नमक और चीनी में 'स्वाद' के साथ 'प्लास्टिक' भी खा रहे हैं आप, हुआ चौंकाने वाला खुलासा: Microplastics in Salt and Sugar
Microplastics in Salt and Sugar

Overview:

अध्ययन का दावा है कि भारत में बिकने वाले सभी प्रकार के नमक और चीनी में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया है। हैरानी की बात तो ये है कि इसमें पैकेज्ड और अनपैक्ड दोनों ही प्रकार के नमक और चीनी शामिल हैं। आपको बता दें कि माइक्रोप्लास्टिक्स कैंसर का एक बड़ा कारण हैं।

Microplastics in Salt and Sugar: नमक और शक्कर के बिना जिंदगी बेस्वाद है। अक्सर इन दोनों को लेकर ही लोगों की कई राय होती हैं। कोई कहता है कि आयोडीन नमक अच्छा है तो कोई सेंधा नमक और समुद्री नमक को बेस्ट बताता है। यही बात शक्कर के साथ भी है। कुछ लोग सल्फर फ्री चीनी को अच्छा मानते हैं तो कुछ सामान्य चीनी को बेस्ट बताते हैं। ऐसे में नमक और चीनी दोनों से ही हमेशा विवाद जुड़ा ही रहता है। इन सभी ​चर्चाओं और विवादों के बीच हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस खुलासे ने सभी को हैरान कर दिया है।

Microplastics in Salt and Sugar-इस चौंका देने वाले अध्ययन का दावा है कि भारत में बिकने वाले सभी प्रकार के नमक और चीनी में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया है।
This shocking study claims that microplastics have been found in all types of salt and sugar sold in India. Credit: Istock

इस चौंका देने वाले अध्ययन का दावा है कि भारत में बिकने वाले सभी प्रकार के नमक और चीनी में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया है। हैरानी की बात तो ये है कि इसमें पैकेज्ड और अनपैक्ड दोनों ही प्रकार के नमक और चीनी शामिल हैं। आपको बता दें कि माइक्रोप्लास्टिक्स कैंसर का एक बड़ा कारण हैं। यह अध्ययन हाल ही में पर्यावरण अनुसंधान संगठन टॉक्सिक्स लिंक की ओर से किया गया है। इस अध्ययन में करीब दस प्रकार के नमक के नमूनों का परीक्षण किया गया था। जिसमें टेबल सॉल्ट के साथ ही सेंधा नमक, समुद्री नमक और कच्चा नमक भी शामिल है। वहीं चीनी के पांच नमूनों की जांच की गई। इन सभी में माइक्रोप्लास्टिक्स के अंश मिले हैं।

अध्ययन के अनुसार नमक और चीनी में मिलने वाले माइक्रोप्लास्टिक्स काफी छोटे आकार के हैं। इनकी साइज 1 माइक्रोमीटर से 5 मिमी तक पाई गई है। इसी के साथ जिस नमक और चीनी को हम सभी शुद्ध मानकर खा रहे हैं उसमें माइक्रोप्लास्टिक्स के साथ ही विभिन्न रूपों में फाइबर, फिल्म और छर्रे के टुकड़े मिले हैं।  

प्रति किलोग्राम चीनी में 11.85 से लेकर 68.25 टुकड़े माइक्रोप्लास्टिक मिला।
11.85 to 68.25 pieces of microplastic were found per kilogram of sugar.

आमतौर पर आयोडीन नमक को बहुत ही हेल्दी माना जाता है। लेकिन इस अध्ययन के अनुसार आयोडीन नमक में सबसे ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक मिला है। प्रति किलोग्राम आयोडीन नमक में 89.15 टुकड़े माइक्रोप्लास्टिक मिले हैं। वहीं सेंधा नमक को भी स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है, लेकिन इसमें भी माइक्रोप्लास्टिक के अंश मिले हैं। हालांकि ये आयोडीन नमक से कम हैं। एक किलोग्राम जैविक सेंधा नमक में 6.70 टुकड़े माइक्रोप्लास्टिक था। वहीं प्रति किलोग्राम चीनी में 11.85 से लेकर 68.25 टुकड़े माइक्रोप्लास्टिक मिला। सबसे ज्यादा माइक्रोप्लास्टिक गैर कार्बनिक चीनी में मिला।

लंबे समय तक माइक्रोप्लास्टिक का सेवन करना सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। यह कैंसर का कारण भी बन सकता है।  माइक्रोप्लास्टिक के कण हमारे पेट और आंतों में इकट्ठा हो सकते हैं, जिससे पाचन तंत्र में सूजन, पेट दर्द और अन्य समस्याएं होने की आशंका रहती है। जर्नल एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव में प्रकाशित एक शोध के अनुसार माइक्रोप्लास्टिक आंत के साथ ही शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करते हैं। न्यू मैक्सिको विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की ओर से किए गए इस शोध के अनुसार माइक्रोप्लास्टिक्स आंत से होते हुए गुर्दे, यकृत और मस्तिष्क के ऊतकों में पहुंच सकते हैं और इन्हें प्रभावित कर सकते हैं। इनके कारण हार्मोन का बैलेंस भी बिगड़ सकता है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...