इस बार मकर संक्रांति पर बिना चाशनी और गुड़ के बनायें ये हेल्दी लड्डू
अगर आप भी शुगर बढ़ने के डर से अपने मन को मासोस कर रह जाते हैं तो चलिए आज हम आपको इसका एक इतना अच्छा ऑप्शन बता रहे हैं जिससे आप मन भर के तिल के लड्डू खा सकते हैं।
Laddu for Makar Sankranti: मकर संक्रांति आने में कुछ ही दिन बचे हैं। यह एक ऐसा त्योहार है जो देश के अधिकांश हिस्सों में मनाया जाता है।इस दिन खिचड़ी और तिल के लड्डू का ख़ास महत्व रहता है। इस दिन हर घर से आपको तिल और गुड़ के लड्डू की ख़ुशबू आ जाएगी। तिल और गुड़ से बने यह लड्डू बहुत ही स्वादिष्ट लगते हैं। हालाँकि, कुछ लोग मीठा खाने के डर से इन लड्डुओं का सेवन नहीं कर पाते हैं। अगर आप भी शुगर बढ़ने के डर से अपने मन को मासोस कर रह जाते हैं तो चलिए आज हम आपको इसका एक इतना अच्छा ऑप्शन बता रहे हैं जिससे आप मन भर के तिल के लड्डू खा सकते हैं। जी हाँ, आज हम तिल के लड्डू बिना गुड़ और चाशनी के बनाना बता रहे हैं। अगर आप यह सोच रहे हैं कि बिना गुड़ के लड्डू कैसे बन सकते हैं तो यहाँ गुड़ का काम करेंगे डेट्स जिनको डायबिटिक लोग भी खा सकते हैं। चलिए जानते हैं रेसिपी-
लड्डू बनाने के लिए सामग्री

- तिल- 250 ग्राम
- डेट्स- 250 ग्राम
- घी- 3 टी स्पून
- ड्राई फ्रूट्स- ¼ कप
लड्डू बनाने की विधि
- सबसे पहले तिल्ली को ड्राई रोस्ट कर लें। शुरू में गैस की फ्लेम हाई रखें फिर कम कर दें।
- थोड़ा ठंडा होने पर तिल को मिक्सर में पीस लें।
- डेट्स को थोड़ी देर के लिए पानी में भिगाकर रख दें।
- पैन में घी डालकर ड्राई फ्रूट्स को रोस्ट कर लें।
- इसी पैन में डेट्स डालकर उनको भी रोस्ट कर लें।
- इसमें पिसी हुई तिल मिलाएँ और ड्राई फ्रूट्स भी इसमें डाल दें।
- सभी चीज़ों को अच्छे से मिक्स कर लें।
- थोड़ा सा ठंडा होने पर हाथ में हल्का सा घी लगाकर इसके अपने पसंद के साइज के लड्डू बना लें।
- इन लड्डुओं को एयर टाइट डिब्बे में रखकर आप सात दिन तक इस्तेमाल कर सकते हैं।
तिल-खजूर के लड्डू के सेहत के लिए फ़ायदे
- तिल खराब कोलेस्ट्रॉल और उच्च ट्राइग्लिसराइड के लेवल को कंट्रोल करता है। यह बॉडी से टॉक्सिन को निकालने में मदद करता है और पाचन में सुधार करके कोलेस्ट्रॉल को मैनेज रखता है। डेट्स में भी फ़ाइबर होता है इसलिए यह भी पाचन के लिए अच्छा रहता है।
- तिल के लड्डू में हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करते हैं। डेट्स में कैल्शियम, मैग्निशियम और मैगनीज़ की भरपूर मात्रा होती है इसलिए हड्डियों को मज़बूती मिलती है।
- इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण के कारण तिल शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। डेट्स में विटामिन ए और जिंक पाया जाता है इसलिए यह भी इम्युनिटी बूस्टर का काम करता है।
- एक अध्यन में पाया गया है कि अगर डायबिटीज मरीज नियमित रूप से तिल के बीजों का सेवन करते हैं, उसमें सीरम ग्लूकोज, एचबीए1सी और इंसुलिन लेवल बहुत संतुलित रहता है।
तो, आप भी इस बार संक्रांति पर डेट्स और तिल के ये टेस्टी लड्डू ज़रूर बनाकर देखें। घर में सभी को ये लड्डू खूब पसंद आयेंगे।
