Period Tracker Apps: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हेल्थ और फिटनेस ऐप्स बहुत मददगार साबित हो रहे हैं। खासकर महिलाओं के लिए पीरियड ट्रैकर ऐप्स एक बड़ा सहारा बन गए हैं। ये ऐप्स हर महीने के पीरियड्स का हिसाब रखते हैं, फर्टिलिटी से जुड़ी जानकारी देते हैं और कभी-कभी प्रेगनेंसी के चांस तक बताते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये ऐप्स कितने सेफ हैं? क्या आपके पर्सनल डेटा की प्राइवेसी का ध्यान रखा जाता है? कई बार ये ऐप्स आपकी प्राइवेट जानकारी जैसे पीरियड डेट्स, इन्फर्टिलिटी स्टेटस, हेल्थ डिटेल्स, वजन को रिकॉर्ड करते हैं। कई महिलाएं बिना सोचे-समझे इन ऐप्स को इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन इनके पीछे की सच्चाई जानना बहुत जरूरी है।
इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि पीरियड ट्रैकर ऐप्स कितने सेफ हैं, किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? अगर आप भी ऐसे ऐप्स का इस्तेमाल करती हैं, तो ये जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
पीरियड ऐप्स को आपकी जानकारी क्यों चाहिए?
जब आप किसी पीरियड ट्रैकर ऐप को डाउनलोड करती हैं, तो वह आपसे आपकी पर्सनल जानकारी मांगता है। इसमें आपके पीरियड डेट्स, आपकी उम्र, वजन, और मेडिकल हिस्ट्री जैसी बातें शामिल होती हैं। यह जानकारी ऐप इसलिए लेता है ताकि वह आपको सटीक रिजल्ट दे सके, जैसे अगला पीरियड कब आएगा, या ओव्यूलेशन डेट्स क्या होंगी। लेकिन कई बार हमें ये नहीं पता होता कि ये ऐप्स इस जानकारी को कहां स्टोर करते हैं और किसके साथ शेयर करते हैं। ऐसे में अगर ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी सही नहीं हो, तो आपकी प्राइवेट जानकारी कहीं भी लीक हो सकती है। इसलिए कोई भी ऐप इस्तेमाल करने से पहले उसकी पॉलिसी जरूर पढ़नी चाहिए।
आपकी जानकारी कौन-कौन देख सकता है?
हां, कई बार ऐप्स आपकी जानकारी को थर्ड पार्टी यानी दूसरी कंपनियों के साथ शेयर करते हैं। उदाहरण के लिए, मार्केटिंग कंपनियां या एडवर्टाइजिंग एजेंसियां इन डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं ताकि वे आपको उनके प्रोडक्ट्स बेच सकें। कई बार ये डेटा हेल्थ रिसर्च कंपनियों को भी दिया जाता है। इससे आपकी प्राइवेट जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है। खासकर इन्फर्टिलिटी या प्रेगनेंसी जैसी सेंसिटिव जानकारी का लीक होना महिलाओं के लिए बहुत बड़ी समस्या बन सकता है। इसलिए हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कौन-सा ऐप आपकी जानकारी को दूसरों के साथ शेयर कर सकता है।
प्राइवेसी पॉलिसी क्यों पढ़नी चाहिए?
जब आप कोई भी ऐप डाउनलोड करती हैं, तो अक्सर आप बिना पढ़े उसकी प्राइवेसी पॉलिसी को एक्सेप्ट कर लेती हैं। लेकिन असली सच्चाई तो इसी पॉलिसी में छुपी होती है। प्राइवेसी पॉलिसी में लिखा होता है कि ऐप आपके डेटा को कैसे इस्तेमाल करेगा, उसे स्टोर कैसे करेगा और किसके साथ शेयर कर सकता है। अगर कोई ऐप आपकी जानकारी को सुरक्षित रखने का दावा नहीं कर रहा, तो वहां दिक्कतें ज्यादा हैं। इसलिए किसी भी ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को ध्यान से पढ़ना और समझना बेहद जरूरी होता है। इससे आपको पता चलेगा कि आपकी प्राइवेट जानकारी कितनी सुरक्षित है।
ऐप्स इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी रखें?
अगर आप पीरियड ट्रैकर ऐप का इस्तेमाल कर रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सबसे पहले, ऐप की रेटिंग्स और रिव्यू पढ़ें। अगर ऐप के रिव्यू में लोग डेटा सिक्योरिटी को लेकर शिकायत कर रहे हैं, तो ऐसा ऐप इस्तेमाल न करें। दूसरा, ऐप के पर्मिशन को जांचें। क्या ऐप जरूरत से ज्यादा पर्सनल जानकारी मांग रहा है? अगर हां, तो सोच-समझकर इस्तमाल करें । तीसरा, ऐप की प्राइवेसी पॉलिसी जरूर पढ़ें। अगर उसमें लिखा है कि आपकी जानकारी किसी थर्ड पार्टी के साथ शेयर होगी, तो उसे तुरंत हटा दें।
क्या ऐप्स के बिना भी पीरियड ट्रैक कर सकते हैं?
अगर आपको लगता है कि ऐप्स आपकी प्राइवेसी के लिए सेफ नहीं हैं, तो आप कुछ आसान ऑपशंस चूज़ कर सकती हैं। आप अपने पीरियड्स का रिकॉर्ड किसी डायरी में लिख सकती हैं। या फिर अपने मोबाइल के नोट्स में सेव कर सकती हैं, जहां किसी थर्ड पार्टी की जरूरत नहीं होगी। कुछ महिलाएं कैलेंडर का भी इस्तेमाल करती हैं। इससे आपकी प्राइवेट जानकारी सिर्फ आपके पास रहेगी। अगर आप ऐप्स का ही इस्तेमाल करना चाहती हैं, तो उन ऐप्स को चुनें जो “डेटा प्रोटेक्शन” का वादा करते हैं और जिनकी प्राइवेसी पॉलिसी साफ-सुथरी हो। इस तरह आप अपनी हेल्थ की जानकारी को सुरक्षित रख सकती हैं।
