नमक हमारे भोजन का अनिवार्य तत्व हैं। यह भोजन के स्वाद की वृद्धि करता है। नमक के बिना भोजन फीका और बेस्वाद लगता है। नमक कई प्रकार के होते हैं, जैसे-सेंधा नमक, काला नमक, सांभर नमक और वर्तमान में प्रयोग किया जा रहा आयोडीन युक्त नमक। भोजन में आयोडीन युक्त नमक प्रयोग किया जाता है, जबकि औषधि आदि में सेंधा नमक मिलाया जाता है। सेंधा नमक शुद्ध, हल्का, स्वादिष्ट, स्निग्ध और शीतल होता है। यह रुचिकारक, वीर्यवर्धक, अग्निदीपक, त्रिदोषनाशक और हितकारी होता है। यह नमक कंठ दर्द, सूजन, खांसी, अनिद्रा, ज्वर, रक्तचाप आदि रोगों में काफी लाभदायक है। यह शरीर को हृष्ट-पुष्ट और सबल बनाने में भी कारगर है। इसके औषधीय प्रयोग इस प्रकार हैं।

  • पर्याप्त मात्रा में भोजन में नमक का सेवन करने से शरीर सबल, नीरोग और स्वस्थ रहता है।
  • थोड़े से गरम पानी में नमक डालकर पैरों को धोने से उनकी सूजन समाप्त हो जाती है।
  • रात को नमक मिले गुनगुने पानी में थोड़ी देर पैर डाले रखने और फिर मोटे कपड़े से पोंछकर सोने पर दिनभर की थकान उतर जाती है।
  • सेंधा नमक की डली चूसते रहने से कफ ढीला होकर निकल जाता है और खांसी से छुटकारा मिल जाता है।
  • नमक मिले गरम पानी से गरारे करने से गरारे करने से गले की सूजन तथा टाॅन्सिल में आराम हो जाता है।
  • यदि कोई विषैला कीड़ा काट ले तो पानी में नमक मिलाकर दंशित स्थान पर रगड़ें। इससे दर्द मिट जाता है।
  • आधा सीसी दर्द होने पर आधा चम्मच शहद में आधा चम्मच नमक मिलाकर चटाएं। काफी लाभ होगा।
  • हल्दी, काली मिर्च तथा सेंधा नमक प्रत्येक 5-5 ग्राम पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। आधा पानी शेष रहने पर गुनगुना पी जाएं। तुरंत ही जुकाम कम हो जाएगा।
  • दांतों या मसूड़ों में दर्द के स्थान पर पिसा सेंधा नमक मलें। तत्काल दर्द कम हो जाएगा।
  • नमक को तवे पर गरम करके मोटे कपड़े में बांधकर पोटली बनाकर दर्द वाले स्थान पर सेंक करें। मोच में आराम मिलेगा।
  • गरम पानी में नमक डालकर हाथ-पैरों को अच्छी तरह धोकर सोने से अनिद्रा दूर होती है।
  • बुखार आने पर एक कप पानी में थोड़ा-सा नमक डाल अच्छी तरह उबालकर पी लें। फिर चादर ओढ़कर लेंट जाएं। थोड़ी देर में पसीना आने से बुखार कम होकर धीरे-धीरे पूरी तरह उतर जाता है।
  • पेट दर्द, अफरा तथा वायुगोला आदि की अवस्था में नमक की डली को गरम करके मुंह में चूसेंं। काफी लाभ होगा।
  • यदि पेट की वायु के कारण मल की गांठें बन गई हों, तो नमक उन्हें खत्म करके दस्त के रूप में निकल देता है।
  • दांतों और मसूड़ों के दर्द में नमक को बारीक पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर मलने से काफी लाभ होता है।
  • समुचित नमक का सेवन किसी भी रूप में करने से निम्न रक्तचाप से छुटकारा मिल जाता है।
  • गठिया, आमवात आदि के दर्द में नमक मिले पानी में कपड़ा भिगोकर सेंक करने से काफी आराम मिलता है।
  • बारीक पिसे हुए नमक में सरसों के तेल की 2-4 बूंदें डालकर उंगली से दांतों को रगड़ने से दांत मोती की तरह चमकने लगते हैं।
  • नमक में सरसों का तेल मिलाकर धीरे-धीरे दांतों और मसूड़ों पर मलने के बाद मुंह खोलकर राल टपकाने से मसूड़ों से पस निकल जाता है और मुख की दुर्गंध मिट जाती है।
  • गरम पानी में नींबू और नमक मिलाकर प्रातःकाल पीने से कब्ज दूर होता है।
  • गरम पानी में नमक तथा शहद मिलाकर नियमित रूप से प्रातःकाल पिएं। शरीर के आवश्यक तत्व बाहर निकल जाएंगे।
  • त्वचा संबंधी रोगों में नमक मिले पानी से त्वचा को साफ करने से आराम मिलता है। हल्के गरम पानी में नमक डालकर स्नान करने से भी त्वचा साफ होती है।
  • सर्दियों में हाथ, पैर तथा उंगलियां सूज जाने पर गरम पानी में नमक और शलजम के 1-2 टुकड़े डालकर 3-4 दिन सेंक करने अथवा धोने से हाथ-पैरों की उंगलियों की सजन समाप्त हो जाती है।

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