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कई बार बुजुर्ग जोड़ों के दर्द से इतने परेशान हो जाते हैं कि उनसे एक कदम भी नहीं चला जाता है। दवाएं, जेल, पेन रिलीफ क्रीम कुछ काम नहीं आती हैं। लेकिन आयुर्वेद का एक नुस्खा आपके काम आ सकता है।
Joint Pain Treatment in Ayurveda: सर्दियों के समय जोड़ों और घुटनों में दर्द की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। कई बार तो बुजुर्ग इस दर्द से इतने परेशान हो जाते हैं कि उनसे एक कदम भी नहीं चला जाता है। वे रातभर दर्द से करहाते रहते हैं। दवाएं, जेल, पेन रिलीफ क्रीम कुछ काम नहीं आती हैं। लेकिन इन सबके बीच सदियों पुराना आयुर्वेद का एक नुस्खा आपके काम आ सकता है। खास बात यह है कि आप इसे आसानी से घर में ही अपना सकते हैं। हाल ही में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. रॉबिन शर्मा ने ऐसे ही दो शानदार नुस्खे अपने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं।
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पाचन सुधारेगा गुलकंद का यह चूर्ण

सामग्री :
गुलकंद – 600 ग्राम
बीज निकला मुनक्का – 400 ग्राम
त्रिफला पाउडर – 100 ग्राम
त्रिकुट पाउडर – 100 ग्राम
विधि : सबसे पहले आप मुनक्के को बीज निकालकर ब्लेंडर में पीसकर चटनी बना लें। अब इसमें गुलकंद, त्रिफला पाउडर और त्रिकुट पाउडर मिला लेंं। इस चूर्ण को आप एक एयर टाइट डिब्बे में भर लें। रात को सोते समय एक गिलास गर्म दूध या गर्म पानी के साथ इसका सेवन करें। इस टेस्टी चूर्ण से आपकी सालों पुरानी कब्ज भी दूर हो जाएगी। आपको बता दें कि त्रिकुट पाउडर कई औषधियों का मिश्रण है। इसमें पीपल, काली मिर्च और सौंठ मिलाई जाती है। इससे पाचन तंत्र दुरुस्त होता है। खाना आसानी से पच जाता है। वहीं त्रिफला चूर्ण तीन फलों का संगम होता है। जिसमें आंवला, हरड़ और बहेड़ा होता है। यह पाचन के साथ ही अन्य कार्यों के लिए भी मददगार है। गुलकंद और मुनक्के भी पाचन तंत्र सुधारते हैं।
इस सूप से मिटेगा गठिया का दर्द
सामग्री :
उड़द की दाल – मुट्ठीभर
अदरक – दो इंच बड़ा
पानी – एक गिलास
देसी घी – एक चम्मच
भुना जीरा – आधा चम्मच
नमक – सेंधा नमक
विधि : सबसे पहले आप एक गिलास पानी लें। अब मुट्ठीभर उड़द की दाल लेकर उसे अच्छे से वॉश कर लें। पानी को गर्म करें और उसमें उड़द की दाल डाल दें। इसमें अदरक को कूटकर डालें। पानी को आधा होने तक उबालें। फिर इसे छान लें। इसमें एक चम्मच देसी घी, आधा चम्मच भुना हुआ जीरा और स्वादानुसार सेंधा नमक मिला लें। इस देसी सूप को आप नियमित रूप से पिएं। इससे आपके जोड़ों का दर्द दूर होगा। खासतौर पर जो बुजुर्ग एक कदम नहीं चल पाते हैं। उन्हें इसे पीने से फायदा मिलेगा। उड़द की दाल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जिससे दर्द से राहत मिलती है। इसके साथ ही इस दाल में पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन और फास्फोरस होता है। ये सभी तत्व हड्डियों को मजबूत करते हैं। उड़द की दाल ऑस्टियोपोरोसिस और गठिया के दर्द से निजात दिलाने में भी मददगार होती है। वहीं अदरक को आयुर्वेद में औषधी माना गया है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो सूजन और दर्द दोनों से राहत दिलाते हैं।
