Sitting Posture During Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई बदलाव आते हैं, साथ ही महिला का पेट भी बढ़ने लगता है। महिला के पेट के बढ़ने के साथ ही गर्भवती महिला के शारीरिक संतुलन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। ऐसी अवस्था में महिला को अपने बैठने की मुद्रा का विशेष ध्यान देना चाहिए, नहीं तो महिला को पीठ, गर्दन, कंधों और कमर में दर्द की शिकायत हो सकती है। गर्भावस्था में सही तरीके से न बैठने पर केवल दर्द की शिकायत नहीं बढ़ती, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु तक रक्त संचार भी प्रभावित होता है। आइए इस लेख में जानते हैं, आपको गर्भावस्था के दौरान बैठने में किन विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
प्रेगनेंसी में बैठने का सही तरीका

गर्भावस्था के दौरान बैठते समय ध्यान रखना चाहिए कि बैठते वक़्त आपका पीठ पूरी तरह सीधा हो, कंधे का झुकाव आगे की तरफ ना हो, बैठे समय पीठ को आराम मिले इसके लिए तकिया या फिर कुशन का इस्तेमाल करें।
अगर बैठते समय आपकी आदत पैरों को क्रॉस करके बैठने की है तो गर्भावस्था के दौरान इस आदत को छोड़ दें। गर्भावस्था के दौरान पैरों को क्रॉस करके बैठने से रक्त का बहाव कम हो जाता है, जिससे पैरों में सूजन या फिर ऐंठन की समस्या होती है।
बैठते और उठते समय अचानक झटके से बचें बैठने और उठते समय धीमी गति से अपने हाथों का सहारा लेते हुए उठे या फिर बैठे।
आधे घंटे से ज्यादा एक ही पोजीशन में ना बैठे, इससे रक्त का बहाव प्रभावित होता है। 30 से 40 मिनट में अपने बैठने के तरीके को बदले बदले और थोड़ी देर उठकर चलें।
प्रेगनेंसी में कुर्सी पर बैठे या फर्श पर
आप गर्भावस्था में कुर्सी और फर्श दोनों पर बैठ सकते हैं, लेकिन दोनों पर ही बैठते समय बैठने से पहले कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें।
अगर आप कुर्सी पर बैठना पसंद करती हैं तो ध्यान रहे, आप आर्मरेस्ट वाली कुर्सी का चुनाव करें। कमर के आराम के लिए उसमें लोअर बैक सपोर्ट होना चाहिए। बहुत नीची कुर्सी पर ना बैठे इससे आपके पैरों में परेशानी बढ़ सकता है।
स्विंग कुर्सी पर ना बैठे। इस पर बैठने से बैठते और उठते समय आपका बैलेंस खराब हो सकता है और आपको चोट लग सकती है।
अगर आप फर्श पर बैठतो हैं तो पालथी मारकर बैठे। बैठते और उठते समय किसी का सहारा ले, आराम से धीरे-धीरे बैठे या उठे। लंबे समय तक एक ही अवस्था में ना बैठे।
इस तरह बिल्कुल भी ना बैठे
पैरों को लटका कर बैठने से बचें। पैरों को लटका कर बैठने से पैरों में सूजन आता है तथा आप अधिक थका हुआ महसूस करती हैं।
बैठते समय पीठ को झुककर ना बैठे। पीठ को झुकाकर बैठने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है, जिससे कंधे और कमर में दर्द बन सकता है।
लंबे समय तक झुक कर बैठने या किसी कार्य को करने से बचें। इसे गर्भाशय पर दबाव पड़ता है, जिससे शिशु तक रक्त का बहाव प्रभावित होता है।
सही पोजीशन में बैठने के फायदे
गर्भावस्था के दौरान बैठते समय अगर आप ऊपर बताएं बातों का ध्यान रखते हैं तो आप कई दिक्कतों का सामना करने से बच जाते हैं।जैसे,
सही अवस्था में बैठने से आपकी कमर के दर्द में राहत मिलता है।
आपके शरीर में रक्त का बहाव सही रहता है, जिससे आप थका हुआ महसूस नहीं करती।
पेट पर दबाव न पड़ने से आपका पाचन तंत्र भी सही तरीके से काम करता है और गर्भ में आपके बच्चे की स्थिति भी सही रहती है।
