कैंसर का कारण बन सकती है गैस पर सेकी गई रोटियां! जानिए कितना सच है यह डर: Roti and Cancer 
कैंसर का कारण बन सकती है गैस पर सेकी गई रोटियां! जानिए क्या है सही तरीका

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रोटी को कैसे पकाना चाहिए, यह बात हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। अधिकांश घरों में रोटी तवे पर सेकने के बाद उसे सीधी आंच पर पकाया जाता है। लेकिन कई अध्ययनों के अनुसार रोटी को गैसी की लौ पर पकाने से कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

Roti and Cancer: क्या आप भी जब तक खाने में रोटी नहीं खाते, आपको तृप्ति का एहसास नहीं होता। क्या आपको भी दिन में कम से कम एक बार के मील में तो रोटियां चाहिए ही होती हैं। अगर हां, तो यह आर्टिकल आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, रोटी या चपाती अधिकांश भारतीयों के मुख्य भोजन का अहम हिस्सा है। इसके बिना आज भी करोड़ों भारतीयों का भोजन अधूरा माना जाता है। हालांकि रोटी को कैसे पकाना चाहिए, यह बात हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। अधिकांश घरों में रोटी तवे पर सेकने के बाद उसे सीधी आंच पर पकाया जाता है। लेकिन कई अध्ययनों के अनुसार रोटी को गैसी की लौ पर पकाने से कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। यह कई जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकता है। क्या है रोटी को गैस पर पकाने के नुकसान और इसे पकाने के समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए, यह जानना आपके के लिए जरूरी है। 

हर भारतीय घर में अच्छी रोटी वही मानी जाती है, जो गैस पर सेकने पर गुब्बारे की तरह फूल जाए।
In every Indian household, the only roti that is considered good is the one that puffs up like a balloon when baked on gas.

हर भारतीय घर में अच्छी रोटी वही मानी जाती है, जो गैस पर सेकने पर गुब्बारे की तरह फूल जाए। इससे रोटी का स्वाद कई गुणा बढ़ जाता है। लेकिन रोटी का स्वाद बढ़ाने का यह तरीका कई रोगों का कारण बन सकता है। जर्नल एनवायर्नमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी में रोटी को गैस या फिर नेचुरल गैस स्टोव पर पकाने को लेकर कई खुलासे किए गए। इस स्टडी के अनुसार नेचुरल गैस स्टोव से कई प्रकार के पॉल्यूशन निकलते हैं। इनमें पार्टिकुलेट मैटर, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इन तीनों को सेहत के लिए खतरनाक माना गया है। यह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के साथ ही हृदय रोग और श्वसन रोगों का कारण बन सकते हैं। 

रोटियां पोषण का भंडार है। इसमें हाई फाइबर के साथ ही जटिल कार्बोहाइड्रेट और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इसलिए इसे बैलेंस डाइट का हिस्सा माना गया है। हालांकि इसे ठीक तरीके से पकाना बेहद जरूरी है। न्यूट्रिशन एंड कैंसर जर्नल में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार जब रोटी को तेज आंच पर पकाया जाता है तो इस प्रक्रिया से कार्सिनोजेनिक यौगिक निकलने की आशंका रहती है। इसके कारण कोलोरेक्टल कैंसर की आशंका बढ़ सकती है। साथ ही इसमें कई हानिकारक तत्व निकलते हैं, जो रोटी के पोषण को कम करते हैं और सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।  

रोटियां गैस या सीधी आंच पर पकाने की परंपरा पिछले कुछ सालों में तेजी से चलन में आई है। इससे पहले तवे पर ही रोटियां सेकी जाती थीं। हालांकि अगर आप आंच पर रोटी सेक रहे हैं तो कुछ सावधानियां रखकर आप कई बड़ी परेशानियों से बच सकते हैं। इन ट्रिक्स से रोटी का पोषण भी बना रहेगा। सबसे पहली बात, आपकी रसोई में वेंटिलेशन हमेशा अच्छा होना चाहिए। इससे रोटी हानिकारक धुएं के संपर्क में कम आएगी। इसी के साथ आप सीधी आंच पर रोटी को कम समय के लिए पकाएं। इससे उसमें कैंसरकारी कंपाउंड कम बनेंगे। कोशिश करें कि रोटी को तवे पर ही पूरी तरह से पकाएं, इससे वह सीधी आंच के संपर्क में नहीं आएगी और हेल्दी बनी रहेगी। 

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...