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Summary: ‘सरज़मीन’ ट्रेलर रिलीज़: परिवार, फर्ज़ और फासलों की भावनात्मक कहानी

काजोल, पृथ्वीराज और इब्राहिम अली खान स्टारर फिल्म ‘सरज़मीन’ का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। कश्मीर की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म देशभक्ति और पारिवारिक रिश्तों के बीच के टकराव को दर्शाती है।

Sarzameen Trailer Released: फिल्म ‘सरज़मीन’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज़ हो गया है। इस फिल्म में काजोल, पृथ्वीराज सुकुमारन और सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। धर्मा प्रोडक्शंस और स्टार स्टूडियोज द्वारा समर्थित यह फिल्म देशभक्ति, पारिवारिक रिश्तों और भावनात्मक उलझनों से भरी हुई है। फिल्म का निर्देशन बोमन ईरानी के बेटे कायोज़े ईरानी ने किया है।

‘सरज़मीन’ की कहानी जम्मू और कश्मीर की वादियों में बुनी गई है, जहां एक परिवार देश के प्रति अपने कर्तव्य और आपसी प्रेम के बीच फंसा हुआ दिखता है। पृथ्वीराज सुकुमारन एक सख्त और ईमानदार आर्मी ऑफिसर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि इब्राहिम उनके बेटे के रूप में नजर आएंगे, जो परिस्थितियों के चलते उग्रवादियों से जुड़ जाता है।

फिल्म में काजोल एक पत्नी और मां के रूप में भावनात्मक संघर्ष से गुजरती नजर आएंगी। एक ओर उनका पति देश की रक्षा कर रहा है, तो दूसरी ओर उनका बेटा विरोध की राह पर चल पड़ा है। ट्रेलर में काजोल की आंखों में वो दर्द और मजबूरी साफ दिखती है जो किसी भी मां के दिल को झकझोर सकती है।

‘सरज़मीन’ को 25 जुलाई को जियोहॉटस्टार पर रिलीज किया जाएगा। देशभक्ति के रंग में रंगी यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बड़े स्तर पर दर्शकों तक पहुंचेगी। फिल्म के ट्रेलर ने पहले ही दर्शकों में काफी उत्सुकता पैदा कर दी है।

इब्राहिम अली खान की यह दूसरी फिल्म है। इससे पहले वह ‘नादानियाँ’ में खुशी कपूर के साथ नजर आए थे, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी। उस फिल्म को आलोचकों और दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। अब ‘सरज़मीन’ में उनकी भूमिका काफी चुनौतीपूर्ण और गंभीर नजर आ रही है। फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में इब्राहिम ने कहा था, “सोशल मीडिया इस समय एक नफरत से भरी दुनिया बन चुका है। ‘नादानियाँ’ को लेकर लोगों की बहुत ऊँची उम्मीदें थीं, लेकिन वो फिल्म एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी थी, जिसे आराम से वीकेंड पर देखा जाना चाहिए था।”

इससे पहले काजोल हाल ही में हॉरर फिल्म ‘मां’ में नजर आई थीं, जो 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। उस फिल्म में भी काजोल ने एक मां की भूमिका निभाई थी, लेकिन ‘सरज़मीन’ में उनका किरदार ज्यादा जटिल और संवेदनशील नजर आ रहा है।

‘सरज़मीन’ एक ऐसी फिल्म लग रही है जो सिर्फ एक देशभक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि परिवार, रिश्तों और व्यक्तिगत संघर्षों की भी एक भावनात्मक यात्रा है। पृथ्वीराज की गंभीरता, काजोल का दर्द और इब्राहिम की नई कोशिश इस फिल्म को जरूर देखने लायक बनाते हैं।

राधिका शर्मा को प्रिंट मीडिया, प्रूफ रीडिंग और अनुवाद कार्यों में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। हिंदी और अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ रखती हैं। लेखन और पेंटिंग में गहरी रुचि है। लाइफस्टाइल, हेल्थ, कुकिंग, धर्म और महिला विषयों पर काम...