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Child Movie OTT: आजकल ओटीटी प्‍लेटफॉर्म पर मनोरंजन के लिए कंटेंट की कमी नहीं है। लेकिन इस कंटेंट में बच्‍चों के लिए ऐसा कुछ ढूँढना जो उन्‍हें न सिर्फ मनोरंजन दे बल्कि कुछ सीख भी दे काफी मुश्किल है। ओटीटी पर वैसे तो बच्‍चों के लिए भी कंटेंट की कमी नहीं है। लेकिन अगर आप उन पेरेंट्स में से हैं जो अपने बच्‍चों को फिल्‍मों के जरिए कुछ सिखाने की चाह रखते हैं या काम की वजह से व्‍यस्‍त रहते हैं और ऐसा कंटेंट चाहते हैं जिसे बच्‍चे अकेले देख सकें। तो आपके लिए डिज्‍नी प्‍ल्‍स हॉट स्‍टार से नेटफ्लिक्स पर कई ऐसी फिल्‍में मौजूद हैं जो बच्‍चों को कुछ सीख देती हैं। यही नहीं अगर आपके पास समय नहीं है तो आप बिना किसी टेंशन के ये फिल्‍में लगाकर बच्‍चों को अकेले भी देखने दे सकते हैं। हम आपको ऐसी ही कुछ फिल्‍मों के बारे में बताते हैं जो आप ओटीटी पर अपने बच्‍चों को दिखा सकते हैं।

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ऐसा शायद ही कोई हो जिसे कभी किसी चीज का डर न रहा हो। बचपन ये डर कुछ ज्‍यादा ही होते हैं। कभी भूत का डर, कभी डरावनी आवाजों का डर, कभी कीडे मकोडों का डर तो कभी अंधेरे में डर। बच्‍चों को उनके डर से निकालने के लिए पेरेंट्स बहुत कोशिश करते हैं जिसमें कई बार वे कामयाब रहते हैं कई बार बच्‍चों के इन डरों से परेशान हो जाते हैं। ओरॉयन एंड द डार्क एक ऐसी फिल्‍म है जो बच्‍चों के साथ पेरेंट्स को भी देखनी चाहिए। दुनिया की हर चीज से डरने वाला ओरायन अंधेरे के साथ दोस्‍ती होने पर अपने नजरिए में बदलाव लाता है। ये फिल्‍म बच्‍चों को सिखाती है कि अपने डर से निपटने के लिए उन्‍हें ही कोशिश करनी होगी और अगर वे कोशिश करेंगे तो वे डर पर काबू पा सकते हैं। ये फिल्‍म नेटफ्लिक्‍स पर मौजूद है और अगर आपने अब तक ये फिल्‍म नहीं देखी तो अपने बच्‍चों के साथ जरूर देखें।

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टीनएज में शरीर में होने वाले बदलावों को कुछ अलग अंदाज में टर्निंग रेड में दिखाया गया है। इस फिल्‍म की कहानी है एक टीनएज लड़की की। जो अपनी मां को खुश करने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहती है। टीनएज में होने वाले बदलाव, अहसास और दोस्‍तों के साथ अपनी उम्र के बच्‍चों जैसे काम करने का मन होने पर भी वो मां की खातिर नजरअंदाज करती है। उसकी फैमिली में सभी महिलाओं को टीनएज में एक और बदलाव का सामना करना पडता रहा है। वो एक्‍सट्रीम इमोशंस होने पर पांडा में बदल जाती हैं। इसके साथ भी ऐसा होता है तो ये अपने परिवार और दोस्‍तों को खुद से दूर कर देती है। टीएनएज में इमोशंस पर कंट्रोल कर अपनी लाइफ को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं ये इस फिल्‍म में बखूबी दिखाया गया है। ये फिल्‍म डिज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार पर मौजूद है।

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डिज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार पर मौजूद इस फिल्‍म को घर के बडों को भी देखना चाहिए। इस फिल्म में हमारे आस पास के पेड़-पौधे, छोटे-छोटे कीट पतंगों और प्रकृति की छोटी से छोटी चीज की अहमियत को दिखाया गया है। हमारी जिंदगी, धरती व पर्यावरण में इनका कितना बड़ा योगदान है इसे कहानी में दिखाने का प्रयास किया गया है। एक बेहद ही अनूठी और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देने वाली रोमांचक कहानी ‘एपिक’ में मिलेगी।

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अमेजन प्राइम पर मौजूद ‘अप’ किसी के जाने के बाद अपने जीवन में कैसे आगे बढें। ये फिल्‍म सिर्फ बच्‍चों के लिए ही नहीं है बल्कि बड़ों को भी जीवन जीने की सीख देती है। इस फिल्‍म में कार्ल नाम के एक बुजुर्ग की कहानी दिखाई गई है। जिसकी पत्‍नी दुनिया की मृत्‍यु हो चुकी है। वो अपनी पत्‍नी की यादों के साथ उन कामों को करने के लिए निकलता है जो वो उसके साथ करना चाहता था। इस यात्रा के दौरान उसे काफी मुश्किलें आती हैं। इससे ये सीख भी मिलती है कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं आप दृढ निश्‍चय से किसी भी उम्र में कुछ भी कर सकते हैं।

inside out
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‘इनसाइड आउट’ बच्‍चों को इमोशंस समझने में मदद करने वाली फिल्‍म है। इस फिल्‍म में 11 साल की रिले की कहानी दिखाई गई है। रिले की आंतरिक भावनाओं को पात्रों के रूप में दिखाया गया है। ख़ुशी, दुःख, गुस्सा, डर और घृणा जैसी भावनाओं को समझकर उन्‍हें सही रूप में अपने व्‍यवहार में दिखाना फिल्‍म का सार है। अगर निगेटिव भावनाओं पर ध्‍यान रहेगा तो व्‍यवहार में वो ही झलकने लगेगा। मन में मौजूद भावनाओं से कैसे हमारा व्यवहार निर्धारित होता है यही फिल्‍म में दिखाया गया है। ये फिल्‍म डिज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार पर मौजूद है। 

निशा सिंह एक पत्रकार और लेखक हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिलेमें हुआ। दिल्‍ली और जयपुर में सीएनबीसी, टाइस ऑफ इंडिया और दैनिक भास्‍कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्‍थानों के साथ काम करने के साथ-साथ लिखने के शौक को हमेशा जिंदा...