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कमर दर्द

कमर दर्द, पीठ दर्द, गर्दन दर्द . . . . ।. दर्द तो आज आम व्यक्ति के जीवन का एक अहम् हिस्सा बन चुका है। जाने अनजाने में हम कहीं कुछ ऐसा कर बैठते जो पीठ, कमर की असहनीय दर्द के लिए जिम्मेदार होती है और फिर दवाईयाँ खाकर भी जब आराम नहीं मिलता तो हम खुद को, डाॅक्टर को दोषी ठहराते हैं।

आइए देखें कैसे –
बहुत देर तक बैठना – क्या आपकेा पता है, बिना हिले घंटों बैठे रहना, टेबल कुर्सी पर नाॅन स्टाॅप काम करना आपकेा नुकसान पहुंचाते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि बैठने से आपकी रीढ़ की हड्डी पर चालीस प्रतिशत ज्यादा प्रेशर पड़ता है, बजाय खडे़ रहने के। जब हम लगातार काम करते हैं तो घंटों तक काम करते रहने की वजह से हम पोस्चर (मुद्रा) का ख्याल रखना भूल जाते है। जब काम की अधिकता होती है, डेडलाईन दी हुई होती ह,ै तो हम में से अधिकाशं लोग खाना नहीं खाते, काॅफी नहीं पीते लगातार काम करते रहते हैं।

यह सब आपकी मांसपेशियों को कमजोर बनाते है, क्योंकि देर तक जब मांसपेशियांे उपयोग नहीं होती तो कमजोर हो जाती है। 135 डिग्री एंगल पर बैठने की कोशिश करिए और ऐसी आॅफिस चेयर लीजिए जो आपके स्पाइन के कर्व के अनुरूप हो, उसे मजबूती दे।

एक्सरसाईज एवाइड करना – नियमित व्यायाम आवश्यक है। चाहे आप जिम जाएँ या एरोबिक्स करें, कोई गेम खेलें या अन्य शारीरिक गतिविधि करें। शरीर दर्द रोकने का सबसे अच्छा तरीका एक्सरसाईज है। दर्द के कारण शारीरिक गतिविधियाँ ना त्यागे क्योंकि स्टिकनैस दर्द को बढ़ायेगी। घूमना एक लाईट एक्सरसाईज है इसे जरूर करें। कमर दर्द व पीठ दर्द हटाने हेतु योग एक बेहतरीन व्यायाम है ।

फूड जंकी – भोजन आपकी संपूर्ण सेहत के लिए अत्यावश्यक है। जिन्हें कमर दर्द, पीठ दर्द की शिकायत है, वो रूकी हुई धमनियों की समस्या से अक्सर त्रस्त रहते हैं। सूजन ना हो इसके लिए नियमित रक्त संचार आवश्यक है। अपनी डाइट प्लान में कैफीन और प्रोसेसड् फूड को हटा कर यदि आप साबुत अनाज, मेवे और ताजे फल व सब्जियाँ लेगें तो दर्द से निजात मिल सकती है।

भार उठाना – यद्यपि प्रकृति ने नारी को कोमल बनाया है, पर फिर भी पुरूषों से ज्यादा नारी बोझ उठाती है। बड़ा पर्स, उसमें रखे बेतुके सामानों से, कधों में दर्द रीढ़ की हड्डी का झुकाव और तरह-तरह की परेशानी आम है। अपने पर्स में से अनावश्यक सामान निकालिए। आपका बैग आपके शरीर के वजन से 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिये।

बेड़ ट्रबल – क्या आपने कई सालों से अपना गद्दा नहीं बदला है ? पुरानें घिसे हुए गद्दों से पैसे भले ही आप बचा लें, पर डाॅक्टर को उस से ज्यादा पैसे देने पड़ जायेंगे। गद्दे हर सात साल में बदल जरूर लेंवें। गद्दे न ज्यादा साॅफ्ट हो न हार्ड।

हील डिसास्टर – आपको हाई हील पहनना पसंद है। इससे आप ग्लैमरस लगते है पर आपकी पीठ, कमर इसी से दर्द करती है। फ्लैट चप्पल से आपकी ग्रिप खत्म हो सकती है पर हाई हील से गिरना भी खतरनाक हो सकता है।

नाॅट लेटिंग गो – मन में बहुत सी धारणाऐं, पूर्वाग्रह ले के न चलें। अगर आप माफ करके भूलेगें नहीं तो फिर दर्द का शिकार बनते रहेंगे। शोध बताते हैं कि तनाव या कुढ़न से शरीर के हिस्सों में पीड़ा बनी रहती है।
इन आदतेंा को पहचानिए। आपके तन के बीमार रहने में आपके मन का अहम रोल है। रोजमर्रा की आदतेां से हम जाने अनजाने में बीमारी बढ़ा लेते हैं। इन्हें बदलिए स्वस्थ जीवन की यही कुँजी हैं।