Male Diseases: पुरुष भले ही कितना बहादुर हो परंतु कुछ रोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें वह चाहकर भी अपने यार दोस्तों एवं डॉक्टरों को बताने में हिचकिचाता है। ऐसे ही कई रोगों का इलाज नीचे दिया जा रहा है। जिन्हें अपना कर वह उनसे निजात पा सकता है।
पुरुषों में होने वाले रोगों से छुटकारा पाने के लिए नीचे दिये गये उपायों को आजमाएं।
Male Diseases: पुरुष रोगों का उपचार
- मुलेठी खूब बारीक पीसकर छान लें। 1 चम्मच चूर्ण पर्याप्त शुद्ध घी में मिलाकर चाट लें और ऊपर से मिश्री मिला दूध घूंट-घूंट करके पी लें। यह प्रयोग आप या तो सुबह लस्सी पीने के बाद और भोजन से दो घंटे पहले कर सकते हैं या शाम के भेाजन के दो घंटे बाद और सोने तथा इसबगोल लेने से एक घण्टे पहले कर सकते हैं। यह प्रयोग दो माह तक करें।
- रात को सोने से पहले ठण्डे पानी से हाथ-पैर धोएं। दंत मंजन करके मुंह साफ कर लें और सोने से पहले मल-मूत्र आदि का विसर्जन अवश्य करें। स्नान करते समय एवं शौच से निवृत्त होते समय प्रतिदिन अपने शिशन को पानी से धोकर साफ किया करें। शाम को 7 बजे के बाद गर्म चाय या बहुत गर्म दूध का सेवन न करें।
- तुलसी के बीज 4-4 ग्राम पानी के साथ कुछ समय शाम को खाएं।
- इमली के बीज 125 ग्राम, 400 ग्राम दूध में भिगोकर रखें। दो दिन बाद छिलका उतार कर साफ करके पीस लें। 6-6 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ इस्तेमाल करें। यह नुस्खा धातु रोग को ठीक करता है।
- आधा रत्ती से दो रत्ती की मात्रा में मोती की भस्म, गुलाब शरबत या शरबत खस में मिलाकर चाटने से भीतरी गर्मी शांत होकर स्वप्नदोष दूर होता है।

- बबूल (कीकर) की पत्ती, फूल, फल व छाल समभाग लेकर सबको कूट-छानकर चूर्ण बना लें। बराबर की मिश्री मिलाकर 6 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम पानी के साथ लें।
- आंवले का मुरब्बा पानी से धोकर एक नग प्रतिदिन चबा-चबाकर खायें या 60 ग्राम पानी एक गिलास में लेकर उसमें 20 ग्राम पिसा हुआ सूखा आंवला बारह घंटे तक भीगने दें। फिर छानकर एक ग्राम के अन्दाज से पिसी हल्दी डालकर पियें।
- कंधारी अनार का छिलका बारीक करके 3 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ खाने से स्वप्नदोष ठीक होता है।
- शक्ति के लिए-सूखे आंवले का 6 ग्राम चूर्ण, रोज गाय के दूध के साथ खाने से मर्द का वीर्य अधिक शक्तिशाली बनता है। शरीर में शक्ति आ जाती है, रक्त शुद्ध होता है तथा सभी वीर्य-विकारों जैसे-स्वप्नदोष, शीघ्रपतन आदि का शमन होता है।
- गिलोय, गुलाब के फूल, आंवला, धनिया, चन्दन, चूरा- सबकी ठंडाई बनाकर पीएं।
- इलायची के दाने और ईसबगोल समान मात्रा में लेकर आंवले के रस में खरल करके छोटी-छोटी गोलियां बनाइए और सुबह-शाम एक-एक गोली खाने से स्वप्नदोष मिट जाता है।
- शतावार को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। जितना चूर्ण हो, उतनी ही मात्रा में पिसी हुई मिश्री या शक्कर मिलाकर रखें। इसमें से 5 से 10 ग्राम की मात्रा में 5 ग्राम शुद्ध घी मिलाकर प्रात:-सायं खाएं लाभ होगा।
- लहसुन की एक कली दांतों से पीसकर निगल जायें। इससे स्वप्नदोष नहीं होगा।
- यह प्रयोग रात को सोते समय हाथ-पैर धोकर करें।
- इमली के बीजों को पानी में भिगोकर छिलका उतार लें और फिर छाया में सुखा लें। इमली की गिरी को कूट-छानकर चूर्ण बना लें और उसमें समान भाग मिश्री मिलाकर चौथाई चम्मच सुबह-शाम दो बार दूध के साथ फांक लें। पचास दिन के सेवन से वीर्य गाढ़ा होगा और शीघ्रपतन दूर होगा।
- असली वंशलोचन और सत्व गिलोय बराबर मात्रा में लेकर, कूट-छानकर कपड़े में रख लें। प्रतिदिन 2 ग्राम शहद के साथ लें।
- तुलसी के बीज अथवा जड़ का चूर्ण 2 ग्राम, पान में रखकर खाने से शीघ्रपतन दूर होता है।
- शतावर 9 ग्राम बारीक करके 250 ग्राम गर्म दूध के साथ 8 दिनों तक खाने से बार-बार पेशाब आना ठीक होता है। कमर दर्द, धातु की बीमारी ठीक होगी। मर्दाना ताकत बढ़ेगी।
- ताकत के लिए-मीठे आम का रस 125 ग्राम, दूध 250 ग्राम चीनी मिलाकर लस्सी की तरह बनाकर दो महीने तक शाम को पिएं। मर्दाना ताकत और शरीर की कमजोरी को ठीक करने के लिए बहुत बढ़िया है। बर्फ डालकर भी पी सकते हैं।
- छुहारे की खीर बनाकर खाएं। उड़द का आटा घी में भून लें। इसमें मिश्री मिलाकर हलुवा बना लें। इसे प्रात:काल थोड़ी मात्रा में खाया करें।
- कुलिंजन, सेमर की जड़, कौंच के बीज, अकरकरा, असंगध, पीपल की गोंद, जावित्री, गिलोय का सत, वंशलोचन-इनका चूर्ण गाय के दूध के साथ सुबह-शाम लें।
- प्याज का रस दो चम्मच एवं दो चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन प्रात: खाली पेट चाटने से वीर्य वृद्धि होती है। इसका सेवन बीस दिनों से लेकर तीन माह तक अवश्यकतानुसार किया जा सकता है।
