Milind Soman Revealed Model Drink: आज के दौर में जहां दिन में कई कप चाय या कॉफी पीना एक स्टाइल बन गया है, मिलिंद सोमन इस भीड़ में बिल्कुल अलग नज़र आते हैं। जब लोग हेल्थ और वेलनेस की तरफ सिर्फ दिखावे के लिए बढ़ रहे थे, तब मिलिंद सोमन ने अपनी जिंदगी में कुछ ऐसे नियम अपनाए जो उनके इंडस्ट्री के लोगों को बहुत सख़्त लगते थे।
एक पुराने इंटरव्यू में, “एक दिन एक जीवन” शो पर तवलीन सिंह से बात करते हुए उन्होंने कहा था, “मैं चाय या कॉफी नहीं पीता। मैं दिन की शुरुआत फ्रूट जूस से करता हूं।” उन्होंने बचपन से ही इन चीज़ों की आदत नहीं डाली क्योंकि कहीं पढ़ा था कि ये सेहत के लिए अच्छी नहीं होतीं। वे मानते हैं कि मॉडल्स की ज़िंदगी में तनाव ज़्यादा होता है और इसी तनाव के चलते बहुत से लोग चाय, कॉफी, सिगरेट और शराब की लत में पड़ जाते हैं। मिलिंद ने कहा कि मॉडल अक्सर दिन में 15-20 कप चाय या कॉफी पीते हैं लेकिन उन्होंने खुद को इन आदतों से दूर रखा।
अगर आप दिन में 15–20 कप चाय या कॉफी पीते हैं तो शरीर में क्या होता है?
जानकार बताते हैं कि इतनी मात्रा में कैफीन शरीर पर बहुत गहरा असर डाल सकती है… तुरंत भी और लंबे समय बाद भी।
तत्काल प्रभाव:
- बेचैनी, घबराहट और नींद की कमी
- पेट की गड़बड़ी, मितली या उल्टी
- दिल की धड़कन तेज़ होना और ब्लड प्रेशर बढ़ना
- शरीर में आयरन के अवशोषण में रुकावट, जिससे एनीमिया और पोषण की कमी हो सकती है
लंबे समय में असर:
- दिल पर तनाव – लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट
- नींद की गड़बड़ी – जिससे मूड, इम्युनिटी और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है
- कैफीन पर निर्भरता – अगर न मिले तो सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्याएं
अगर इसमें स्मोकिंग और शराब भी जोड़ दें?
बहुत से लोग स्ट्रेस में आकर चाय, कॉफी के साथ सिगरेट और शराब का सेवन भी करने लगते हैं, और ये शरीर के लिए बहुत अधिक नुकसानदायक हो सकता है। स्मोकिंग और शराब दोनों ही कैंसर पैदा करने वाले तत्व हैं। अगर इनके साथ बहुत ज़्यादा कैफीन भी ली जाए, तो दिल, लिवर और दिमाग़ पर बेहद बुरा असर होता है।
- ये शरीर को डिहाइड्रेट कर देते हैं
- नींद और मेटाबॉलिज्म दोनों को ख़राब करते हैं
- लिवर को ज़रूरत से ज़्यादा काम करना पड़ता है क्योंकि शराब और कैफीन एक ही रास्ते से मेटाबोलाइज होते हैं
- चिंता और मूड स्विंग्स बढ़ जाते हैं, खासकर जिन लोगों को पहले से मानसिक या दिल की बीमारी है
किन लोगों को सबसे ज़्यादा खतरा ?
ये आदतें हर किसी पर एक जैसा असर नहीं करतीं, कुछ लोग ज़्यादा प्रभावित होते हैं…
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं: ज़्यादा कैफीन भ्रूण के विकास और दूध के उत्पादन को प्रभावित कर सकती है
- बच्चे और किशोर: इनकी नींद, व्यवहार और चिंता का स्तर ज़्यादा बिगड़ सकता है
- दिल की बीमारी, चिंता या लिवर की बीमारी वाले लोग: इनके लिए जोखिम और भी ज़्यादा होता है
- धीमी गति से कैफीन पचाने वाले लोग ( जेनेटिक कारणों से): इनमें कैफीन का असर ज़्यादा और लंबे समय तक रहता है।
