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जनरल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी में ओरल हेल्थ को लेकर कई खुलासे हुए।ओरल हेल्थ में लापरवाही करने से आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर यहां तक कि सिर और गर्दन के कैंसर तक का खतरा भी हो सकता है।
Neck Cancer Reason: अक्सर लोग ओरल हाइजीन पर ध्यान नहीं देते हैं। जबकि इसमें की गई लापरवाही आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती है। हाल ही में सामने आई एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि ओरल हेल्थ में लापरवाही करने से आपको डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर यहां तक कि सिर और गर्दन के कैंसर तक का खतरा भी हो सकता है। क्या है इसके कारण और कैसे पा सकते हैं इससे छुटकारा, आइए जानते हैं।
50 % तक बढ़ सकता है खतरा

जनरल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी में ओरल हेल्थ को लेकर कई खुलासे हुए। दरअसल, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के लैंगोन हेल्थ और पर्लमटर कैंसर सेंटर की एक स्टडी में सामने आया कि लोगों के मुंह में सैकड़ों बैक्टीरिया होते हैं, इनमें से एक दर्जन से ज्यादा बैक्टीरिया सिर और गर्दन के स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के विकास को 50 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। अध्ययन के अनुसार ओरल माइक्रोबायोम के कुछ बैक्टीरिया कैंसर से संबंधित हो सकते हैं। इस स्टडी में सेहतमंद पुरुषों और महिलाओं की ओरल हेल्थ को जांचा गया। जिसमें बैक्टीरिया की आनुवंशिक संरचना का अध्ययन किया गया। जिसमें सामने आया कि मुंह के सैकड़ों बैक्टीरिया में से 13 प्रकार के बैक्टीरिया स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा का जोखिम बढ़ाने का काम कर सकते हैं। चिंता की बात तो यह है कि यह समूह कैंसर के जोखिम को 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। वहीं जिन लोगों को मसूड़ों की बीमारी होती है, उनमें कैंसर की आशंका 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।
बहुत महत्वपूर्ण है शोध
स्टडी के प्रमुख सोयंग क्वाक का कहना है कि यह स्टडी ओरल माइक्रोबायोम और सिर व गर्दन के कैंसर के बीच नए कनेक्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि लोग अपनी ओरल हेल्थ पर पूरा ध्यान दें। अपने दांतों को दिन में दो से तीन बार ब्रश करना और फ्लॉस करना न सिर्फ आपको पीरियडोंटल बीमारी से बचाएगा, बल्कि इससे कैंसर का जोखिम भी कम होगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी इस विषय पर और शोध करने की जरूरत है।
ऐसे रखें ओरल हाइजीन का ध्यान
ओरल हाइजीन का ध्यान रखना हर किसी के लिए बेहद जरूरी है। आपको दिन में दो से तीन बार ब्रश जरूर करना चाहिए। टूथब्रश हमेशा नर्म ब्रिसल वाला होना चाहिए। अधिकांश लोग ब्रश गलत तरीके से करते हैं। ब्रश करने के दौरान अपने टूथब्रश को मसूड़ों की ओर 45 डिग्री पर रखना चाहिए, जिससे गहराई से सफाई हो सके। दांतों के साथ ही जीभ को साफ करना भी बहुत जरूरी है। इससे बैक्टीरिया पूरी तरह से दूर हो सकेंगे। हमारे बुजुर्ग सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक जो भी खाते थे, उसके बाद कुल्ला जरूर करते थे। ओरल हेल्थ के लिए यह एक जरूरी स्टेप है। आपको भी अपने हर मील के बाद साफ पानी से कुल्ला करना चाहिए। शक्कर, कॉफी, एसिडिक फूड, खट्टे फलों से परहेज करें।
