खाने की क्रेविंग को करें काबू में: Food Craving Control
Food Craving Control

Food Craving Control: यदि आपकी क्रेविंग आपको नित्य रूप से परेशान कर रही है, तो समझ लीजिए कि ये आपको एडिक्शन की ओर ले जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि आप भूख पर काबू पाने के उपायों को जानें-

जब प्रकृति हल्की ठंड की ओर करवट लेती है तो ऐसा लगता है कि कड़ाही के तेल में डूबकी लगाते पकौड़े ही हमारी उस भूख को मिटा सकते है। तथ्य तो यह है कि ये हमारी भूख नहीं, बल्कि उस चीज़ को खाने की क्रेविंग है। क्रेविंग स्पॉट करना बेहद आसान है, क्योंकि अपनी भूख की क्रेविंग मिटाने के लिए हम स्वास्थ्य भोजन का चयन नहीं करते (क्या आप कभी अपनी क्रेविंग मिटाने के लिए पत्तागोभी या फूलगोभी खाना पसंद करेंगे)। हम अपनी क्रेविंग को खत्म करने के लिए हाई फैट और शुगर युक्त खाद्य प्रदार्थ का ही चयन करते है। हमें ये जानने की अधिक आवश्यकता है कि किस तरह से हम अपनी क्रेविंग को काबू में रख सकते हैं।
कभी ध्यान दिया है कि जब आप तला हुआ भोजन खाते हैं, तो आपको अधिक खाने की क्रेविंग होती हैं, और अगर कभी मीठा खा लिया तो क्रेविंग और भी बढ़ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि फैट, शुगर, नमकीन, कैफीन और अल्कोहल जैसे खाद्य पदार्थ हमारे रक्त में ओपियोइड्सिन नामक कैमिकल छोड़ देते हैं, जो हमारे दिमाग में रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं और संतुष्टि और आनंद की भावना प्रदान करते है और एक प्रकार से कैमिकल को भी इमबैलेंस करते हैं। दूसरी ओर जहां फल, सब्जी जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों की बात करें तो वे हमारी भोजन की क्रेविंग को कंट्रोल में रखते है।

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वैसे अगर देखा जाए तो असल में हमें भूख नहीं लगती, ये सब क्रेविंग का खेल होता है। ये हमारे दिमाग में पैदा होती है। क्रेविंग के वक्त हमें वास्तविक भूख की बजाय इच्छा से अधिक भूख मिटानी होती है। वैसे जब आपको किसी चीज़ के लिए क्रेविंग होती है, तो भोजन की भूख आपके पेट से नहीं, बल्कि आपके मस्तिष्क से आ रही होती है (उस वक्त आपको इसकी आवश्यकता नहीं होती बल्कि चाहत होती है)।

अक्सर हमारे दिमाग में क्रेविंग के लिए कुछ ना कुछ चलता रहता है। उदाहरण के तौर पर जैसे हम रात को खाना खाने के बाद कुछ मीठा खाना पसंद करते हैं। इस आदत को छोड़ने के बजाय आप एक स्वस्थ विकल्प भी चुन सकते हैं। नित्य रूप से एक ठंडा खरबूजा खाएं, जो एक लड्डू के बराबर काम करता है या इससे
भी बेहतर।

आप अपने मन कभी भी चॉकलेट केक या कोई भी ऐसी चीज़ ना लाए जो आपको पसंद हो, ऐसी चीज़ो को खुद से नकारने का प्रयास करें। ऐसा करने से आप जल्द ही क्रेविंग की आदत को खत्म कर देंगे। क्रेविंग को अपनी शरीर से खत्म करने के लिए एक कप गर्म कोको का सेवन करें, क्योंकि यह क्रेविंग को कम करने में बेहतर काम करती है।

अक्सर हार्मेनल असंतुलन, लो ब्लड शुगर या कमजोर पाचन लो सेरोटोनिन का कारण बन सकता है, जो मस्तिष्क को संकेत भेजता है। आमतौर पर इन मामलों में कार्बोहाइडे्स की तलाश करते हैं, जो ट्रीटोफन (ह्लह्म्4श्चह्लशश्चद्धड्डठ्ठ) सप्लाई करता है, जिसकी मदद से सिक्रेट सेरोटोनिन (ह्यद्गष्ह्म्द्गह्लद्ग ह्यद्गह्म्शह्लशठ्ठद्बठ्ठ) (खुशी रसायन) बनते हैं।

कभी-कभी पोषण युक्त भोजन की कमी की वजह से भी क्रेविंग होती है। जब कभी मैग्नीशियम या बी कॉम्प्लेक्स कम हो जाता है, तो हमारा शरीर चॉकलेट खाने के लिए मचल उठता है। ऐसे समय में या तो एक छोटा सा टुकड़ा चॉकलेट का ले लें या फिर बादाम, काजू और सूरजमुखी के बीज (ये सभी मैग्नीशियम युक्त आहार है) को अपने आहार का हिस्सा बना सकते हैं।

इसी प्रकार से नमक की क्रेविंग थायराइड या एडे्नल ग्रंथियों के खराब होने के संकेत देती है। जिस किसी व्यक्ति को लो कैल्शियम, पोटेशियम या आयरन की कमी होती है उन व्यक्तियों मे नमकीन खाद्य पदार्थ को खाने की क्रेविंग ज्यादा होती है। अपनी समस्या या बीमारी का एक सही उपचार निकाले ना की उसे बार-बार अपनी शरीर मे उभरने दें।

इस आदत को छोड़ने के बजाय आप एक स्वस्थ विकल्प भी चुन सकते हैं। नित्य रूप से एक ठंडा खरबूजा खाएं, जो एक लड्डू के बराबर काम करता है।