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एक समय था जब लोग सिर्फ सफेद, सेंधा और काला नमक खाते थे। लेकिन आज पिंक साल्ट, हिमालयन साल्ट, लाइट साल्ट, रॉक साल्ट जैसे कई विकल्प लोगों के सामने हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रचलित है पिंक साल्ट।
Pink Salt for Thyroid Patient: ‘हम तो पिंक साल्ट खाते हैं, वो ज्यादा हेल्दी होता है।’, ‘पिंक और रॉक साल्ट खाने से थायराइड की समस्या नहीं होती।’,’ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना है तो पिंक साल्ट खाओ।’ फिटनेस फ्रीक लोगों के मुंह से आपने नमक से जुड़ी ऐसी कई बातें जरूर सुनी होंगी। हालांकि ये कितनी सही हैं, अक्सर लोगों को इसकी सटीक जानकारी ही नहीं होती।
नमक के हैं कई विकल्प

एक समय था जब लोग सिर्फ सफेद, सेंधा और काला नमक खाते थे। लेकिन आज पिंक साल्ट, हिमालयन साल्ट, लाइट साल्ट, रॉक साल्ट जैसे कई विकल्प लोगों के सामने हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रचलित है पिंक साल्ट। अधिकांश लोग मानते हैं कि इसे खाने से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, थायराइड, कोलेस्ट्रॉल आदि कंट्रोल रहते हैं। लेकिन क्या सच में ऐसा है। आइए जानते हैं एम्स की डॉक्टर से।
मिथक नंबर 1 : बीपी में पिंक सॉल्ट अच्छा
दिल्ली एम्स में न्यूरोलॉजिस्ट एमडी मेडिसिन और डीएम न्यूरोलॉजी डॉ. प्रियंका सेहरावत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो शेयर करके लोगों को सही साल्ट चुनने के बारे में बताया। डॉ. सेहरावत ने बताया कि पिंक साल्ट, रॉक साल्ट और हिमालयन साल्ट सभी में सोडियम की मात्रा एक जैसी ही होती है। ऐसे में यह साफ है कि इन्हें खाने से एक जैसा ही असर होता है। अक्सर लोग कहते हैं कि पिंक साल्ट और रॉक साल्ट खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। लेकिन यह एक मिथक है। क्योंकि दोनों ही नमक में बीपी बढ़ाने वाला सोडियम एक जैसा ही होता है।
मिथक नं. 2 : थायराइड में खाएं पिंक साल्ट
पिंक साल्ट और हिमालयन साल्ट से जुड़ा दूसरा मिथक यह है कि थायराइड के मरीजों को इन दोनों नमक का सेवन करना चाहिए। इससे थायराइड ठीक होता है। लेकिन यह सोच भी गलत है। आमतौर पर घरों में जो सफेद नमक खाया जाता है वो फोर्टिफाइड होता है और उसमें आयोडीन होता है। लेकिन पिंक साल्ट में आयोडीन होता ही नहीं है। जबकि आयोडीन थायराइड को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि आयोडीन की मदद से ही थाइरॉयड हार्मोन का प्रोडक्शन बढ़ता है। ऐसे में साफ है कि थायराइड हार्मोन को बनाने के लिए आयोडीन बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन जब आप पिंक साल्ट या हिमालयन साल्ट खाते हैं तो शरीर को आयोडीन नहीं मिलता, जिससे थायराइड की समस्या बढ़ सकती है।
इस समय रखें ज्यादा सावधानी
अपने वीडियो में डॉ.सेहरावत ने यह भी बताया कि आयोडीन युक्त नमक किन लोगों के लिए ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं और गर्भ धारण की कोशिश कर रही महिलाओं को हमेशा आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन करना चाहिए। इससे आप हाइपोथायरायडिज्म की समस्या से बच सकती हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें थाइरॉयड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में थाइरॉयड हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है। जिसके कारण मेटाबॉलिज्म खराब होने लगता है। वजन बढ़ने के साथ ही थकान और ऊर्जा में कमी महसूस होती है। इसलिए हमेशा आयोडीन युक्त नमक का ही सेवन करें। हालांकि अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं तो ऊपर से नमक डालने से या ज्यादा नमक खाने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे बीपी बढ़ सकता है।
