रोटी बनाते समय ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
अगर आपकी रोटी हर बार सख्त बन जाती है तो इसके पीछे कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं।
Why Rotis become Hard: भारतीय थाली तब तक पूरी नहीं होती, जब तक उसमें रोटी शामिल ना हो। अमूमन लोग चाहे कोई भी सब्जी खाएं, लेकिन उसके साथ रोटी जरूर लेते हैं। यहां तक कि कुछ लोग तो चावल के साथ भी रोटी लेना पसंद करते हैं। अमूमन यह देखने में आता है कि अधिकतर लोग रोटी तो बनाते हैं, लेकिन कुछ वक्त बाद उनकी रोटी खाने में इतनी सख्त हो जाती है कि ऐसा लगे जैसे रबड़ चबा रहे हों। ऐसे में यह समझ ही नहीं आता है कि वास्तव में गलती कहां पर हो रही है।
हम सभी नरम व फूली हुई रोटी खाना पसंद करते हैं। लेकिन उसे बनाना काफी मुश्किल लगता है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। यकीन मानिए कि नरम और फूली हुई रोटी बनाना कोई बहुत मुश्किल काम नहीं है। बस आपको थोड़ा अधिक ध्यान देने और कुछ छोटे-छोटे टिप्स को फॉलो करने की जरूरत है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी वजह से आपकी रोटी हर बार सख्त बन सकती है-
बहुत सख्त आटा गूंथना
रोटी बनाते समय यह की जाने वाली सबसे पहली व बड़ी गलती है। अगर आप आटा सही तरह से नहीं गूंथती हैं तो इससे भी रोटियां अक्सर सख्त बन जाती हैं। अगर आपने आटे में कम पानी डाला और वो बहुत टाइट या सूखा गूंथ गया, तो समझ लो कि रोटी भी वैसी ही बनेगी, बिल्कुल सख्त व करारी। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि सख्त आटे में लचीलापन नहीं होता। ऐसे में जब आप उसे बेलते हो, तो वो फैलती नहीं है। इतना ही नहीं, रोटी में वह नमी भी नहीं रहती है। जिसकी वजह से रोटी एकदम सख्त बनती है। इसलिए, हमेशा आटा थोड़ा नरम गूंथो। इसे चेक करने के लिए आप आटा गूंथने के बाद उसे उंगली से दबाएं। अगर वह थोड़ा दब जाए, तो वह एकदम परफेक्ट गूंथा गया है।
आटे को रेस्ट ना करने देना

कुछ लोगों की आदत होती है कि वह आटा गूंथने के बाद तुरंत रोटी बेलना शुरू कर देते हैं। जबकि आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। इससे रोटी के सख्त बनने की संभावना बढ़़ जाती है। आपको यह पता होना चाहिए कि आटे को थोड़ा वक्त देने से उसमें ग्लूटेन बनता है, जिससे आटा नरम, लचीला और बेलने में आसान हो जाता है। इसलिए, आपको आटे को गूंथने के बाद उसे कम से कम 20-30 मिनट ढक कर रखो।
बेलते वक्त बहुत ज्यादा सूखा आटा डालना
रोटी बेलते समय हम सभी सूखे आटे का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अगर जरूरत से ज्यादा सूखे आटे का इस्तेमाल किया जाता है तो इससे रोटी काफी सूखी और सख्त बन जाती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि जब आप रोटी को सेंकती हैं तो इससे सूखा आटा जलता है। जिसकी वजह से रोटी की नमी भी साथ में उड़ जाती है। अंत में, आपको मुलायम रोटी की जगह सख्त व रूखी रोटी मिलती है। अगर आप रोटी बेलते समय सूखे आटे का इस्तेमाल कर रही हैं तो उसे बस इतना ही इस्तेमाल करें, जितना कि रोटी बेलते समय वह नहीं चिपके।
तवे का बहुत गरम या बहुत ठंडा होना

रोटी सेंकते समय अगर तवा बहुत गरम या बहुत ठंडा होता है तो इससे भी रोटी नरम व फूली हुई नहीं बनती है। यह एक ऐसी गलती हैं, जिससे हर किसी को बचना चाहिए। अगर तवा ठंडा होगा तो इससे रोटी सही तरह से नहीं फूलेगी और फिर वह रबर जैसी बन जाएगी। वहीं, अगर तवा बहुत गरम होगा तो इससे रोटी ऊपर से जल जाएगी लेकिन अंदर से कच्ची रह जाएगी। इसलिए, रोटी बनाते समय तवे को हमेशा मीडियम-हाई फ्लेम पर गरम करो। तवे को चेक करने के लिए थोड़ा पानी छिड़को। अगर यह झट से सिज़ल करे और उड़ जाए, तो समझ लीजिए कि तवा रेडी है।
रोटी को बार-बार पलटते रहना
रोटी सेंकते समय उसे पलटते रहना जरूरी होता है, लेकिन आपको उसे बार-बार पलटने की गलती नहीं करनी चाहिए। आपकी यह छोटी सी गलती रोटी को सख्त बना सकती है। दरअसल, बार-बार पलटने से रोटी को बराबर हीट नहीं मिलती और उसकी लेयर सख्त हो जाती हैं। इसलिए जब आप उसे सेंक रही हैं तो पहली साइड लगभग 20 सेकंड तकबबल्स आने तक सेंको। फिर रोटी को पलटो और दूसरी साइड से लगभग 25 सेकंड तक सेंको। फिर आप इसे आखिरी बार पलटो और थोड़ा हल्का सा दबाओ। ध्यान दें कि आपको इसे 2-3 बार से ज़्यादा पलटने की जरूरत नहीं होती है।
रोटी को बिना कपड़े के ढककर रखना

रोटी बनाने के बाद आप उसे किस तरह स्टोर करती है, यह भी बहुत अधिक मायने रखता है। इससे जुड़ी गलतियां आपकी रोटी को सख्त बना सकती है। अगर आप गरम रोटियां बस प्लेट में रखती जाती है या फिर उन्हें एक-दूसरे के ऊपर ऐसे ही रख देती हैं तो इससे उनके सख्त होने की संभावना बढ़ जाती है। दरअसल, खुली हवा में रोटी जल्दी सूख जाती है। वहीं अगर रोटियां सीधे एक-दूसरे पर रख दी जाती हैं, तो इससे भाप अटक जाती है और फिर रोटी नरम नहीं रहती है। इसलिए, जैसे ही रोटी बने, चाहो तो थोड़ा सा घी लगा लो और फिर सूती कपड़े या किचन टॉवल में लपेट दो। अंत में, इसे कैसरोल बॉक्स में रख दो। इससे रोटी नरम बनी रहती है।
