North Indian Sweets: त्यौहार पर बाजार की मिठाइयां खाने का रिस्क अगर आप नहीं लेना चाहती हैं तो घर पर ही होम शेफ जमुना सोमानी के साथ मिलकर उत्तर भारत की प्रसिद्ध मिष्ठान बनाकर मेहमानों को खिलाएं।
बालूशाही
एक पारंपरिक भारतीय मिठाई, जो बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम होती है। त्यौहार और विशेष अवसरों के लिए उत्तम।
सामग्री: मैदा 2 कप, घी ½ कप, दही द कप, बेकिंग पाउडर ½ छोटा चम्मच, बेकिंग सोडा 1 चुटकी, चीनी 1½ कप, पानी 1 कप, इलायची पाउडर ½ छोटा चम्मच, घी तलने के लिए।
सजावट के लिए: कटे हुए पिस्ता और बादाम।
विधि: आटा गूंथना: एक बड़े बर्तन में मैदा, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा छान लें। इसमें घी डालकर अच्छी तरह हाथों से मसलें ताकि मिश्रण क्रम्ब जैसा हो जाए। अब इसमें दही डालकर हल्का-सा सख्त आटा गूंथ लें, (पानी न डालें)।
बालूशाही आकार देना: आटे को 30 मिनट ढककर रख दें। इसके बाद छोटे-छोटे गोले
बनाएं और बीच में अंगूठे से हल्का दबाव देकर छेद जैसा करें।
तलना: कड़ाही में घी हल्की आंच पर गर्म करें। बालूशाही को धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। ध्यान रखें कि आंच तेज न हो, वरना अंदर से कच्ची रह जाएगी।
चाशनी बनाना: एक पैन में चीनी और पानी डालकर 1 तार की चाशनी तैयार करें। इसमें
इलायची पाउडर डाल दें।
डुबोना: तली हुई बालूशाही को गर्म-गर्म चाशनी में डालें और 3-4 मिनट भिगोकर निकाल लें।
सजावट: ऊपर से कटे पिस्ता और बादाम छिड़कें।
परोसने का सुझाव: बालूशाही को पूरी तरह ठंडा होने पर परोसें। इसे एयरटाइट डिब्बे में 5-6 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। त्यौहार या विशेष अवसरों पर यह मिठाई मेहमानों को बहुत पसंद आएगी।
मूंग दाल के लड्डू

सर्दियों और त्यौहारों की विशेष मिठाई, जो स्वाद के साथसाथ ताकत और पोषण से भरपूर होती है।
सामग्री: मूंग दाल (पीली) 1 कप, घी ½ कप (आवश्यकतानुसार),पिसी हुई चीनी ङ कप (स्वादानुसार), इलायची पाउडर ½ छोटा चम्मच, बादाम, काजू, पिस्ता ½ कप (बारीक कटे हुए),
नारियल बुरादा 2 बड़े चम्मच (वैकल्पिक)।
विधि: मूंग दाल को भूनना: सबसे पहले मूंग दाल को बिना घी के कड़ाही में धीमी आंच पर
सुनहरा होने तक अच्छी तरह भून लें। इससे दाल की कच्ची गंध निकल जाएगी और एक हल्की-सी खुशबू आने लगेगी।
दाल को पीसना: ठंडी होने पर भुनी हुई दाल को मिक्सर में डालकर बारीक बेसन जैसा पाउडर बना लें।
बेसन सेकना: अब कड़ाही में घी गरम करें और तैयार किया हुआ मूंग दाल का बेसन डालें। धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए इसे गुलाबी और सुगंधित होने तक सेकें।
मेवे और इलायची मिलाना: जब बेसन घी छोड़ने लगे और खुशबू आने लगे, तब इसमें कटे हुए मेवे और इलायची पाउडर डालकर मिला दें।
चीनी मिलाना: आंच बंद करके मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें। अब इसमें पिसी हुई चीनी डालकर अच्छे से मिला दें।
लड्डू बनाना: मिश्रण जब गुनगुना रहे तब हाथों में थोड़ा घी लगाकर मनचाहे आकार के लड्डू बना लें।
परोसने का सुझाव
1. लड्डू ठंडे होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में भरकर 12-15 दिन तक सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
2. यह लड्डू हल्के होने के साथ-साथ पौष्टिक भी हैं।
खासियत व स्वास्थ्य लाभ
1. मूंग दाल प्रोटीन से भरपूर होती है, जो शरीर को ताकत और ऊर्जा देती है।
2. यह लड्डू सॢदयों में शरीर को गर्माहट प्रदान करते हैं।
3. हल्के और पचने में आसान, इसलिए बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए उत्तम।
4. त्यौहारों और पूजा-अर्चना में बनाने के लिए एक बेहतरीन मिठाई।
आलू के गुलाब जामुन

एक स्वादिष्ट और अनोखी मिठाई, जो पारंपरिक गुलाब जामुन का नया रूप है। इसे आलू, मावा और सूजी से तैयार किया जाता है और चाशनी में भिगोकर परोसा जाता है।
सामग्री: उबले हुए आलू 3 (मध्यम आकार), मावा (खोया) 1 कप, सूजी 2 बड़े चम्मच, मैदा 2 बड़े चम्मच, बेकिंग सोडा 1 चुटकी, घी तलने के लिए।
चाशनी के लिए: चीनी 2 कप, पानी 2 कप, इलायची पाउडर ½ चम्मच, गुलाब जल 1 चम्मच, केसर के धागे 6-7 (वैकल्पिक)।
विधि: चाशनी तैयार करें: एक बर्तन में चीनी और पानी डालकर उबालें। इसमें इलायची पाउडर और गुलाबजल डालें (अगर चाहें तो केसर भी डाल सकते हैं)। 8-10 मिनट तक उबालकर एक तार की चाशनी तैयार करें। गैस बंद कर दें।
गुलाब जामुन का आटा तैयार करें: उबले आलू को छीलकर अच्छे से मैश करें। इसमें मावा, सूजी, मैदा और बेकिंग सोडा डालकर नरम आटा गूंध लें। आटा ज्यादा सख्त या चिपचिपा न हो, इसका ध्यान रखें।
गोलियां बनाएं: तैयार आटे से छोटे-छोटे नींबू के आकार की गोलियां बनाएं। ध्यान रहे
कि इनमें दरारें न हों।
तलना: एक कड़ाही में घी गरम करें और मध्यम आंच पर गोलियों को सुनहरा भूरा होने तक तलें। उन्हें निकालकर तुरंत गर्म चाशनी में डाल दें।
भिगोना और परोसना: गुलाब जामुन को कम से कम 1-2 घंटे चाशनी में भीगने दें।
गरमागरम या हल्के ठंडे परोसें।
विशेषता:
1.आलू से बने ये गुलाब जामुन बेहद मुलायम और स्वादिष्ट होते हैं।
2. यह पारंपरिक गुलाब जामुन का इनोवेटिव रूप है, जिसे त्यौहारों और विशेष अवसरों पर बनाकर सबको चौंकाया जा सकता है।
खोपरा पाक

नारियल से बनी यह पारंपरिक मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लंबे समय तक सुरक्षित भी रहती है। इसे विशेष रूप से त्यौहारों और शुभ अवसरों पर बनाया जाता है।
सामग्री: ताजा नारियल (कसा हुआ) 2 कप, मावा/ खोया 1 कप, चीनी 1) कप, दूध ) कप, घी 3-4 बड़े चम्मच, इलायची पाउडर) छोटा चम्मच, केसर कुछ धागे (वैकल्पिक), बादाम, काजू, पिस्ता ) कप (कटे हुए)।
विधि: नारियल की तैयारी: सबसे पहले ताजे नारियल को कद्दूकस करके हल्का-सा निचोड़ लें ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए।
चीनी की चाशनी: एक कड़ाही में चीनी और दूध डालकर 1 तार की चाशनी तैयार करें।
नारियल और मावा मिलाना: चाशनी में कसा हुआ नारियल और मावा डालकर अच्छे
से मिलाएं।
घी और मेवे: अब इसमें घी, इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं।
गाढ़ा करना: जब मिश्रण कड़ाही छोड़ने लगे और गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें।
सेट करना: मिश्रण को घी लगी थाली या ट्रे में डालकर समतल कर दें। ऊपर से केसर
और मेवे सजाएं।
कट करना: ठंडा होने पर मनचाहे आकार (वर्ग/हीरे) में काटकर निकालें।
परोसने का सुझाव
1. खोपरा पाक को एयरटाइट डिब्बे में रखकर कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
2. यह मिठाई त्यौहारों, उपवास या प्रसाद के लिए एकदम उत्तम है।
खासियत व स्वास्थ्य लाभ
1. नारियल शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है और पचने में हल्का होता है।
2.मावा और दूध से यह मिठाई प्रोटीन व कैल्शियम से भरपूर बनती है।
3. सूखे मेवे इसमें स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाते हैं। लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाली मिठाई,
जिसे कहीं भी ले जाया जा सकता है।
गोंद पाक

पारंपरिक, पौष्टिक और त्यौहारों के लिए उपयुक्त- मावा के साथ बना गोंद पाक।
सामग्री: गोंद 50 ग्राम, मावा/खोया 250 ग्राम, घी 6-8 टेबलस्पून (आवश्यकतानुसार), चीनी ङ कप (स्वादानुसार), पानी 3-4 टेबलस्पून (चाशनी के लिए), इलायची पाउडर ½ छोटा चम्मच, केसर कुछ धागे (वैकल्पिक, भिगोए हुए), कटे हुए मेवे (बादाम, पिस्ता, काजू ½ कप, दूध 1-2 टेबलस्पून (यदि
नरम जरूरत हो)।
विधि: गोंद तैयार करें: गोंद छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ें।
गोंद भूनना: कड़ाही में 2 टेबलस्पून घी गरम करें। गोंद डालकर धीमी आंच पर लगातार हिलाते हुए तब तक भूनें जब तक गोंद फूल कर क्रिस्प न हो जाए। गोंद निकाल कर ठंडा करें और हल्का कूट लें (थोड़ा-थोड़ा क्रम्ब जैसा)।
मावा भूनना: उसी पैन में 1-2 टेबलस्पून घी और मावा डालकर धीमी आंच पर 3-5 मिनट भूनें, जब तक मावा थोड़ा सुगंधित और हल्का सुनहरा न हो जाए।
चाशनी बनाना: अलग पैन में चीनी और 3-4 टेबलस्पून पानी डालकर मध्यम आंच
पर गरम करें। हल्की-सी एक तार तक की चाशनी तैयार करें।
मिक्स करना: भुना हुआ मावा पैन में रखें। चाशनी धीरे-धीरे मावा में डालते हुए लगातार मिलाएं। चाशनी मिला कर मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा होकर पैन के साइड छोड़ने न लगे।
गोंद और मेवे डालना: अब कुटा हुआ गोंद और कटे मेवे मिलाएं। इलायची पाउडर और केसर डालकर अच्छे से मिलाएं। जरूरत हो तो 1-2 टेबलस्पून घी डालें ताकि मिश्रण चिकना हो।
सेट करना: तैयार मिश्रण को घी लगी ट्रे या थाली में फैलाएं। ऊपर से मेवे सजाएं और हल्का-सा दबाएं। ठंडा होने पर मनचाहा आकार काटें या मोतियों/गुलकंद जैसे मोदक बनाएं।
परोसने के सुझाव
1. गोंद पाक को कमरे के तापमान पर परोसें।
2. ठंडा होने पर काटकर एयरटाइट डिब्बे में रखें।
3. 7-10 दिन तक फ्रिज में सुरक्षित रखा जा सकता है।
