स, यह विटामिन ए के रासायनिक रूप है। इनके कुछ प्रचलित नाम जो प्रोडक्ट्स पर लिखे रहते हैं वह हैं, रेटिनॉल, रेटिन-ए, ट्रेटिनॉइन।

गर्भावस्था के दौरान इनका उपयोग भ्रूण के विकास के लिए हानिकारक है। इससे होने वाला शिशु किसी तरह के जन्मदोष या अन्य स्वास्थ्य परेशानियों से पीड़ित हो सकता है।

सैलिसिलिक एसिड: अगर गर्भावस्था के दौरान आप किसी तरह के स्किन पील, या एक्ने क्रीम्स का इस्तेमाल करती हैं तो उनकी डिटेल जांच लें। कहीं इनमें अधिक मात्रा में सैलिसिलिक एसिड ना हो। इसका ज्यादा मात्रा में उपयोग भ्रूण के विकास को बाधित कर सकता है।

फार्मल्डिहाईड, पैराबेन और फ्थेलेट्स वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित नहीं माना जाता है। क्योंकि यह हार्मोन के स्तर पर असर डालते हैं, जिसका प्रभाव भ्रूण के विकास पर पड़ता है।

गर्भावस्था के दौरान लिपस्टिक और फाउंडेशन जिन में लेड की मात्रा या फिर आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस हो उनका इस्तेमाल ना करें।

गर्भावस्था के दौरान लेजर ट्रीटमेंट सुरक्षित नहीं है, इससे त्वचा में इरिटेशन या पिगमेंटेशन बढ़ सकता है।

इस दौरान जेल नेल्स या एक्रेलिक नेल एक्सटेंशन ना करवाएं। इस प्रक्रिया में निकलने वाले धुएं से आपको मतली या सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान अपने चेहरे पर नेचुरल ग्लो के लिए मुल्तानी मिट्टी, बेसन और दही का फेस पैक इस्तेमाल करें। यह चेहरे पर ग्लो बनाए रखने के लिए सुरक्षित और केमिकल फ्री तरीका है।

अगर आपके चेहरे पर दाग-धब्बे हैं तो आप एलोवेरा जेल का उपयोग करें। इसका इस्तेमाल दाग-धब्बे को कम करने के साथ झुर्रियों को भी कम करता है।

प्रेगनेंसी में अगर आपकी त्वचा पर टैनिंग हो तो आप गुलाब जल का प्रयोग करें। यह एक तरह का नेचुरल टोनर है।

अपने चेहरे से टैनिंग और पिगमेंटेशन को कम करने के लिए आप नींबू और शहद का पैक इस्तेमाल कर सकती हैं।

विशेष ध्यान: गर्भावस्था के दौरान खासतौर पर पहले 3 महीने किसी भी तरह का केमिकल ट्रीटमेंट ना लें।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...