विटामिन सी
विटामिन C डे हर वर्ष 4 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन लोगों को आहार में विटामिन सी ऐड करने से होने वाले लाभों के बारे में शिक्षित किया जाता है। यह एक सेलेब्रेटरी कैंपेन है, जिसके तहत लोगों को बताया जाता है कि किस फल या सब्जी में हाई विटामिन सी है और उसे कंज्यूम करने का सबसे कारगर तरीका क्या है? इस बिजी लाइफ में लोग अपनी डाइट में उचित फल और सब्जियों को शामिल करना भूल जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए एकदम भी अच्छा नहीं है। यह दिवस हर दिन होने वाले पौष्टिक भोजन की खपत के लिए बनाये गए दिशानिर्देशों  से भी लोगों को अवगत कराता है।
 
क्या है विटामिन C ?
 
विटामिन C को एस्कॉर्बिक एसिड के नाम से भी जानते हैं। बॉडी की कार्यप्रणाली को सही ढंग से चलाने के लिए विटामिन सी अति आवश्यक पोषक तत्वों में से एक है। इसलिए हमारे लिए विटामिन C से भरपूर फल व सब्जियों का सेवन करना बहुत जरूरी हो जाता है। यह बेहद जरूरी है कि हेल्दी रहने के लिए इसकी पर्याप्त मात्रा उचित टाइम पर ली जाये।
 
क्यों होती है इसकी जरुरत
 
विटामिन सी से हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है, जिससे खांसी, जुखाम व अन्य तरह के संक्रामक रोग होने का खतरा कम हो जाता है। यह रेड ब्लड सेल्स और हीमोग्लोबिन के निर्माण व विकास में भी सहायक होता है। विटामिन C के अभाव से बॉडी का प्रॉपर विकास नहीं हो पाता है। ड्राई हेयर, बालों का गिरना, थकावट, अचानक वजन कम होना, त्वचा की असमान रंगत आदि लक्षण विटामिन C की कमी की ओर इशारा करते हैं। विटामिन सी की कमी से दांत, मसूढ़े और हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं। यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी कंट्रोल करता है।
 
एक दिन सेहत के नाम
 
हेल्दी फूड्स को खरीदना और पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में विटामिन C का उपभोग करना इस दिन का मुख्य अजेंडा होता है। इस दिन लोग अपनी पूरी लाइफ को स्वास्थवर्धक बनाने के लिए जो फल और सब्जियां शरीर के लिए आवश्यक है, उनको भी मार्केट में ढूंढते है। विटामिन सी की प्रचुर मात्रा को कंज्यूम करना इस दिन का अंतिम लक्ष्य होता है।
 
एक थाली फलों वाली 
 
अंगूर, आंवला, संतरा, टमाटर, नींबू, बेर, अमरूद, नारंगी जैसे कई फ्रूट्स विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा पुदीना, मुनक्का, दूध, मूली के पत्ते, कटहल, शलगम, बंदगोभी, चुकंदर, चौलाई, पालक आदि हमारे शरीर में विटामिन सी की पूर्ति करते हैं।