Foods to Avoid with Asthma: दमा (अस्थमा) एक ऐसी बीमारी है जिसमें सांस की नली में सूजन और संकुचन होता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। इसमें आपकी डाइट का सीधा असर आपके शरीर पर पड़ता है। कुछ खाद्य पदार्थ दमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, जबकि कुछ से आराम मिल सकता है। इसलिए, दमा के मरीजों को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
दमा के मरीजों को किन चीजों से करना चाहिए परहेज
ठंडी और खट्टी चीजें: आइसक्रीम, ठंडा पानी, नींबू अचार आदि से बचें, क्योंकि ये अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।
मसालेदार और तला हुआ भोजन: ज्यादा मसालेदार और तला हुआ खाना फेफड़ों में सूजन बढ़ा सकता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
प्रोसेस्ड और पैकेटबंद फूड : इनमें मौजूद प्रिजरवेटिव अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
एलर्जी उत्पन्न करने वाले फल: केला, सेब और अंगूर जैसे फल बलगम को बढ़ा सकते हैं, जिससे अस्थमा की समस्या बढ़ सकती है।
शराब और कैफीनयुक्त ड्रिंक : ये शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं और अस्थमा के लक्षणों को और खराब कर सकते हैं।
दमा के मरीजों के लिए क्या है फायदेमंद
विटामिन C और E वाले फल और सब्जियाँ: जामुन, संतरा, कीवी, हरी पत्तेदार सब्जियाँ आदि का सेवन करें, क्योंकि ये फेफड़ों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त मछलियाँ: रावस और बांगड़ा जैसी मछलियाँ सूजन को कम करने में सहायक होती हैं।
दूध और दालें: दूध में मौजूद कैल्शियम और दालों में प्रोटीन फेफड़ों को मजबूत बनाते हैं।
विटामिन D युक्त आहार: अंडा, दूध और सूरज की रौशनी से विटामिन D मिलता है , जो अस्थमा को कंट्रोल करने में सहायक है।
तुलसी और शहद: तुलसी के पत्तों का सेवन और शहद के साथ दालचीनी लेने से फेफड़ों को आराम मिलता है ।
दमा के मरीजों को अपनी डाइट में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। कुछ चीजों से परहेज करके और कुछ का सेवन करके अस्थमा के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। हेल्दी डाइट और डॉक्टर की सलाह से दमा की स्थिति में सुधार संभव है।
