Prithviraj Sukumaran/Kajol
Prithviraj Sukumaran/Kajol

Summary: काजोल के साथ दोबारा काम करना चाहते हैं पृथ्वीराज

फिल्म "सरज़मीन" की ओटीटी पर रिलीज़ के साथ ही पृथ्वीराज सुकुमारन और काजोल की जोड़ी चर्चा का विषय बन गई है। पृथ्वीराज ने काजोल की सहज अभिनय क्षमता की तुलना मलयालम सिनेमा के महान अभिनेता मोहनलाल से की। उन्होंने बताया कि काजोल की एनर्जी सेट पर सभी को प्रेरित करती है।

Kajol Comparison with Mohanlal: 25 जुलाई को रिलीज़ हुई फिल्म “सरज़मीन” ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आते ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस फिल्म में दक्षिण भारतीय सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ काजोल और इब्राहिम अली खान मुख्य भूमिका में हैं। लेकिन फिल्म की कहानी से इतर जो चर्चा में रहा, वह है पृथ्वीराज का काजोल की एक्टिंग की तुलना मलयालम सिनेमा के महानायक मोहनलाल से करना। हाल में दिए एक इंटरव्यू में पृथ्वीराज ने काजोल की तारीफ़ों के पुल बांध दिए हैं। 

फिल्म “सरज़मीन” के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में पृथ्वीराज ने काजोल की तारीफों के पुल बांध दिए। उन्होंने कहा, “काजोल वाकई एक बेमिसाल कलाकार हैं। वह उन दुर्लभ कलाकारों में से हैं जो बिना किसी भारी-भरकम रिहर्सल के एक भावनात्मक दृश्य को बेहद ही सहजता के साथ कर देती हैं।” पृथ्वीराज ने काजोल की इस सहजता की तुलना मोहनलाल से की। उन्होंने कहा, “मोहनलाल सर के साथ अगर आप 5 टेक लेते हैं, तो हर टेक एकदम अलग मिलेगा। काजोल भी वैसी ही हैं, इंस्टिंक्ट से एक्टिंग करने वाली आर्टिस्ट।”

पृथ्वीराज ने न सिर्फ उनकी एक्टिंग की तारीफ की बल्कि यह भी बताया कि काजोल की मौजूदगी सेट पर किसी कैफीन की डोज़ जैसी होती है। वह सिर्फ कैमरे के सामने नहीं, बल्कि पूरे माहौल में एनर्जी ले आती हैं। उनके साथ काम करना सिर्फ अभिनय का अनुभव नहीं, बल्कि एक मजेदार यात्रा बन जाती है। पृथ्वीराज ने बताया कि एक इमोशनल सीन की शूटिंग के दौरान, जहां काजोल को कहना था, “जितना भी कोई बेटा अपनी मां से प्यार करे, वो अंत में अपने पिता जैसा ही बनता है,” वहां दोनों एक्टर्स की हंसी छूट गई और निर्देशक कायोज़े ईरानी को कई टेक की कोशिश करनी पड़ी।

इस खूबसूरत अनुभव के बाद पृथ्वीराज ने यह भी कहा कि वह भविष्य में काजोल के साथ दोबारा काम करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, “मैं काफी समय से काजोल के टैलेंट की प्रशंसा करता आया हूं। अब जब साथ काम करने का मौका मिला है, तो और भी यकीन हो गया है कि वह बेहतरीन कलाकार ही नहीं, एक खूबसूरत इंसान भी हैं।”

बमन ईरानी के बेटे कायोज़े ईरानी द्वारा निर्देशित फिल्म “सरज़मीन” एक इमोशनल ड्रामा है, जो मां-बेटे के रिश्ते, पहचान और सामाजिक मूल्य से जुड़ी कई परतों को छूती है। इसमें आमिर खान निर्माता के रूप में जुड़े हैं। आमिर के बारे में पृथ्वीराज ने कहा, “आमिर सर सिनेमा की सीमाओं को लगातार तोड़ते रहते हैं। उनकी जिज्ञासा और नए प्रयोग करने की आदत वाकई प्रेरणादायक है।” इस फिल्म के जरिए इब्राहिम अली खान ने भी बॉलीवुड में पहला कदम रखा है। पृथ्वीराज और काजोल जैसे दो अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना उनके लिए भी एक बेहतरीन लॉन्च साबित हुआ है।

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...