Obesity and Mental Health
Obesity and Mental Health

Obesity and Mental Health: आजकल की तेज़-रफ़्तार ज़िन्दगी में वजन बढ़ना एक आम समस्या बन चुकी है, खास तौर से महिलाओं में ये समस्या लगातार बढ़ती जा रही है । तेज़ी से बढ़ता वज़न न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह  होता है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालता है। महिलाएं समाज में रहते हुए कई तरह के मानसिक दबावों का सामना करती हैं, साथ ही अगर उनका वजन ज्यादा है तो ये उनकी परेशानी को और ज्यादा बढ़ा सकता है। बढ़ता वज़न किसी भी व्यक्ति के आत्म-सम्मान, आत्मविश्वास, चिंता, अवसाद और साथ ही रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। महिलाओं को अपनी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए अपने खाने पर ध्यान देना चाहिए और साथ ही नियमित रूप से योग करना चाहिए।

इस तरह हर महिला मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रहेगी।

अधिक वजन वाली महिलाएं अपने शरीर को लेकर नकारात्मक दृष्टिकोण रख सकती हैं, जिससे उनका आत्म-सम्मान घटता है।

वजन बढ़ने के कारण महिलाएं अपने आप को कम आत्मविश्वासी महसूस करती हैं, जिससे वे सामाजिक गतिविधियों से बचने लगती हैं।

अधिक वजन मानसिक अवसाद का कारण बन सकता है, क्योंकि महिलाएं अपने शरीर के आकार को लेकर असंतुष्ट रहती हैं।

वजन बढ़ने के कारण महिलाओं में चिंता और बेचैनी बढ़ने लगती है, खासकर शरीर की छवि को लेकर।

मोटी महिलाएं समाज में अपने वजन को लेकर अधिक संवेदनशील होती हैं, और उन्हें सार्वजनिक जगह और लोगों के बीच जाने में परेशानी और हिचक महसूस होने लगती है।

अधिक वजन से जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और थकावट जैसी समस्याएं होने लगती हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।

महिलाएं अक्सर अपने शरीर की आलोचना खुद ही करना शुरू कर देती हैं , जिससे उनकी मानसिक स्थिति और बिगड़ सकती है।

अधिक वजन के कारण महिलाएं खाने की आदतों में बदलाव महसूस कर सकती हैं, इसके चलते उन्हें कई तरह के मानसिक विकारों का सामना करना पड़ सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य खराब होने पर महिलाएं अकेलापन महसूस करती हैं और सामाजिक संबंधों से दूर होने लगती हैं।

वज़न घटाने के लिए बढ़ते मानसिक दबाव की वजह से महिलाएं तनाव महसूस करती हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर्व सीधा सीधा असर डालता है।

ज्यादा वज़न की वजह से दिमागी स्थिति पर असर पड़ सकता है, जिससे याद्दाश और ध्यान करने में परेशानी होने लगती है।

मानसिक तनाव के चलते महिलाएं जाने अनजाने ज्यादा खाना शुरू कर देती हैं, जिससे वजन और मानसिक स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं।

अधिक वजन के कारण महिलाएं शारीरिक गतिविधियों से बचने लगती हैं, जिससे मानसिक स्थिति और बिगड़ सकती है।

समाज की शारीरिक सुंदरता को लेकर यही मान्यता है की जो महिलाएं पतली और फिट होती हैं बस वही ज्यादा खूबसूरत दिखती हैं, इस सोच की वजह से महिलाएं मानसिक रूप से दबाव महसूस करती हैं।

ज्यादा वज़न वाली महिलाएं आलोचना और तानों को लेकर बहुत संवेदनशील होती हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ता है।

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली तरूणा ने 2020 में यूट्यूब चैनल के ज़रिए अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद इंडिया टीवी के लिए आर्टिकल्स लिखे और नीलेश मिश्रा की वेबसाइट पर कहानियाँ प्रकाशित हुईं। वर्तमान में देश की अग्रणी महिला पत्रिका...