अलग है इस सहारा की कहानी, चट्टानों पर दिखी फोटोज, चौका देगा इसका खुलासा: Sahara Desert
सहारा के रेगिस्तान में कई चौंका देने वाली चीजे मिली हैं। आइए जानते हैं कुछ हैरान करने वाले खुलासे-
Sahara Desert Story: पुरातत्ववैज्ञानिकों को खोज के दौरान कई ऐसी आश्चर्यजनक चीजें मिल जाती हैं, जिसपर यकीन करना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसा ही कुछ पूर्वी सूडान में अटबाई रेगिस्तान में स्थित स्थलों की दीवारों पर पुरातत्वविदों को मिला है, जिस पर प्रागैतिहासिक रॉक कला की गई है। चट्टानों पर बनी यह कला उस क्षेत्र की एक ऐसी तस्वीर बनाती है, जो वर्तमान शुष्क क्षेत्रों से काफी ज्यादा अलग है। इस तस्वीर पर यकीन करना काफी ज्यादा मुश्किल है। रिसर्च में खुलासा किया गया है कि यह तस्वीर सिर्फ 4 हजार साल पुरानी हैं, लेकिन उस समय सहारा रेगिस्तान का चित्र काफी अलग था।
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क्या बयां करती है तस्वीर
चट्टानों पर मिली तस्वीरों से बयां होता है कि वर्तमान में जो एरिया शुष्क है, वह काफी हरी-भरी झाड़ियों से घिरी है। इस रेगिस्तार के चारों ओर पानी, चरागाहों और पशु जीवन से भरा हुआ था। आश्चर्य की बात यह है कि यह तस्वीर सिर्फ 4,000 वर्ष पुरानी है, जो यह संकेत देती है कि संभवतः सहारा रेगिस्तान तेजी से क्रांतिकारी बदलावों से गुजरा है।
16 रॉक कला स्थलों का है वर्णन
मैक्वेरी विश्वविद्यालय के पुरातत्वविदों द्वारा एक अध्ययन किया गया है, जिसमें उन्होंने सहारा रेगिस्तान के 16 रॉक कला स्थलों का वर्णन किया है। यह रॉक कला वाडी हल्फा के आसपास के रेगिस्तानों में मिले हैं। यह उत्तरी सूडान में मिस्र की सीमा के पास स्थित एक शहर है, जहां चित्रित अलग-अलग आकृतियां हैं। इन आकृतियों में शोधकर्ताओं ने हाथियों, मनुष्यों, मृगों और जिराफों के चित्रों की खोज की है।

पुरातत्वविदों के अनुसार, आकृतियों में मवेशी भी अक्सर दिखाई दिए हैं, जो अटबाई रेगिस्तान की रेगिस्तान में दिखना काफी हैरान करने वाली बात है।
बता दें कि वर्तमान में कई वर्षों से यहां बारिश नहीं हुई है, ऐसे में मवेशी का चरना यहां असंभव है। इसके विपरीत रॉक कला से बता चलता है कि 3000 ईसा पूर्व में यहां पशुपालन करना काफी सामान्य था।
