यूरिन इन्फेक्शन से बचने के लिए 7 टिप्स: Avoid Urine Infection
Avoid Urine Infection

Avoid Urine Infection: यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) यूरिनरी सिस्टम के किसी भी हिस्से में होने वाला इन्फेक्शन है जिसमें किडनी, ब्लैडर और यूरेथ्रा शामिल हैं। बैक्टीरिया यूरिन पैसेज (मूत्र मार्ग) में प्रवेश करते हैं और पेशाब के दौरान जलन, तेज गंध वाला यूरिन, मतली या उल्टी, मांसपेशियों में दर्द या पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण पैदा करते हैं। यह बुखार और यहां तक ​​कि पेशाब में खून भी पैदा कर सकता है।

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यूटीआई की कैसे हो सकती है समस्या

यूटीआई कि समस्या से महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। कई महिलाओं को पता ही नहीं चलता कि आखिर उन्हें ये इन्फेक्शन हो कैसे रहा है। तो चलिए इससे जुड़े कारण के बारे में पहले जान लेते हैं।

•    पानी की कमी– जब महिलाएं कम पानी पीती हैं तो, इससे उन्हें पेशाब भी कम होती हैं। इस वजह से बैक्टीरिया का निर्माण होने लगता है। इसलिए विशेषज्ञ भी इस बात कि राय देते हैं कि दिन भर में 7 से 8 ग्लास पानी का पियें। जिससे शरीर के बैक्टीरिया बाहर निकल सकें।

•    पेशाब को रोकना- लम्बे समय तक पेशाब को रोककर रखना आफत बना सकता है। इससे बैक्टीरिया को बढ़ावा मिलता है। जिससे यूटीआई संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचना है तो ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, और पेशाब को बिलकुल भी रोककर ना रखें।

•    टाइट कपड़े पहनना- अगर आपको टाइट अंडरगारमेंट्स पहनने की आदत है तो आप अपनी इस आदत को बदल लें। क्योंकि इससे योनी में कसाव होता है और बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते।

•    पहली बार सेक्स के बाद- ज्यादातर लड़कियों को यूटीआई के संक्रमण कि समस्या पहली बार सेक्स के बाद भी होने लगती है। इसके लिए आपको ज्यादा चिंता करने कि जरूरत नहीं है। आप सेक्स के तुरंत बाद पेशाब जायें और अपनी वेजाइना को पानी से धोयें साथ ही खूब सारा पानी पिएं।

कैसे हो रोकथाम और उपचार

अब आपने यूटीआई होने कि वजह तो जान ली। तो अब आप ये भी जान लीजिये कि इसकी रोकथाम और इसका उपचार आखिर किया कैसे जाए। 

•    जितना हो सके उतना तरल पीजिये। ताकि पेशाब के जरिये गंदगी टिके नहीं और वो निकल जाए।

•    पेशाब के बाद अपनी योनी को सादे पानी से जरुर धोएं और उसे पोछे।

•    किसी भी तरह के केमिकल वाले प्रोडक्ट को अपनी योनी से दूर रखें, क्योंकि इससे ना सिर्फ योनी बल्कि अंदरूनी हिस्से भी प्रभावित होते हैं।

•    बैक्टीरिया से बचने के लिए पानी पियें और सेक्स के बाद तुरंत अपनी योनी को धो लें।

•    योनी के आसपास में नमी ना रहे, इसके लिए कॉटन के अंडरगारमेंट्स पहने, जो तंग ना हों।

•    शराब और कैफीन के सेवन से बचें। इससे आपको जलन महसूस हो सकती है।

जब पड़े डॉक्टर की जरूरत

यूटीआई की समस्या को कभी भी हल्के में ना लें। क्योंकि अगर इसकी समस्या बढ़ी तो आपके लिए काफी मुश्किल हो सकती है। आपको किस स्थिति में डॉक्टर कि मदद लेनी पड़ सकती है, चलिए ये भी जान लेते हैं।

•    डॉक्टर कि बताई हुई एंटीबायोटिक कोर्स को पूरा करें, अगर अपने बीच में कोर्स अधूरा छोड़ दिया है तो, आपको यूटीआई कि समस्या बार-बार परेशान कर सकती है।

•    अगर आप अपने प्राइवेट पार्ट कि सफाई नहीं करेंगी तो आपको डॉक्टर की जरूरत पड़ सकती है।

•    आपको डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटीबायोटिक दवाओं के साथ नारियल पानी, क्रैनबेरी जूस, जौ के पानी का सेवन करें।

•    अगर समस्या गम्भीर है तो डॉक्टर या जानकार के बताये अनुसार संतुलित आहार को अपने भोजन में शामिल करें।

क्या कहते हैं शोध?

शोध के मुताबिक अगर यूटीआई कि समस्या आपको बार-बार हो रही है तो, किसी अच्छे उपचार की तलाश करें। जरूरत पड़ने पर नियमित रूप से यूरिन का परीक्षण करवाएं। आप सोनोग्राफी की मदद भी ले सकती हैं।

यूटीआई से जुड़ी ये थी कुछ ऐसी जानकारी जिसमें हमने आपको इसके होने के कारण, उपचार और रोकथाम के बारे में बताया। उम्मीद है इस लेख से आपको अच्छी मदद होगी।