Cold and Flu Remedy: मौसम के बदलाव के साथ ही आरम्भ हो जाती है ढेरों ऐसी बीमारियां जो आपको परेशान करने लगती हैं। मानसून की बात कि जाए तो मानसून में सबसे ज्यादा बीमारियां फैलती है। क्योंकि बारिश में नमी और जगह-जगह पानी का भराव मुसीबत का सबब बन जाता है उससे मच्छरों का जन्म और फिर बीमारियां फैलनी शुरू हो जाती हैं। तो दूसरी तरफ बार-बार सर्द-गर्म मौसम शरीर को दिक्कत पहुंचाने लगता है। क्योंकि इससे कोल्ड या फिर फ्लू होने का ज्यादा खतरा हो जाता है। चिपचिपे और उमस भरे मौसम में कभी एसी चलाने की जरूरत पड़ती है तो कभी बारिश की वजह से ठंडा मौसम होने के कारण दिक्कत होने लगती है। इस मौसम में अक्सर लोगों को कोल्ड और फ्लू की शिकायत रहती है लेकिन वो कोल्ड और फ्लू में फर्क नहीं समझ पाते। आज इस लेख में हम आपको कोल्ड और फ्लू के लक्षण और उनसे बचाव की जानकारी देंगे, जो आपके काम आ सकती हैं।
कोल्ड

अक्सर बारिश के मौसम में कोल्ड हो जाता है। कोल्ड जिसे वायरल राइनाइटिस कहते है जो श्वसन संक्रमण भी होता है। 200 से ज्यादा वायरस में से एक कारण हो सकता है। लेकिन राइनोवायरस की बात कि जाए तो ये 40 प्रतिशत तक सर्दी पैदा करते है। इनका संक्रमण सबसे ज्यादा शरद ऋतु और वसंत ऋतु में फैलता है। दूसरे वायरस जो सर्दी को प्रभावित कर सकते हैं उनमें एडिनोवायरस, रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस और मौसमी कोरोना वायरस भी शामिल हैं। कोल्ड में आपकी नाक और मुंह में संक्रमण फैलता है। ये एक दूसरे के हाथ मिलाने तक से भी हो सकता है।
कोल्ड के लक्षण
- यदि कोल्ड के लक्षण की बात की जाए तो इसमें आपके गले और नाक में सबसे पहले असर पड़ता है। गले में खराश पैदा हो जाती है साथ ही खांसी हो जाती है जो काफी ज्यादा होती है। साथ ही नाक बहने लगती है। बार-बार छींक आने लगती है।
- सिर में दर्द रहता है और कमजोरी महसूस होने लगती है जिससे आपको हमेशा थकान महसूस होती है।
- अगर कोल्ड बढ़ जाता है तो वह छाती में जम जाता है इससे आपको बुखार भी आ सकता है।
- -जुकाम में आपका पूरा शरीर कमजोरी महसूस करता है तो आपके घुटनों में या जोड़ो में भी दर्द होने लगता है।
- वैसे कोल्ड चार या पांच दिन रहता है लेकिन कई बार इसे ठीक होने में हफ्ते दस दिन लग जाते है।
इलाज
- जरूरी है कि जब आपको कोल्ड हुआ हो तो अच्छी तरह आराम करें। आराम नहीं करेंगे तो तबीयत और खराब हो सकती है।
- ज्यादा हैवी खाने से बचें। हल्का फुल्का भोजन करें हो सके तो जितना हो सके तरल पदार्थ लें। इससे आपको आराम मिलेगा।
- घरेलू उपचार करें इसमें गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करें। गले को आराम देने के लिए गर्म पानी पीना फायेदमंद साबित होगा। लेकिन बहुत ज्यादा गर्म पानी भी नहीं पीना, इससे गले में खुश्की हो सकती है।
- अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाएं जिसके लिए खूब सारा पानी पिएं। पानी शरीर में इम्युनिटी को मजबूत बनाता है। और आपको बिमारियों से लड़ने में मददगार सबित होता है।
- गले और नाक में जब ज्यादा इंफेक्शन हो जाए तो जरूरी है कि डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाइयां लें।
फ्लू

कोल्ड और फ्लू में काफी अंतर है फलू खासतौर पर इन्फ्लूएंजा वायरस के अलग-अलग प्रकारों की वजह से होता है। फ्लू में जरूरी हो जाता है कि डॉक्टर से परामर्श लें क्योंकि इसमें पता लगाया जाता है कि वायरस की प्रकृति क्या है उसी के हिसाब से इलाज करा जाता है। फ्लू में अचानक से लक्षण आने लगते है एकदम से तेज बुखार चढ़ता है। और बिना दवाई के उतरता भी नहीं है साथ ही दवाई लेने के हर चार से पांच घंटे में दोबारा से चढ़ जाता है। ये एक सप्ताह तक रहता है। यदि फ्लू में आपने ध्यान नहीं दिया तो ऐसा हो सकता है कि ये निमोनिया बन जाएं और दिक्कत बहुत ज्यादा बढ़ जाए।
फ्लू के लक्षण
- फ्लू में अक्सर गले से इसकी शुरुआत हो सकती है जिसमें आपके गले में दर्द हो सकता है। खराश के साथ खांसी हो सकती है।
- नाक का बहुत ज्यादा बहना।
- फ्लू में तेज बुखार एकदम से चढ़ता है। और जल्दी से उतरता नहीं है। ऐसे में डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
- इसमें सर्दी लगने के साथ सिर में दर्द भी रहता है।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी होता है।
- फ्लू में अक्सर हर किसी को अलग-अलग लक्षण हो सकते है। ये गंभीर रूप भी ले सकता है।
- छाती में दर्द के साथ सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
- कई लोगों में कान में दर्द की शिकायत भी देखी जाती है।
रोकथाम
- खांसते या छींकते समय मुंह पर टिशू पेपर रखें और उसे इधर उधर न फेंके डस्टबिन में डालें।
- हमेशा हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं।
- साफ सफाई का ध्यान रखें।
- विटामिन सी भरपूर उत्पादों का सेवन करें ऐसे उत्पाद फ्लू में काफी फायदेमंद साबित होते है।
- हर्बल चाय पीने से फ्लू को ठीक करने में मदद मिलती है।
- पानी पर्याप्त मात्रा में लेना आवश्यक है। इससे शरीर में में इम्यूनिटी बनी रहती है जिससे फ्लू को जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है या फिर जल्दी से फ्लू होता नहीं है।
- यदि फ्लू गंभीर रूप लेता जा रहा है तो ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टर के पास जाएं क्योंकि कई बार फ्लू भी खतरनाक साबित हो सकता है। घर में ही उपचार करने से कई बार बात बिगड़ सकती है। डॉक्टर के परामर्श से दवाइयों के साथ आप घरेलू उपचार कर सकते है। जिससे आप जल्दी से ठीक हो पाए।।
(फिजिशियन डॉ डीके चौहान से बातचीत पर आधारित)
