आज जहां हर कोई इस रफ्तार भरी जिन्दगी में दौड़ता चला जा रहा है। ऐसे में अपने स्वास्थ्य की खबर किसे रहती है। सुबह का निकला इंसान कब शाम की ओर रुख कर लेता है, उसे खुद ही पता नहीं चलता। ऐसे में अपने खानपान का ख्याल किसे रहता है। ज्यादातर लोग सोने से पहले कुछ न कुछ जरूर खाते हैं। ज्यादा व असंतुलित आहार का सेवन बहुत सी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को बढ़ाता है। देर रात खाने से बहुत सी दिक्कतें होती हैं। कहने को तो ये मामूली समस्याएं होती हैं, लेकिन ये जानलेवा भी हो सकती है।
वज़न का बढ़ना-
आज के समय में वजन बढ़ना आम बात हो गई है ऐसे में बेवक्त खाना भी इसका एक कारण है। ‘द फूड यू क्रेव’ किताब की लेखिका एली क्राइजर का कहना है कि स्नेक फूड- चिप्स, केन्डी, कुकीज़, इन सबका सेवन देर रात करने से कैलोरी बढ़ती है जिससे कि वज़न बढ़ने की समस्या उत्पन्न होती है। क्योंकि दिन की अपेक्षा रात के समय में कैलोरी का सेवन करने से शरीर उसको जला नहीं पाता, और वो शरीर में वजन के रूप बढ़ जाती है। ऐसे में आप केला, चेरी आदि का सेवन करेंगे तो आपके लिये स्वास्थ्य वर्धक होगा।
सीने में जलन-
देर रात व असंतुलित भोजन करने से मुख्यता सीने में जलन होती है जिसकी वजह से एसिडिटी भी होती है। और तो और खाना खाके तुरन्त लेट जाने के बाद ये दिक्कत और बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बचने के लिये आप ध्यान दें कि आप रात्रि के समय मसालेदार चीजों का सेवन न करें और न ही लहसुन युक्त कोई चीज खायें। साथ ही साथ एसिडिक पदार्थ जैसे कि- सॉस, तली हुई चीजें आदि से परहेज करे। इसीलिये शाम के समय प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेड युक्त भोजन करना चाहिये। या हो सके तो फल खाया करें।
इन्सोम्निया-
आज के समय में हर दूसरा इंसान इन्सोम्निया से जूझ रहा है। रात के समय नींद न आने को ही इन्सोमिनिया कहते है। इसका मुख्य कारण देर रात खाना है। बहुत से लोग देर रात मादक पदार्थों का सेवन करते है व कुछ लोगों को रात में कॉफी पीना पसंद है। इन सबकी वजह से उन्हें नींद आने में दिक्कत होती है, धीरे-धीरे ये आदत में आ जाता है। और फिर ये एक बीमारी का रूप ले लेता है। यहां तक की खाली पेट सोना भी आपकी नींद में खलल डाल सकता है। इसकी जगह आप दाल, दूध आदि का सेवन कर सकते है। जिससे कि आप स्वस्थ्य नींद ले सकें।
अस्थमा की बीमारी-
‘द अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी’ में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, जिन व्यक्ति को अस्थमा है, उनके लिये देर रात भोजन करना उनकी समस्या को बढ़ा सकता है। 261 अस्थमा मरीजों पर किये शोध में पता चला है कि उन्हें दिन की अपेक्षा सोते समय भोजन करने से कफ़ और सांस लेने जैसी समस्याओं से सामना करना पड़ा। ये समस्याएं जानलेवा भी हो सकती हैं।
इसी के साथ देर रात खाने से नियमित मलमूत्र निष्कासन प्रक्रिया में भी असमानता आती है। व इसकी वजह से पाचन क्रिया भी प्रभावित होती है।
कहते हैं कि किसी भी चीज की अति अच्छी नहीं होती। और अब वो दौर नहीं रहा जब कभी भी कुछ करने व खाने से किसी प्रकार की समस्या नहीं होती थी। आज के समय में जब इंसान जितना ज्यादा तकनीकी सुविधाओं को भोग रहा है, उसे उतनी ही ज्यादा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रही है। ऐसे में उचित आहार व नियमित समय पर खाना बहुत जरूरी हो गया है।
