किसी भी स्वस्थ शिशु के जन्म के लिए आवश्यक है कि प्रसव से पहले डॉक्टर की देखभाल और राय मिलती रहे। होम प्रेगनेंसी टेस्ट के पॉजिटिव आते ही डॉक्टर के पास जाने में देर न करें। हालांकि कई चिकित्सालय ऐसे हैं, जहां आपको जाते ही जांच के बाद सावधानियां बता दी जाती हैं, लेकिन कई डाक्टर चाहते हैं कि गर्भावस्था आरंभ होने के 7-8 सप्ताह बाद ही जांच शुरू करें। कई जगह गर्भावस्था की जांच के लिए पहली भेंट की उम्मीद की जाती है।

यदि आपके डॉक्टर ने अभी मुलाकात का समय नहीं दिया है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप अपनी व शिशु की देखभाल का काम शुरू नहीं करेंगी। अपनी पॉजिटिव जांच का पता लगते ही, अपने आपको एक गर्भवती मानना शुरू कर दें। शायद आप जानती ही हैं कि आपको शराब व सिगरेट छोड़ना होगा, प्रोटीन का आहार लेना होगा-वगैरह-वगैरह! यदि प्रेगनेंसी प्रोग्राम बनाना चाहती हैं तो डॉक्टर को फोन करने में संकोच न करें। वहां आपसे एक प्रश्नोत्तरी भरवाने के बाद पोषक आहार व सुरक्षित दवाओं की सूची बना दी जाती है व आपसे उसी प्रेगनेंसी कार्यक्रम के हिसाब से चलने को कहा जाता है।

यदि आपको मुलाकात का समय नहीं मिल रहा या आप पिछले गर्भपात या मेडिकल हिस्ट्री की वजह से डरने के कारण खतरा महसूस कर रही हैं, तो उनसे पूछकर देखें कि क्या आप पहले जांच करवाने जा सकती हैं।

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