Summary: अश्लील कंटेंट पर सख्त सरकार, ALTT और ULLU समेत 25 ऐप बैन:
पिछले कुछ सालों में लोग टीवी से ज़्यादा ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसे ऐप्स पर फिल्में और वेब सीरीज़ देखना पसंद करने लगे हैं। लेकिन कुछ प्लेटफॉर्म्स ने इस आज़ादी का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने ऐसे शो दिखाने शुरू कर दिए जो बहुत ही अश्लील थे। इनपर अब सरकार ने बैन लगा दिया है।
Government Bans OTT Platforms: पिछले कुछ सालों में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग अब टीवी से ज्यादा मोबाइल और लैपटॉप पर वेब सीरीज़ और फिल्में देखना पसंद करते हैं। लेकिन इस डिजिटल दुनिया के साथ कुछ प्लेटफॉर्म्स ने इसका गलत फायदा उठाना शुरू कर दिया। कई ओटीटी ऐप्स और वेबसाइट्स पर ऐसे शो और वीडियो दिखाए जा रहे थे जो पूरी तरह से अश्लील थे। ऐसे कंटेंट पर बच्चों और युवाओं का ध्यान जाना सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया था। इसी के चलते भारत सरकार ने अब इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
इंडिया में कौन-कौन से ऐप्स हुए बैन?
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 25 ऐसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और उनके मोबाइल ऐप्स पर रोक लगा दी है जो लगातार गंदी और अश्लील कंटेंट दिखा रहे थे। यह बैन इन प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट और मोबाइल ऐप दोनों पर लगाया गया है, ताकि लोग किसी भी माध्यम से इन तक न पहुंच सकें। इन प्लेटफॉर्म्स में उल्लू, एल्ट बालाजी, देसीफ्लिक्स, बिग शॉट्स, प्राइम प्ले, हंटर्स, ड्रीम फिल्म्स, रंगीन और नियोनएक्स वीआईपी जैसे नाम शामिल हैं।
ओटीटी प्लेटफार्म को लेकर सरकार ने ये फैसला क्यों लिया?
इन प्लेटफॉर्म्स पर लंबे समय से अश्लील और भद्दे कंटेंट की शिकायतें आ रही थीं। सरकार ने पहले इन्हें चेतावनी दी थी कि वे भारतीय कानूनों के अनुसार काम करें। लेकिन इन ऐप्स ने न तो दिशा-निर्देशों का पालन किया, और न ही कंटेंट में बदलाव किया। उल्टा, ये हर हफ्ते नए बोल्ड शो लाते रहे। इसके चलते सरकार को मजबूर होकर यह सख्त फैसला लेना पड़ा।
ये अश्लील ऐप्स कहां से डाउनलोड होते थे?
एक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से अधिकतर ऐप्स गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं थे। लोग इन्हें थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स, वेबसाइट्स या सीधे लिंक के जरिए डाउनलोड करते थे। इसके अलावा ये प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया जैसे इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टेलीग्राम पर बोल्ड सीन के क्लिप्स डालकर प्रमोशन करते थे, जिससे इनका अश्लील कंटेंट बहुत जल्दी वायरल हो जाता था। आपको बता दें कि सरकार इस दिशा में भी तैयारी कर रही है कि जल्द ही ऐसा सिस्टम बनाया जाए, जिसके तहत ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को पहले से सर्टिफिकेट दिया जाएगाजिसमें ये तय होगा कि वे किस तरह का कंटेंट अपलोड कर सकते हैं और किस तरह के कंटेंट की अनुमति नहीं होगी।
सरकार ने पहले क्या किया था?

सरकार ने इन ऐप्स को पहले भी कई बार नोटिस और एडवाइजरी जारी की थी। उन्हें साफ-साफ कहा गया था कि वे नियमों के अनुसार कंटेंट दिखाएं, वरना कार्रवाई होगी। लेकिन जब इन कंपनियों ने बार-बार नियमों की अनदेखी की, तो अंत में सरकार को इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को निर्देश देना पड़ा कि वे इन ऐप्स और वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दें। हालांकि सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स को बैन कर दिया है, लेकिन कुछ ऐप्स अब भी प्रॉक्सी साइट्स या नए नामों से वापसी की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में यूज़र्स को भी सतर्क रहना होगा।
