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अक्सर लोग गाजर के हलवे को अनहेल्दी मानते हैं, लेकिन असल में सर्दियों का यह हलवा पौष्टिक गुणों से भरपूर है। ऐसे में अगर आप भी सर्दियों को खाते पीते इंजॉय करना चाहते हैं तो बिना टेंशन के लिमिट में गाजर हलवा खा सकते हैं।
Gajar ka Halwa Benefits: सर्द हवाओं के बीच गर्मागर्म गाजर का हलवा खाने का मजा ही अलग है। लेकिन फिटनेस फ्रीक लोगों के सामने यह दुविधा होती है कि वे स्वाद चुनें या सेहत। अक्सर लोग गाजर के हलवे को अनहेल्दी मानते हैं, लेकिन असल में सर्दियों का यह हलवा पौष्टिक गुणों से भरपूर है। ऐसे में अगर आप भी सर्दियों को खाते पीते इंजॉय करना चाहते हैं तो बिना टेंशन के लिमिट में गाजर हलवा खा सकते हैं। आइए जानते हैं कि जिस हलवे को आप अनहेल्दी मानते हैं, असल में वह कितना हेल्दी है।
विटामिन का है खजाना

यह टेस्टी हलवा बनता है ढेर सारी गाजर से। यही कारण है कि गाजर के हलवे को विटामिन्स का खजाना कहा जाता है और सर्दियों में इसका सेवन किया जाता है। गाजर विटामिन ए, सी और के से भरपूर होती है। विटामिन ए आंखों के लिए और विटामिन सी इम्यूनिटी के लिए अच्छा होता है। इसी के साथ गाजर में हाई फाइबर होता है। यही कारण है कि गाजर का हलवा आपका पाचन तंत्र दुरुस्त करता है, इससे मेटाबॉलिज्म सुधरता है और आंतें स्वस्थ रहती हैं।
मैनेज होती है कैलोरी
अक्सर लोग गाजर का हलवा इसलिए नहीं खाते हैं, क्योंकि उन्हें कैलोरी का डर लगता है। लेकिन हाई फाइबर के कारण गाजर का हलवा खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है। जिससे आपको जल्दी-जल्दी भूख नहीं लगती है। ऐसे में सीमित मात्रा में इसे खाना सेहतमंद रहता है। आप आसानी से इसे खाकर कैलोरी मैनेज कर सकते हैं। यह हलवा शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी कम करता है। जिससे हार्ट हेल्दी रहता है।
कम होता है ग्लाइसेमिक इंडेक्स
डायबिटीज से पीड़ित मरीज गाजर के हलवे से दूर रहते हैं। लेकिन गाजर और दूध से बनने के कारण इस हलवे में नेचुरल मिठास होती है। आप इसे बिना चीनी डाले भी खा सकते हैं। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। गाजर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 15 से 16 के बीच होता है। ऐसे में आप इसे लिमिट में खा सकते हैं। इसे खजूर या गुड़ डालकर और हेल्दी बनाया जा सकता है।
हेल्दी रहती हैं हड्डियां
गाजर के हलवे में ढेर सारा दूध और मावा डाला जाता है। ये दोनों ही कैल्शियम से भरपूर होते हैं। इससे हड्डियां हेल्दी रहती हैं। साथ ही यह प्रोटीन से भी भरपूर होता है। इतना ही नहीं दूध विटामिन डी का भी अच्छा सोर्स होता है। विटामिन डी बोन डेंसिटी को कम करने में मददगार होता है। इससे फ्रैक्चर और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है। अगर आप गाजर के हलवे को गाय के दूध में बनाते हैं तो इसके गुण और भी बढ़ जाते हैं, क्योंकि इसमें इम्युनोग्लोबुलिन और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो इम्यूनिटी बूस्ट करके आपको कई इंफेक्शन और फ्लू से बचाते हैं।
ड्राई फ्रूट्स रखते हैं हेल्दी
सर्दियों में बनने वाले गाजर के हलवे में काजू, बादाम, किशमिश, सूखा नारियल, पिस्ता जैसे कई ड्राई फ्रूट्स डाले जाते हैं। ये सभी शरीर की इम्यूनिटी और एनर्जी को बढ़ाते हैं। इनसे शरीर में गर्माहट रहती है, जिसके कारण आप कई प्रकार के फ्लू, इंफेक्शन और बीमारियों से बचे रहते हैं। बादाम में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इसमें फॉलिक एसिड, विटामिन ई, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम होता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है। किशमिश आयरन से भरपूर होने के कारण एनीमिया जैसी समस्याएं दूर करती है। पोटेशियम होने के कारण यह ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करती है। हाई कार्बोहाइड्रेट के कारण यह एनर्जी देता है।
घी से मिलते हैं हेल्दी फैट्स
सर्दियों में घी खाना बहुत ही फायदेमंद रहता है। गाजर के हलवे में देसी घी भी डाला जाता है। देसी घी में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन और हेल्दी फैट्स होते हैं। ये सभी शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
